Lok Sabha Election: किस उम्मीदवार की 2 बीवियां साथ में कर रही हैं चुनाव प्रचार? पहले बन चुकी हैं जीत की गारंटी

Gujarat Lok Sabha Election 2024: गुजरात की भरूच लोकसभा सीट से आम आदमी पार्टी के उम्मीदवार चैतरभाई वसावा की दो-दो पत्नियां उनके लिए इकट्ठे वोट मांग रही हैं। वाराणसी के बाद भारत के दूसरे सबसे पुराने शहर माने जाने वाले भरूच लोकसभा सीट पर 6 लाख आदिवासी वोटर हैं और वसावा उसी समाज का प्रतिनिधित्व करते हैं।

भरूच लोकसभा सीट पर बीजेपी ने पहली बार 1989 में जीत दर्ज की थी, लेकिन उसके बाद यहां से एक भी चुनाव नहीं हारी है। आम आदमी पार्टी ने यहां से जिस चैतर वसावा को टिकट दिया है, वह इस आदिवासी बेल्ट से जीतने वाले पार्टी के एकमात्र विधायक हैं।

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चैतर वसावा की दोनों पत्नियां साथ रहती हैं
चैतर की दोनों पत्नियां शकुंतला और वर्षा न सिर्फ साथ ही रहती हैं, बल्कि एक टीम के रूप में काम करती हैं। वसावा ने करीब 14 साल पहले शकुंतला से पहली शादी की थी और दो साल बाद वर्षा को भी पत्नी बनाकर घर ले आए। आदिवासी समुदाय में दो शादी करने की अनुमति है।

घर-घर जाकर पति के लिए वोट मांगती हैं शकुंतला और वर्षा
इस लोकसभा चुनाव में शकुंतला और वर्षा दोनों ही अपने पति चैतर वसावा के लिए धुआंधार चुनाव प्रचार कर रही हैं। ये दोनों घर-घर जाती हैं और पति के लिए वोट मांगती हैं। वसावा के 3 बच्चे हैं, जिसमें एक शकुंतला के और 2 बच्चे वर्षा के हैं।

तीनों सरकारी सेवा छोड़कर राजनीति में सक्रिय हुए
वसावा खुद सरकारी नौकरी में थे और उनकी दोनों पत्नियां भी सरकारी संस्थानों से जुड़ी हुई थीँ। चैतर वसावा ने सरकारी नौकरी छोड़कर आदिवासी समुदाय के लिए काम करना शुरू किया और उनकी दोनों पत्नियों ने भी सरकारी सेवा से अलग होकर अपने पति के राजनीतिक इरादे को सफल बनाने में हाथ बंटाने लगीं।

गुजरात विधानसभा चुनाव में बन चुकी हैं पति की जीत की गारंटी!
2022 के गुजरात विधानसभा चुनाव में डेडियापाड़ा सीट से बड़ी जीत दर्ज करने के बाद टीओआई से एक इंटरव्यू में चैतर वसावा ने अपनी पत्नियों से चुनाव में मिले सहयोग के बारे में बताया था, 'मेरी पत्नियों ने टीम के तौर पर काम किया है और मेरी जीत में बहुत ही ज्यादा मदद की है। उन्होंने बिना थके काम किया और जब मैं अभियान में था तो कई चीजें मैनेज कीं।' वे करीब 40,000 वोटों से चुनाव जीते थे।

शकुंतला वसावा-पहली पत्नी
चैतर वसावा की पहली पत्नी जिला पंचायत की अध्यक्ष रह चुकी हैं और वसावा के चुनावी हलफनामे के अनुसार वह खेती और व्यापार से जुड़ी हैं।

वह मारपीट और उगाही के मामलों में आरोपी हैं और इसी साल फरवरी में जमानत पर रिहा होकर जेल से बाहर आई हैं। एक इंटरव्यू में वह कह चुकी हैं कि दोनों साथ में ही पढ़ाई करते थे और इसी के बाद शादी का फैसला किया था।

वर्षा वसावा- दूसरी पत्नी
चैतर ने शकुंतला के दो साल बाद वर्षा से विवाह किया था। अपने चुनावी हलफनामे में उन्होंने वर्षा को गृहिणी होने की जानकारी दी है। जब चैतर और उनकी पहली पत्नी जेल में थे, तो इन्होंने दोनों की रिहाई के लिए लड़ाई लड़ी। ये भी बता चुकी हैं कि ये तीनों ही एक साथ ही पढ़ाई करते थे।

विधानसभा चुनावों के बाद चैतर के खिलाफ वन विभाग की ओर से मुकदमा दर्ज कराया गया था, जिसकी वजह से वह कई महीने जेल में रहे और फिर अदालत से जमानत मिलने के बाद पति-पत्नी छूटकर बाहर आए।

बीजेपी का गढ़ है भरूच
भरूच लोकसभा सीट भाजपा का गढ़ रहा है। कांग्रेस नेता सोनिया गांधी के राजनीतिक सचिव रहे अहमद पटेल यहां के कद्दावर कांग्रेसी नेता थे। इस वजह से उनके निधन के बाद इस बार उनकी बेटी मुमताज पटेल यहां से चुनाव लड़ना चाहती थीं। लेकिन, आम आदमी पार्टी ने पहले ही यहां चैतर वसावा का नाम घोषित कर दिया और इंडिया ब्लॉक में सहयोगी होने की वजह से कांग्रेस ने यह सीट उसके लिए छोड़ दी।

भरूच के 2019 लोकसभा चुनाव का नतीजा
भरूच लोकसभा सीट में करीब 6 लाख आदिवासी, 3.5 लाख मुसलमान और करीब 15 लाख दलित मतदाता हैं। 2019 में बीजेपी के मनसुख वसावा लगातार छठी बार जीते थे और उन्हें 6,37,795 वोट मिले थे। जबकि, कांग्रेस उम्मीदवार शेरखान अब्दुलसकुर पठान 3,03,581 वोट ही जुटा सके थे।

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