No Confidence Motion Row: अविश्वास प्रस्ताव पर भड़के अनुराग ठाकुर, 'विपक्ष बस आरोप लगा रहा, कोई तथ्य नहीं दिए'
No Confidence Motion Row: लोकसभा स्पीकर ओम बिरला के खिलाफ विपक्ष द्वारा लाए गए अविश्वास प्रस्ताव को लेकर संसद की सियासत गरमा गई है। इस मुद्दे पर भारतीय जनता पार्टी (BJP) के सांसद अनुराग ठाकुर ने विपक्ष पर तीखा हमला बोला है। उन्होंने कहा कि विपक्ष अपने आरोपों के समर्थन में कोई ठोस तर्क, तथ्य या आधार पेश करने में पूरी तरह विफल रहा है।
मीडिया से बातचीत के दौरान अनुराग ठाकुर ने कहा कि लोकसभा स्पीकर के खिलाफ अविश्वास प्रस्ताव लाना विपक्ष का राजनीतिक कदम है, लेकिन इसके पीछे कोई मजबूत कारण नजर नहीं आता। उन्होंने आरोप लगाया कि विपक्ष सदन में गंभीर चर्चा करने के बजाय राजनीतिक माहौल बनाने की कोशिश कर रहा है।

No Confidence Motion Row: अनुराग ठाकुर ने कांग्रेस पर साधा निशाना
बीजेपी सांसद अनुराग ठाकुर ने कहा, 'लोकसभा स्पीकर के खिलाफ अविश्वास प्रस्ताव लेकर आए हैं। अब तक की चर्चा में विपक्ष अपने दावों के समर्थन में कोई ठोस तर्क, तथ्य या आधार पेश नहीं कर पाया है। इसके बजाय सदन में उनका आचरण ही अनुचित रहा है।' उन्होंने आगे कहा कि संसद देश की सर्वोच्च लोकतांत्रिक संस्था है और यहां सभी जनप्रतिनिधियों से गरिमापूर्ण व्यवहार की अपेक्षा की जाती है। ठाकुर के मुताबिक विपक्ष का हालिया व्यवहार न केवल निर्वाचित प्रतिनिधियों के लिए अनुचित है, बल्कि यह संसदीय परंपराओं और मर्यादाओं का भी उल्लंघन करता है।
No Confidence Motion: विपक्षी दलों ने स्पीकर पर लगाए पक्षपात के आरोप
दरअसल, विपक्षी दलों ने लोकसभा स्पीकर ओम बिरला के कामकाज और सदन के संचालन को लेकर सवाल उठाते हुए उनके खिलाफ अविश्वास प्रस्ताव पेश किया है। विपक्ष का आरोप है कि सदन की कार्यवाही के दौरान उन्हें पर्याप्त अवसर नहीं दिया जा रहा और सरकार के पक्ष में पक्षपातपूर्ण रवैया अपनाया जा रहा है। हालांकि, बीजेपी और एनडीए के अन्य सहयोगी दलों ने इन आरोपों को खारिज कर दिया है। उनका कहना है कि स्पीकर ने हमेशा संसदीय नियमों और परंपराओं के अनुसार ही सदन का संचालन किया है।
इस मुद्दे को लेकर संसद में आने वाले दिनों में और राजनीतिक बहस देखने को मिल सकती है। पीठासीन अधिकारी ने इस पर बहस के लिए 10 घंटे का समय निर्धारित किया है। यह विवाद संसद के भीतर सत्ता पक्ष और विपक्ष के बीच बढ़ते टकराव को भी दर्शाता है। फिलहाल लोकसभा स्पीकर के खिलाफ लाए गए इस अविश्वास प्रस्ताव पर सियासी बयानबाजी तेज हो गई है और दोनों पक्ष अपने-अपने तर्कों के साथ सामने आ रहे हैं।












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