हरियाणा में स्वास्थ्य की दिशा में क्रांतिकारी बदलाव, केंद्र सरकार की योजनाओं का मिल रहा भरपूर फायदा
2014 से नरेंद्र मोदी ने जब से देश के प्रधानमंत्री का पद संभाला हैं, विकास कार्यों के साथ लोगों का स्वास्थ्य उनकी प्राथमिकता रही है। केंद्र की मोदी सरकार ने लोगों के स्वास्थ्य से जुड़ी कई ऐसी योजनाओं को लागू किया है, जिसका उनको भरपूर लाभ मिल रहा है। उनमें से हरियाणा भी एक ऐसा राज्य है, जहां केंद्र सरकार ने स्वास्थ्य सेवा को राष्ट्रीय प्राथमिकता समझते हुए इसे एक मिशन के तौर पर लिया है।
हरियाणा में नागरिकों के उत्तम स्वास्थ्य के लिए अप्रतिम सुधार किए गए हैं। बीते सालों में हुए क्रांतिकारी परिवर्तन और सुधार का अनुभव आज पूरा राज्य कर रहा है। प्रधानमंत्री जन आरोग्य योजना- आयुष्मान भारत के तहत पात्र परिवारों को हर साल 5 लाख रुपये तक का मुफ्त इलाज का लाभ दिया जाता है।

इस योजना के दायरे में आने वाले लोग हरियाणा के चिन्हित सरकारी या प्राइवेट हॉस्पिटल में मुफ्त इलाज की सुविधा ले सकते हैं। इसके तहत डेंगू, चिकुनगुनिया, मलेरिया, कैंसर, किडनी रोग, डायलिसिस, घुटना व कूल्हा प्रत्यारोपण, हृदय रोग, कोरोना, और मोतियाबिंद समेत कई अन्य चिह्नित बीमारियों का मुफ्त इलाज पा सकते हैं।
हरियाणा को लेकर केंद्र सरकार का इस पर फोकस है कि शहरी और ग्रामीण क्षेत्रों में रहने वाले गरीब आबादी को सस्ती, सुलभ और प्रभावी स्वास्थ्य सुविधाएं मिल सकें। राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन और मिशन इंद्रधनुष के ज़रिए गर्भवती महिलाओं और दो साल से कम आयु के बच्चों को 8 बीमारियों से बचाने के लिए सार्थक प्रयासों की शुरुआत की गई है।
गर्भवती महिला को निशुल्क दवा
जबकि हरियाणा में जननी शिशु सुरक्षा कार्यक्रम के तहत हर गर्भवती महिला को निशुल्क दवा सुविधा भी अनिवार्य रूप से उपलब्ध कराई जा रही है। इतना ही नहीं केंद्र सरकार ने इन सुविधाओं के साथ-साथ इस बात को भी सुनिश्चित करने की कोशिश की है कि सभी नागरिकों के स्वास्थ्य संबंधित सभी जानकारियां एक ही जगह पर मौजूद रहे, ताकि डॉक्टर्स को उनके इलाज में आसानी रहे।
डिजिटल हेल्थ ID कार्ड की मिलेगी सुविधा
इसके लिए राष्ट्रीय डिजिटल स्वास्थ्य मिशन योजना भी लाई गई है, इसके तहत नागरिकों को हरियाणा में भी जल्दी ही डिजिटल हेल्थ ID कार्ड दिए जाएंगे। हरियाणा राज्य में भी लोगों को सस्ती दरों पर दवाएं उपलब्ध कराने के लिए प्रधानमंत्री भारतीय जनऔषधि योजना लाई गई है, जिससे जेनरिक दवाएं बहुत किफायती दरों पर खरीदी जा सकती हैं।
स्वास्थ्य बीमा योजना का मिल रहा फायदा
इसी के साथ केंद्र सरकार ने राज्य की श्रमिक आबादी और उनके आश्रितों की सामाजिक-आर्थिक सुरक्षा को सुनिश्चित करने का काम किया है। ये एक बहुआयामी सामाजिक सुरक्षा प्रणाली है, जो कि श्रमिकों के लिए एक स्व-वित्तपोषित सामाजिक सुरक्षा और स्वास्थ्य बीमा योजना है।
राज्य में कई बड़े क्रांतिकारी परिवर्तन
इस योजना के तहत हरियाणा में भी ESIC अस्पताल विशेष रूप से बीमित श्रमिकों और उनके आश्रितों को स्वास्थ्य सेवाएं प्रदान करने के लिए स्थापित किए गए हैं। हरियाणा राज्य में नागरिकों के स्वास्थ्य लाभ के लिए केंद्र सरकार के इस तरह के प्रभावी प्रयासों से, इन कुछ वर्षों में ही स्वास्थ्य के क्षेत्र में कई बड़े क्रांतिकारी परिवर्तन और सुधार आए हैं।












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