Lok Sabha Chunav 2024: इस राज्य में बीजेपी के रास्ते पर कांग्रेस, एक भी मुसलमान को नहीं दिया टिकट
Gujarat Lok Sabha Chunav 2024 HINDI: गुजरात में इस बार कांग्रेस पार्टी ने एक भी मुसलमान को उम्मीदवार नहीं बनाया है। 2019 में पार्टी ने एक मुस्लिम को टिकट दिया भी था, लेकिन अबकी बार भाजपा की तरह उसने भी मुसलमानों को चुनाव मैदान में उतारने से परहेज किया है।
गुजरात में करीब 9.7% मुस्लिम आबादी है। लेकिन, पिछले करीब तीन दशकों से एक भी मुसलमान यहां से लोकसभा का चुनाव नहीं जीत सका है। इस बार तो बीजेपी ने भी केरल में एक मुस्लिम को उम्मीदवार बनाया है। लेकिन, गुजरात में कांग्रेस का उन्हें टिकट देने से परहेज हैरान करने वाला है।

भरूच, नवसारी से कांग्रेस बनाती थी मुस्लिम उम्मीदवार
कांग्रेस पहले सोनिया गांधी के करीबी नेता अहमद पटेल के प्रभाव से किसी न किसी सीट से मुस्लिम प्रत्याशी को जरूर उतारतने की कोशिश करती थी। 2009 में उसने अजीज तनकरवी को भरूच से मौका दिया था। 2014 में नवसारी से मकसूद मिर्जा पर दांव आजमाया गया।
अहमद पटेल की बेटी की थी चुनाव लड़ने की इच्छा!
यहां तक कि 2019 में फिर से पटेल के गृहनगर भरूच से शेर खान पठान को उतारा गया था। वैसे इनमें से कांग्रेस का कोई भी मुस्लिम उम्मीदवार चुनाव जीत नहीं सका। अबकी बार दिवंगत अहमद पटेल की बेटी मुमताज पटेल खुद ही भरूच से चुनाव लड़ने की इच्छा जता रही थीं।
लेकिन, इस सीट से पार्टी की सहयोगी आम आमदी पार्टी ने चैतर वसावा को टिकट दे दिया है, इसलिए शायद कांग्रेस को यहां अपना उम्मीदवार देने का विचार बदलना पड़ गया। इंडिया ब्लॉक को इस सीट पर 6 बार के भाजपा सांसद मनसुख वासावा से मुकाबला करना है।
भरूच में सबसे ज्यादा मुस्लिम आबादी का दावा
वैसे गुजरात में प्रत्येक जिले में अलग-अलग मुसलमानों की आबादी के कोई आधिकारिक आंकड़े नहीं हैं। लेकिन, द न्यूइंडियन एक्सप्रेस ने विभिन्न मुस्लिम संगठनों के सर्वे के आधार पर जो जानकारी जुटाई है, उसपर यकीन करें तो भरूच में 23.15% मुसलमान हैं।
इसके अलावा कच्छ में 22%, जामनगर में 16.55%, द्वारका में 15% और अहमदाबाद में 13.38% मुस्लिम हैं। इन आंकड़ों के हिसाब से सबसे कम मुसलमान डांग में 2.57%, तापी में 3.76% और छोटा उदयपुर में 4.19% हैं।
'आरएसएस की विचारधारा का विस्तार'
गुजरात के अल्पसंख्यक समन्वय समिति के संयोजक मुजाहिद नफीस का आरोप है कि 'गुजरात में (मुसलमान) न सिर्फ सामाजिक रूप से, बल्कि राजनीतिक रूप से भी हाशिए पर हैं।' उनका आरोप है कि, 'ये सिसासी व्यवस्था में बगैर-मुस्लिम विमर्श की आरएसएस की विचारधारा का विस्तार है...बिना समावेश के लोकतंत्र कैसे मजबूत होगा?'
उनके मुताबिक गुजरात की 182 विधानसभा सीटों में से 9 मुस्लिम-बहुल हैं। 2022 में कांग्रेस ने इनमें से 6 में मुसलमानों को टिकट दिया, जिनमें से सिर्फ एक ही इमरान खेड़ावाला जमालपुर-खड़िया सीट से चुनाव जीत पाए।












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