घर खरीदने के लिए भी निकाल सकेंगे पीएफ के पैसे, बनवा लें EMI
केन्द्र सरकार के 4 करोड़ से भी अधिक प्रोविडेंट फंड खाताधारक अब अपने सपनों का घर खरीदने के लिए अपने पीएफ के पैसों का इस्तेमाल कर सकेंगे।
नई दिल्ली। सरकार की तरफ से ईपीएफओ के नियमों के कुछ संशोधन किए गए हैं। इन संशोधनों की वजह से केन्द्र सरकार के 4 करोड़ से भी अधिक कर्मचारियों को बड़ा फायदा होगा। आइए जानते हैं क्या होगा इससे फायदा। ये भी पढ़ें- जल्द ही बढ़ेगी केन्द्रीय कर्मचारियों की सैलरी और एचआरए!

घर बनाने के लिए पीएफ का पैसे

कितने पैसे निकाल सकेंगे?
केन्द्र सरकार के कर्मचारी अपने पीएफ अकाउंट से घर खरीदने के लिए 90 फीसदी तक की पीएफ राशि निकाल सकेंगे। एक वरिष्ठ अधिकारी ने बताया कि ईपीएफ स्कीम 1952 के 68 बीडी में एक नया पैराग्राफ जोड़ा गया है, जिससे ईपीएफ अकाउंट के पैसों से पीएफ खाताधारक अपने लिए घर खरीद सकते हैं। ये भी पढ़ें- आप भी हैं जियो के ग्राहक, तो ये पढ़कर आपको होगा अफसोस!

पूरी करनी होगी ये शर्त
नए नियमों के मुताबिक कम से कम 10 पीएफ खाताधारकों को मिलकर एक को-ऑपरेटिव सोसाइटी बनानी होगी, तभी जाकर वह घर खरीदने या फिर घर बनवाने या फिर घर के लिए जमीन खरीदने के लिए अपने पीएफ अकाउंट से पैसे निकाल सकेंगे। इसके अलावा पीएफ फंड में कम से कम 3 साल तक पैसे जमा करना जरूरी है, तभी आप पैसे निकाल सकेंगे। ये भी पढ़ें- ये है धांसू ऑफर, BSNL लाया रिलायंस जियो से भी सस्ता प्लान

सिर्फ एक बार मिलेगी ये सुविधा
माना जाता है कि अधिकतर व्यक्ति जीवन में एक ही बार घर बनवाते हैं, ऐसे में यह नियम भी कुछ इसी बात पर आधारित है। इसके अनुसार यह सुविधा किसी सदस्य को सिर्फ एक बार ही मिल सकती है। अगर कोई शख्स एक से अधिक घर बनवाता है या फिर एक से अधिक बार यह सुविधा लेना चाहता है तो उसे यह सुविधा दोबारा नहीं मिल पाएगी। ये भी पढ़ें- एयरटेल लाया दो नए धांसू प्लान, ग्राहकों को मिलेगा बड़ा फायदा

खाते में होने चाहिए 20 हजार रुपए
सब्सक्राइबर के खाते में कम से कम 20 हजार रुपए होने जरूरी हैं, तभी जाकर आप इस नियम के तहत घर खरीदने के लिए पीएफ अकाउंट में जमा पैसों का इस्तेमाल कर सकेंगे। अगर पति-पत्नी दोनों ही ईपीएफ सदस्य हैं, तो दोनों के खातों में मिलाकर कम से कम 20 हजार रुपए होने जरूरी हैं। ये भी पढ़ें- उदय एक्सप्रेस की 12 बातें, 3एसी से कम किराया, हर कोच में TV

12 फीसदी निवेश करता है हर कर्मचारी
माना जाता है कि अधिकतर कर्मचारी अपनी जिंदगी किराए के मकान में ही काट देते हैं और सेवानिवृत होने के बाद जो राशि उन्हें मिलती है, उससे वह अपने लिए घर खरीदते हैं। फिलहाल ईपीएफओ के दायरे में आने वाले सभी कर्मचारी अपनी सैलरी का 12 फीसदी भविष्य निधि में निवेश करते हैं। इसमें मूल वेतन के अलावा महंगाई भत्ता शामिल होता है। ये भी पढ़ें- 499 रुपए में रेडमी नोट-4, ऑर्डर करने से पहले पढ़ लें ये खबर












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