राज्यों को भेजी जाने लगी विदेशों से मिली मदद, ज्यादातर केंद्रीय अस्पतालों को आवंटित
नई दिल्ली, मई 4: देश में कोरोना महामारी की दूसरी लहर का कहर जारी है। हालात ऐसे हैं कि देश के कई बड़े अस्पतालों में बेड, दवाइयां और ऑक्सीजन की भारी कमी है, जिस वजह से मृत्युदर बढ़ती जा रही है। मामले की गंभीरता को देखते हुए कई देशों ने भारत की ओर मदद का हाथ बढ़ाया और भारी मात्रा में ऑक्सीजन कंटेनर, वेंटिलेटर, दवाइयां आदि भेजीं, लेकिन अभी तक वो जरूरतमदों तक नहीं पहुंच पाई। जिस पर सवाल उठने शुरू हो गए हैं। हालांकि अब इस मामले में भारत सरकार ने सफाई दी है।

स्वास्थ्य मंत्रालय की ओर से जारी बयान के मुताबिक 40 लाख सामग्रियां, जिसमें ऑक्सीजन सिलेंडर, दवाइयां, मास्क, आदि को 38 संस्थानों में भेजा गया है। इसमें ज्यादातर मदद केंद्र सरकार की ओर संचालित अस्पतालों में गई, जो 31 राज्यों/केंद्र शासित प्रदेश में स्थित है। मंत्रालय ने आगे बताया कि दिल्ली में स्थित लेडी हार्डिंग मेडिकल कॉलेज, सफदरजंग अस्पताल, राम मनोहर लोहिया अस्पताल, अखिल भारतीय आयुर्विज्ञान संस्थान (AIIMS), डीआरडीओ और ITBP की ओर से चलाए जा रहे अस्पतालों में भी विदेशी सहायता को पहुंचा दिया गया है।
केंद्र सरकार के मकसद अब इस सहायता को राज्यों तक पहुंचाना है, जिसमें आंध्र प्रदेश, असम, बिहार, चंडीगढ़, छत्तीसगढ़, दादर नगर हवेली, दिल्ली, गोवा, गुजरात, हरियाणा, हिमाचल प्रदेश, जम्मू-कश्मीर, झारखंड, कर्नाटक, केरल, लद्दाख, लक्षद्वीप, मध्य प्रदेश, महाराष्ट्र, मणिपुर, मेघालय, मिजोरम, ओडिशा, पुदुचेरी, पंजाब, राजस्थान, तमिलनाडु, तेलंगाना, उत्तर प्रदेश, उत्तराखंड और पश्चिम बंगाल शामिल हैं। इसमें से कुछ राज्यों में मदद पहुंच गई है, जबकि कुछ के लिए प्रक्रिया जारी है।
कहां से आई कितनी मदद?
30 अप्रैल को ब्रिटेन से 500 ऑक्सीजन कंसंट्रेटर्स और आयरलैंड से 700 ऑक्सीजन कंसंट्रेटर्स आए। इसके बाद 2 मई को अमेरिका से एक हजार ऑक्सीजन सिलेंडर की दूसरी खेप और उज्बेकिस्तान से 150 ऑक्सीजन कंसंट्रेटर्स पहुंचे। दिल्ली इंटरनेशनल एयरपोर्ट लिमिटेड के प्रवक्ता के मुताबिक विदेशों से अब तक 5500 ऑक्सीजन कंसंट्रेटर्स, 3200 ऑक्सीजन सिलेंडर और एक लाख 36 हजार रेमडेसिविर इंजेक्शन भारत को मिल चुकी है, जिससे हजारों कोविड-10 पीड़ितों की जिंदगी बचाई जा सकती है।












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