Seema Haider: भारत में अवैध एंट्री, शादी और अब जश्न! क्या CAA से बन जाएगी सीमा हैदर की लाइफ?
सचिन के प्यार में पड़कर मासूम बच्चों के साथ जब पाकिस्तान मूल की महिला सीमा हैदर ने भारत की सीमा में अवैध रूप एंट्री तो ले ली, सचिन से शादी भी हो गई। सीमा अब भी भारत में है, लेकिन नागरिकता के मानकों को खरा ना उतरने के चलते सीमा को अब तक भारत की नागरिकता नहीं मिल पाई है। लेकिन जब सीएए को लेकर पीएम मोदी ने घोषणा की तो, सीमा के अंदर एक विश्वास जाग उठा।
सोशल मीडिया के जरिए नोएडा के सचिन से बेइंतहा प्यार के बाद जान की परवाह किए बिना पाकिस्तान की सीमा हैदर ने पिछले साल भारत में अवैध रूप से एंट्री ली थी। भारत आने पर सीमा ने स्वेच्छा से सनातन धर्म स्वीकार किया और हिंदू रीत रिवाज से शादी की। सचिन से शादी के बाद सीमा नोएडा में अपने परिवार के साथ रह रही है। लेकिन पाकिस्तान से बिना अनुमित भारत में एंट्री के सख्त नियमों के चलते नागरिकता मिलना संभव नहीं था, तमाम कोशिशों के बावजूद सीमा को अब तक सफलता हाथ नहीं लगी है। ऐसे में जब पीएम मोदी से सीएए लागू करने को लेकर ऐलान किया तो एक बार फिर से पाकिस्तानी महिला को भारत की नागरिता मिलने और निर्विवादित रूप से भारत में अपने पति सचिन के साथ रहने की उम्मीद जगी है।

सीएए को को लेकर केंद्र के फैसले पर न्यूज एजेंसी पीटीआई से सीएम हैदर ने एक सवाल के जवाब में कहा कि वे पीएम की घोषणा के खुश हैं। सीमा प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के पक्ष में नारे लगाती भी नजर आईं। सीमा हैदर उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ और पीएम मोदी के समर्थन में नारे लगाती नजर आईं। सीमा के साथ उनके पति सचिन भी पीएम मोदी के समर्थन में नारे लगाते नजर आए। इसके अलावा इस कपल ने भारत माता के समर्थन में भी नारे लगाए। ये कपल आतिशबाजी करता नजर आया।
सीमा हैदर ने कहा, सीमा हैदर ने कहा, "हम बहुत खुश हैं, हम भारत सरकार को बधाई देते हैं। पीएम मोदी ने जो वादा किया था वह किया है। सीएए लागू होने की खुशी में हम रसगुल्ले बांट रहे हैं क्योंकि मोदी जी ने जो कहा उसे पूरा किया। इसे लेकर हमें बहुत खुशी है और हम रसगुल्ले बांट रहे हैं।"
सीमा हैदर ने आगे कहा, "भारत सरकार को बहुत-बहुत बधाई। वास्तव में मोदी जी ने जो कहा है वो कर के दिखाया है। इसके लिए मैं मोदी जी और भारत सरकार की ऋणी रहूंगी और बहुत धन्यवाद करती रहूंगी। आज ऐसे ही अच्छे मौके पर मैं अपने वकील भाई ए पी सिंह को बहुत-बहुत बधाई देती हूं। उनकी मेहनत रंग लाई है और हमारी नागरिकता की अड़चनें भी जल्द ही समाप्त हो जाएंगी। जय श्री राम, राधे-राधे, भारत माता की जय।"
बदलेगी की सीमा की लाइफ
सीएए के लागू होने के बाद पाकिस्तान, बांग्लादेश और अफगानिस्तान के अल्पसंख्यक हिंदू, सिख, जैन, ईसाई, बौद्ध और पारसियों को भारत की नागरिकता मिलने का रास्ता साफ हो गया है। ये वो अल्पसंख्यक हैं जो भारत में बतौर शरणार्थी हैं। इस कानून में किसी भी धर्म के लोगों से नागरिकता छिनने की बात नहीं की गई है। ऐसे में सीमा भी पाकिस्तान से भारत में शरण लेने अपने बच्चों के साथ पहुंची हैं। उम्मीद है कि सीएए का लाभ उन्हें भी मिलेगा और वे भारत की स्थाई नागरिकता पा सकेंगी।












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