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अवैध वीजा बना इराक में फंसे 121 भारतीयों की मुसीबत, कंपनी ने बनाया कैदी

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iraq
नयी दिल्ली। इराक में संकट और संघर्ष जारी है। आतंकवादी एक के बाद एक नए शहरों पर अपना कब्जा जमा रहे हैं तो वहीं वहां फंसे भारतीय के जीवन पर भी संकट के बादल मंडराने लगे है। संघर्षग्रस्त इलाके में फंसे पंजाब के कई युवक फंसे हुए है। कुछ लोगों की वीजा कंपनियों ने हथिया लिया है तो कुछ लोग अवैध वीजा के चंगुल में फंस गए है।

इन भारतीयों के पास वैध वीजा न होने की वजह से उन्हें अपने वतन वापस लौटने में दिक्कत हो रही है। उनमें से कईयों के पास दुबई का विजिटर वीजा है, जो कि इराक में काम की तलाश में गैरकानूनी रूप से घुसे, लेकिन वहीं के होकर रह गए। अब जब कि उनके वीजा की वैधतता खत्म हो गई है तो वो अब वहां फंसकर रह गए है।

एक अंग्रेजी अखबार के मुताबिक पंजाब प्रांत के जालंधर और फतेहगढ़ साहिब के 121 युवकों इराक में फंसे हुए है। उनके वीजा की दो महीने पहले ही उनकी वैधता खत्म हो गई थी। अवैध वीजा के साथ अब वे बगदाद से 100 किलोमीटर दूर कर्बला शहर में रहने को मजबूर हैं। एक सप्ताह से काम चलाऊ खाने और पानी के बल पर जिंदगी जीने को मजबूर इन युवकों को कंस्ट्रक्शन कंपनी ने एक बैसमेंट मे कैद कर रखा है।

पंजाब वेलफेयर सोसाइटी ऑफ कुवैत के मुताबिक कंट्रक्शन कंपनी ने उन्हें गैरकानूनी रूप से नौकरी देने के बाद अब उन्हें जबरन हिरासत में रखा हुआ है। क्योंकि अगर सरकार का पता लगता है कि कंपनी ने प्रवासियों को गैरकानूनी रूप से काम पर रखा है तो उसे जुर्माने के तौर हर युवक के लिए 500 डॉलर देने होंगे। अवैध वीजा के साथ इराक में फंसे युवक अपने परिवार वालों को फोन कर मदद की गुहार लगा रहे हैं।

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English summary
Visas of at least 121 youths from Jalandhar and Fatehgarh Sahib have expired at least two months ago forcing them to stay back in the city of Karbala, about 100 km from Baghdad.
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