मोदी कैबिनेट का ब्यूरोक्रेट्स लेवल पर बड़ा निर्णय, 22 अधिकारियों की नियुक्ति को मंजूरी
केंद्रीय कैबिनेट ने ब्यूरोक्रेट्स लेवल पर बड़ा बदलाव किया है। कैबिनेट की नियुक्ति समिति ने शुक्रवार 22 अधिकारियों की नियुक्तियों को मंजूरी दे दी है। मोदी कैबिनेट की ओर ने जिन अधिकारियों के नियुक्ति को मंजूरी दी गई है उनमें तीन अधिकारियों को गृह मंत्रालय में संयुक्त सचिव पदों पर प्रतिनियुक्त किया गया है। कैबिनेट की नियुक्ति समिति के इस निर्णय को लेकर सचिव दीप्ति उमाशंकर ने इस संबंध में आदेश जारी कर दिया है।
22 आधिकारियों की प्रतिनियुक्ति को लेकर निर्णय शुक्रवार को कैबिनेट की नियुक्ति समिति ने जारी किया। लोकसभा चुनाव से पहले नौकरशाही में इसे बड़ा फेरबदल माना जा रहा है। नियुक्ति समिति की ओर जारी पत्र में अधिकारियों को नाम और उनके प्रतिनियुक्त पदों की पूरी जानकारी दी गई है।

नियुक्त किए गए अधिकारियों में आईआरएस दीपांकर अरोन, आईएएस हरीश कुमार वशिष्ठ, आईएएस सिद्धार्थ महाजन, आईआरपीएस आनंद मधुकर, आईएएस स्वाति मीन नाइक, आईएएस रविशंकर, आईएएस गुलजा एन, आईआरएस मनोज कुमार जैन और आईएएस पुष्पेंद्र राजपूत समेत कुल 22 नाम शामिल हैं।
केंद्रीय कैबिनेट इसके अलावा इस हफ्ते कई बड़ फैसले लिए। जिसके तहत भारत और संयुक्त अरब अमीरात (यूएई) के बीच हुए अंतर-सरकारी फ्रेमवर्क समझौते (आईजीएफए) को मंजूरी गई है। दोनों देशों के बीच 13 फरवरी को समझौते पर हस्ताक्षर किए गए थे, जो भारत-पश्चिम एशिया-यूरोप आर्थिक गलियारे (आईएमईसी) को सशक्त बनाने और इसके संचालन के लिए सहयोग पर केंद्रित है।
वहीं मोदी कैबिनेट ने दिल्ली मेट्रो को लेकर दो और कॉरिडोर को मंजूरी भी दी है, जिसमें लाजपत नगर से साकेत और इंद्रलोक से इंद्रप्रस्थ तक लाइन की मंजूरी शामिल है। इन दोनों मेट्रो कॉरिडोर को 2029 तक पूरा किया जाना है, जिसमें रोजाना लगभग ढाई लाख लोग सफर कर सकेंगे। ये मेट्रो कॉरिडोर 20.7 किलो मीटर लंबे होंगे। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की अध्यक्षता में केंद्रीय मंत्रिमंडल ने दिल्ली मेट्रो के चरण-IV परियोजना के दो नए गलियारों को मंजूरी दी गई।












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