झारखंड में सरपट दौड़ रही विकास की रेल, मोदी सरकार में मिली कई सौगात
भारत का खूबसूरत राज्य झारखंड वर्तमान में विकास का नया अध्याय लिख रहा है। सड़क,स्वास्थ्य और शिक्षा के अलावा झारखंड में रेल पहुंच बढ़ाने की दिशा में भी अभूतपूर्व विकास हुआ है। विकास की इस यात्रा में आगे बढ़ने से पहले यदि इतिहास में झांके तो झारखंड प्रदेश स्वतंत्रता सेनानी भगवान बिरसा मुंडा की जन्मस्थली है। इसके अतिरिक्त राज्य की सबसे ऊंची पर्वत चोटी पारसनाथ एक और महत्त्वपूर्ण तीर्थ स्थल है। ऐसी मान्यता है कि जैन धर्म के 24 तीर्थंकरों में से 20 ने इसी स्थान पर निर्वाण प्राप्त किया था।

वन्य प्रदेश झरखंड के विकास की गाथा में रेलमार्ग का अहम स्थान है। प्रदेश की रेल यातायात को बेहतर बनाने के लिए केंद्र सरकार ने राज्य को कई महत्त्वपूर्ण परियोजनाओं की सौगात दी है, जिसमें भारतीय रेलवे की सूरत बदलती नए भारत की नई वंदे भारत ट्रेन भी शामिल है। झारखंड में रांची से पटना और रांची से हावड़ा मार्ग पर वंदे भारत एक्सप्रेस दौड़ रही है, जिसके फलस्वरूप रांची से पटना की दूरी अब सिमट कर महज 6 घंटे की रह गई है।
राजधानी एक्सप्रेस के ठहराव से लोहरदगा का आवागमन हुआ आसान
रांची-लोहरदगा-टोरी रेलवे लाइन पर भी 110 साल बाद राजधानी एक्सप्रेस जैसी वीआईपी ट्रेनों की सेवा शुरू की गई। 2023 में इस लाइन में हफ्ते में दो दिन रविवार और गुरुवार को रांची-नई दिल्ली राजधानी वीआईपी ट्रेन चल रही है। इसके अलावा रांची-चोपन एक्सप्रेस और रांची-सासाराम एक्सप्रेस भी इस ट्रेक पर चलाई जा रही है। लोहरदगा में राजधानी एक्सप्रेस का ठहराव होने से इसका लाभ आसपास के क्षेत्रों को भी मिल रहा है। वर्ष 2017 में 664 करोड़ की लागत से रांची-टोरी लाइन का नवीनीकरण और विद्युतीकरण किया गया। 2018 में इसका टोरी तक विस्तार किया गया।
रांची-टोरी लाइन से कोयले का परिवहन हुआ आसान
भारतीय रेल द्वारा गढ़वा से महुअरिया तक 866 करोड़ रुपये की लागत से दोहरीकरण परियोजना को संपन्न किया गया है। इससे नॉर्दर्न कोलफील्ड्स से कोयले को तेजी से ले जाया जा सकेगा। शून्य कार्बन उत्सर्जन की दिशा में बड़ा कदम उठाते हुए भारतीय रेलवे ने 35 करोड़ की लागत से हंसडीहा गोढा के 32 किलोमीटर ट्रैक का विद्युतीकरण का काम भी पूरा कर लिया है।
रांची स्टेशन पर विश्वस्तरीय सुविधाएं, गोड्डा भारत का पहला ग्रीन स्टेशन
केंद्र की मोदी सरकार की ओर से अमृतकाल में शुरू की गई अमृत भारत स्टेशन योजना के तहत झारखंड के स्टेशनों का भी कायाकल्प किया जा रहा है। 447 करोड़ रुपये की लागत से झारखंड की राजधानी रांची जंक्शन स्टेशन के आधुनिकीकरण का काम चल रहा है। इस कार्यक्रम का उद्देश्य रांची स्टेशन पर यात्रियों को विश्वस्तरीय सुविधाएं उपलब्ध करवाना है।
रांची के अलावा हटिया और पिस्का स्टेशन को भी नया रूप दिया जा रहा है। 355 करोड़ की लागत से हटिया स्टेशन को विश्वस्तरीय बनाया जा रहा है, वहीं 27 करोड़ रुपये की लागत से पिस्का स्टेशन को भी दिल्ली के आनंद विहार स्टेशन के तर्ज पर विकसित किया जा रहा है। करीब 50 करोड़ रुपये की लागत से गोड्डा रेलवे स्टेशन का भी विस्तार किया जा रहा है। कई आधुनिकरण तकनीक से इस रेलवे स्टेशन को जोड़ा जाएगा। ये देश का सबसे पहला ग्रीन स्टेशन होगा।
सर्वांगीण और समावेशी विकास के लिए समर्पित प्रधानमंत्री मोदी के इस संकल्प के साथ देश विकास की नई ऊंचाइयों को छू रहा है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की दूरदर्शिता के कारण झारखंड में बीते 10 वर्षों में जो विकास हुआ है वो दशकों में नहीं हुआ था। केंद्र के सहयोग से राज्य में विकास की नित्य नई गाथाएं लिखी जा रही है।
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