जेल में बंद खालिस्तानी अमृतपाल सिंह लड़ेगा लोकसभा चुनाव, पंजाब की इस सीट से निर्दलीय ठोकेगा ताल
असम की डिब्रूगढ़ जेल में राष्ट्रीय सुरक्षा एक्ट के तहत बंद खालिस्तान समर्थक अमृतपाल सिंह के लोकसभा चुनाव लड़ने की खबर सामने आ रही है। अमृतपाल पंजाब की खडूर साहिब सीट से निर्दलीय चुनाव लड़ेगा। अमृतपाल के वकील राजदेव सिंह खालसा ने इंडियन एक्सप्रेस से इसकी पुष्टि की है।
खालसा ने इंडियन एक्सप्रेस से कहा कि उनकी मुलाकात अमृतपाल सिंह से हुई है। उसने कहा है कि वे खडूर साहिब से चुनाव लड़ेंगे। अमृतपाल सिंह बतौर निर्दलीय खडूर से चुनाव लड़ेगा।

अमृतपाल सिंह के वकील राजदेव सिंह खालसा ने कहा कि 24 अप्रैल को वो अमृतपाल से मिले थे। इस दौरान उन्होंने अमृतपाल को खडूर साहिब से चुनाव लड़ने की सलाह दी थी। अमृतपाल ने खालसा पंथ के हित में ये सलाह मान ली है।
अमृतपाल 23 अप्रैल 2023 से असम के डिब्रूगढ़ जेल में बंद है। उसे पंजाब के मोगा से गिरफ्तार किया गया था। अमृतपाल सिंह उस वक्त सुर्खियों में आया जब उसने 23 फरवरी 2023 को अजनाला पुलिस स्टेशन में अपने करीबी लवप्रीत तूफान को छुड़ाने के लिए हजारों समर्थकों के साथ हमला बोल दिया था।
इस हमले में 6 पुलिसकर्मी जख्मी हुए थे। इसके बाद अमृतपाल सीधे सरकार और सिस्टम को चैलेंज करने लगा था। अमृतपाल सिंह पर अलग देश खालिस्तान बनाने की प्लानिंग का केस लगाया गया था।
अमृतपाल सिंह खालिस्तान समर्थक और 'वारिस पंजाब दे' का प्रमुख है। अमृतपाल का जन्म 17 जनवरी वर्ष 1993 में पंजाब के अमृतसर जिले के जल्लूपुर खेड़ा में हुआ था। अमृतपाल सिंह के पिता का नाम तरसेम सिंह है।
अमृतपाल सिंह वर्ष 2012 में रोजगार के लिए दुबई चला गया था। वह वर्ष 2022 में भारत वापस लौटा। उस पर दीप सिद्धू की मौत के बाद उसके बनाए संगठन वारिस पंजाब दे संगठन को हाइजैक करने का आरोप है। अमृतपाल सिंह खालिस्तानी समर्थक जरनैल सिंह भिंडरावाले को अपना आदर्श बताता है।












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