मूंग की खेती : मिट्टी में नाइट्रोजन नियंत्रित करने वाली फसल, उपजाऊ बनती है जमीन
पंजाब में मूंग की खेती बड़े पैमाने पर होती है। किसानों को प्रोत्साहित करने के लिए केंद्र सरकार मूल्य समर्थन योजना लागू करेगी। जानिए विवरण
चंडीगढ़, 22 मई : मूंग की खेती से मिट्टी में नाइट्रोजन की मात्रा नियंत्रित करने में मदद मिलती है। इस साल पंजाब में 24 हजार एकड़ से अधिक जमीन पर मूंग की रोपाई की गई है। पंजाब के कृषि विभाग के मुताबिक मानसा जिले में सबसे अधिक मूंग की रोपाई हुई। जिले की 25,000 एकड़ जमीन पर मूंग की बुआई हुई।

पंजाब में बड़े पैमाने पर बोई जा रही मूंग को देखते हुए केंद्र सरकार ने कहा है कि पंजाब में मूंग की फसल की खरीद के लिए मूल्य समर्थन योजना लागू की जाएगी। भारत सरकार ने पंजाब को पत्र के माध्यम से बताया है कि रबी सीजन 2021-22 के लिए 4,585 मीट्रिक टन ग्रीष्मकालीन मूंग, दलहन की खरीद के लिए मूल्य समर्थन योजना को लागू करने की मंजूरी दे दी गई है। पंजाब में मूंग की रोपाई पर एक नजर-
- पंजाब के मोगा में 12,750 एकड़
- लुधियाना में 10,750 एकड़
- बठिंडा में 9,500 एकड़
- श्री मुक्तसर साहिब में 8,750 एकड़
उपजाऊ बनती है जमीन
मूंग की खेती के संबंध में पंजाब के कृषि निदेशक गुरविंदर सिंह बताते हैं कि 'मूंग' फसल में दलहनी फसल के जड़ क्षेत्र में नाइट्रोजन-फिक्सिंग नोड्यूल होते हैं। नाइट्रोजन-फिक्सिंग नोड्यूल की मौजूदगी से मिट्टी में नाइट्रोजन को ठीक करने में मदद मिलती है। नाइट्रोजन से जमीन की उर्वरा शक्ति बढ़ती है, यानी फसल पैदा होने की क्षमता में सुधार होता है। गुरविंदर बताते हैं कि मूंग की उपज कम होने पर भी नाइट्रोजन स्थिरीकरण का लाभ अगली फसल को मिलता है। अगली फसल के लिए यूरिया की खपत अनुशंसित खुराक की तुलना में प्रति एकड़ 25-30 किलोग्राम तक कम हो जाती है।
खरीद की तारीख राज्य तय करेगा
मूंग के लिए केंद्र सरकार की प्राइस सपोर्ट स्कीम के बारे में पंजाब के मुख्यमंत्री कार्यालय (CMO Punjab) ने बताया, मूंग खरीद की तारीख राज्य तय करेगा। खरीद की अवधि मूंग की खरीद शुरू होने के दिन से 90 दिनों की होगी। CMO Punjab के प्रवक्ता ने कहा, केंद्रीय नोडल एजेंसी दलहन की खरीद शुरू होने से पहले वैज्ञानिक भंडारण स्थान की उपलब्धता की पुष्टि भी करेगा। पंजाब सरकार स्वीकृत मात्रा की खरीद लागत का कम से कम 15 प्रतिशत के बराबर एक रिवॉलविंग फंड देगी। सरकार सुनिश्चित करेगी कि खरीद के तीन दिनों के भीतर भुगतान हो और राशि सीधे किसानों के बैंक खातों में जमा हो।
पंजाब में 'मूंग' उत्पादन बढ़ने की संभावना
पंजाब में ग्रीष्मकालीन 'मूंग' 65 दिनों की फसल है। एक अनुमान के मुताबिक एक एकड़ में लगभग पांच क्विंटल मूंग पैदा होती है। बिना पॉलिश वाले मूंग का न्यूनतम समर्थन मूल्य (एमएसपी) 7,275 रुपये प्रति क्विंटल है। हालांकि, आम तौर पर बाजार में मूंग की कीमतें इससे भी अधिक होती है। भारत के घरेलू बाजार में मूंग की अच्छी डिमांड है। घरेलू खपत के लिए हर साल 'मूंग' का आयात भी करना पड़ता है। ऐसे में यदि पंजाब के किसानों को केंद्र की ओर से मूल्य समर्थन योजना के तहत प्रोत्साहित किया जाता है, तो पंजाब में 'मूंग' का उत्पादन कई गुना बढ़ाया जा सकता है।
-
ICC के चाबुक से घायल हुए अर्शदीप सिंह, जीत के नशे में चूर सरदारजी को मिली कड़ी सजा -
IND vs NZ: 'वह मैदान पर मेरे साथ थी', ईशान किशन जिस बहन पर छिड़कते थे जान, उसकी मौत से घर में पसरा सन्नाटा -
जश्न या अश्लीलता? हार्दिक पांड्या की इस हरकत पर फूटा फैंस का गुस्सा, सोशल मीडिया पर लगा 'छपरी' का टैग -
Ladli Behna Yojana: अप्रैल में कब आएंगे 1500 रुपये? जानें किस तारीख को आएगी अगली किस्त -
Ishan Kishan ने आंसुओं को दबाकर फहराया तिरंगा, घर से आई दो मौतों की खबर फिर भी नहीं हारी हिम्मत, जज्बे को सलाम -
T20 World Cup 2026: धोनी के 'कोच साहब' कहने पर गंभीर ने दिया ऐसा जवाब, लोग रह गए हैरान, जानें क्या कहा? -
LPG Gas Booking Number: इंडेन, भारत गैस और HP गैस सिलेंडर कैसे बुक करें? जानें सरकार की नई गाइडलाइन -
Weather Delhi NCR: दिल्ली में मौसम का डबल अटैक! अगले 72 घंटों में आने वाला है नया संकट, IMD का अलर्ट -
Mojtaba Khamenei Wife: ईरानी नए नेता की बीवी कौन? 10वीं के बाद बनीं दुल्हन-निकाह में दी ये चीजें, कितने बच्चे? -
रमजान के महीने में मुस्लिम पत्नी की दुआ हुई कबूल, हिंदू क्रिकेटर बना चैम्पियन, आखिर कौन है यह महिला -
कौन थीं Ishan Kishan की बहन वैष्णवी सिंह? खुद के दम पर बनाई थी अपनी पहचान, करती थी ये काम -
MP CM Kisan Kalyan Yojana: किसानों का बढ़ रहा इंतजार, कब आएगी सीएम किसान कल्याण योजना की 14वीं किस्त?












Click it and Unblock the Notifications