उद्धव ठाकरे को एक और बड़ा झटका, अब ठाणे के 66 पार्षदों ने थामा एकनाथ शिंदे का हाथ
मुंबई, 07 जुलाई। महाराष्ट्र के पूर्व मुख्यमंत्री उद्धव ठाकरे की मुश्किलें कम होने का नाम नहीं ले रही हैं। पहले मुख्यमंत्री की कुर्सी गई, फिर पार्टी के विधायकों का साथ छूटा और अब बड़ी संख्या में पार्षदों का भी साथ छूट रहा है। सूत्रों के अनुसार शिवसेना के 66 बागी पार्षदों ने महाराष्ट्र के नए मुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे से मुलाकात की है। बुधवार रात को यह मुलाकात एकनाथ शिंदे के घर पर हुई है। गौर करने वाली बात है कि शिवसेना के थाणे में कुल 67 पार्षद हैं, जिसमे से 66 पार्षदों ने एकनाथ शिंदे से बीती रात मुलाकात की है। ऐसे में उद्धव ठाकरे का इन 66 थाणे म्युनिसिपल कॉर्पोरेशन के पार्षदों से नियंत्रण खत्म होता नजर आ रहा है।

सबसे अहम माना जाता है थाणे निकाय
ठाणे म्युनिसिपल कॉर्पोरेशन बीएमसी का सबसे अहम निकाय है। ऐसे में इस निकाय के पार्षदों का एकनाथ शिंदे के साथ जाना उद्धव ठाकरे के लिए बड़ा झटका माना जा रहा है। जिस तरह से 29 जून को महाविकास अघाड़ी की सरकार गिरी और मुख्यमंत्री उद्धव ठाकरे ने मुख्यमंत्री पद से इस्तीफा दिया उसके बाद पार्टी के भीतर की बगावत खत्म होने का नाम नहीं ले रही है। पहले तकरीबन 40 शिवसेना के विधायकों ने एकनाथ शिंदे की अगुवाई में सरकार के खिलाफ मोर्चा खोला और कई दिनों तक गुवाहाटी के होटल में डटे रहे। जिसके बाद एकनाथ शिंदे को भाजपा के सहयोग से मुख्यमंत्री बनाया गया और देवेंद्र फडणवीस प्रदेश के उपमुख्यमंत्री बने।

खत्म नहीं हुई है ठाकरे की मुश्किल
माना जा रहा था कि एकनाथ शिंदे के मुख्यमंत्री बनने के बाद प्रदेश में सियासी संकट खत्म हो सकता है। उद्धव ठाकरे और एकनाथ शिंदे के समर्थक एक दूसरे के साथ बने रहेंगे। लेकिन ऐसा होता नजर नहीं आ रहा है। अब शिवसेना में इस बात की लड़ाई शुरू हो गई है कि आखिरकार शिवसेना किसकी पार्टी है, यह उद्धव ठाकरे की है या फिर एकनाथ शिंदे की। खुद देवेंद्र फड़णवीस और एकनाथ शिंदे कह चुके हैं कि मौजूदा सरकार शिवसेना-भाजपा गठबंधन की सरकार है। एक तरफ जहां एकनाथ शिंदे का गुट दावा करता है कि उनका गुट ही असल शिवसेना है तो दूसरी तरफ उद्धव ठाकरे दावा करते हैं कि उनका गुट ही असल शिवसेना है। दोनों ही पार्टी के चुनाव चिन्ह धनुष-तीर पर दावा कर रहे हैं।

शिवसेना के 12 सांसद जा सकते हैं शिंदे के साथ
इन सबके बीच बागी शिवसेना विधायक गुलाबराव पाटिल ने दावा किया है कि शिवसेना के 18 में से 12 सांसद भी जल्द शिंदे गुट के साथ आ सकते हैं। ऐसे में अगर इतनी बड़ी संख्या में शिवसेना के सांसद शिंदे गुट के साथ आते हैं तो उद्धव ठाकरे की मुश्किल काफी बढ़ सकती है। बहरहाल शिवसेना के 16 बाकी विधायकों को अयोग्य घोषित करने का मामला सुप्रीम कोर्ट में लंबित है, जिसपर 11 जुलाई को सुनवाई होनी है, ऐसे में हर किसी की नजर सुप्रीम कोर्ट पर होगी। लेकिन एक्सपर्ट का मानना है कि सुप्रीम कोर्ट की यह लड़ाई लंबी चल सकती है।












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