दुर्लभ बीमारी से जूझ रहा यह 5 माह का मासूम, डॉक्टर बोले- 16 करोड़ के इंजेक्शन लगेंगे
अहमदाबाद। भारत में स्पाइनल मस्कुलर एट्रोफी (एसएमए) नाम के आनुवंशिक विकार से पीडि़त कई बच्चों की खबरें आ चुकी हैं। यह एक खबर गुजरात से है, जहां 5 महीने के शिशु के माता-पिता उसे बचाने के लिए आर्थिक मदद की गुहार लगा रहे हैं। बता दें कि, स्पाइनल मस्कुलर एट्रोफी (एसएमए) एक दुर्लभ आनुवंशिक विकार है। करोड़ों में से कोई एक बच्चा इस तरह की बीमारी से ग्रसित होता है।

स्पाइनल मस्कुलर एट्रोफी का मामला
डॉक्टर्स के मुताबिक, इस तरह के दुर्लभ आनुवंशिक विकार से जूझ रहे पीडि़त को बचाने के लिए दुनिया का सबसे महंगा इंजेक्शन लगाया जाता है। हालांकि, फिर भी जरूरी नहीं कि इतना महंगा इंजेक्शन लगने के बाद भी बच्चा बच जाए। डॉक्टरों के मुताबिक, स्पाइनल मस्कुलर एट्रोफी (एसएमए) केंद्रीय तंत्रिका तंत्र, परिधीय तंत्रिका तंत्र और स्वैच्छिक मांसपेशी (कंकाल की मांसपेशी) को प्रभावित करता है। यह शिशुओं में मृत्यु का प्रमुख कारण है। यह रीढ़ की हड्डी में तंत्रिका कोशिकाओं को भारी क्षति पहुंचाता है।

गाँव आदिदार के रहने वाले हैं माता-पिता
गुजरात में जो 5 माह का बच्चा इस विकार से पीडि़त है, उसका नाम विहान है। उसके माता-पिता को उसके इलाज के लिए 16 करोड़ रुपये के इंजेक्शन की आवश्यकता है। उसके माता-पिता गुजरात के सौराष्ट्र क्षेत्र के एक छोटे से गाँव आदिदार के रहने वाले हैं। वे उसके इलाज के लिए आर्थिक मदद मांग रहे हैं। चूंकि परिवार के लिए इंजेक्शन के लिए पैसे की व्यवस्था करना संभव नहीं था, तो वे अपने बेटे के साथ अहमदाबाद आए और स्थानीय लोगों और सरकार से मदद मांगी।

Zolgensma इंजेक्शन 16 करोड़ का !
विहान के पिता अशोक वढेर ने कहा कि, वह सरकार से उनके बेटे की सहायता के लिए आने का अनुरोध कर रहे हैं लेकिन अभी तक कोई मदद नहीं मिली है। इंडिया टुडे की रिपोर्ट के मुताबिक, दुर्लभ आनुवंशिक विकार से जूझ रहा 5 माह का विहान गुजरात से है। वहीं, इसी तरह एक 7 महीने का यूपी का बच्चा भी पीडि़त था। उसका नाम अनमय बताया गया, जो कि दुर्लभ बीमारी स्पाइनल मस्कुलर एट्रोफी यानि SMA से पीडि़त है।












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