3 महीने के बच्चे का जबड़ा खोलकर 4 घंटे में दी नई जिंदगी, ये दुनिया का ऐसा 80वां सफल ऑपरेशन
3 महीने के बच्चे का जबड़ा खोलकर 4 घंटे में दी नई जिंदगी, भारत में इस जगह हुआ ये दुनिया का ऐसा 80वां सफल ऑपरेशन
रोहतक। जन्म से बंद जबड़े वाले एक बच्चे की जिंदगी रोहतक पीजीआई के डॉक्टर्स ने सुधार दी। बच्चे का जबड़ा पैदाइशी जुड़ा हुआ था। इसके कारण वह सामान्य रूप से कुछ खा-पी नहीं पाता था। उसका पेट भरने के लिए मां पतली निप्पल से दूध पिलाया करती थी। बच्चे को परिजनों ने जन्म के कुछ दिनों बाद ही डॉक्टरों को दिखाया था, हालांकि उस समय बच्चे में खून की कमी के कारण ऑपरेशन करने पर जान को खतरा था। इसलिए बच्चे को 3 माह बाद अस्पताल लाने के लिए कहा गया।

मुंह बंद, नाक का छिद्र छोटा, तालू में भी छेद था
बच्चा हाल में जब 3 महीने का हो गया, तब परिजन उसे लेकर पाटोदी गांव से हरियाणा में स्थित रोहतक पीजीआई लाए।पीजीआईएमएस में डॉ. वीरेंद्र के साथ उनके विभाग के डॉ. अमरीश व डॉ. राजीव, डॉ. एस.के सिंगल, डॉ. सुशीला तक्षक, डॉ. प्रशांत तथा डॉ. दीपिका की टीम ने बच्चे को देखा और उसकी सर्जरी का फैसला लिया। उन्होंने पहले बच्चे को बेहोश किया। बेहोश करना भी एक बड़ी चुनौती थी, क्योंकि बच्चे का मुंह बंद था। नाक का छिद्र छोटा था। वहीं, ऊपर के तालू में भी छेद था। बच्चे का जबड़ा जुड़े होने के चलते नलकी डालने में परेशानी आ रही थी। तब कुछ नए उपकरणों का सहारा लिया गया। उसके बाद बच्चे के ऊपर नीचे का जबड़ा अलग-अलग काट कर विभाजित किया गया।

इस तरह बच्चे को दी नई जिंदगी
बच्चे के ऊपर नीचे का जबड़ा अलग-अलग करने के बाद डॉक्टरों की टीम ने जबड़े के बीच में फ्लैप लगा दिया, ताकि जबड़ा फिर ना जुड़ पाए। इस तरह टीम ने एक सर्जरी ऑपरेशन करने में कामयाबी हासिल की। पीजीआईएमएस के ओरल एंड मैक्सिलोफेसियल सर्जरी विभागाध्यक्ष डॉ. वीरेंद्र ने बताया कि, सर्जरी के बाद से बच्चा स्वस्थ है और अब वह पर्याप्त दूध भी पी पा रहा है। उसके बच्चे के पिता राकेश और मां ममता ने उसका नाम तनिश रखा है।

दुनिया में बच्चों का यह 80वां मामला
पीजीआईएमएस के डॉ. वीरेंद्र बोले कि, हमारे यहां यह मेडिकल की वर्ल्ड हिस्ट्री में पैदाइशी जुड़े जबड़े वाले 80वें बच्चे की सर्जरी हुई है। यानी यह बच्चा वर्ल्ड में 80वां और देश में 12वां केस है। उन्होंने कहा कि, भारत में अभी तक ऐसे 5 बच्चों का ही ऑपरेशन सफल हो सका है। जिनमें से 3 की सर्जरी एक साल की आयु में हुई। वहीं, लखनऊ में 2 माह के एक बच्चे की सफल सर्जरी हुई है। हमारे यहां 3 माह की आयु में सफल सर्जरी की गई है।

यहां पहली बार ऐसा ऑपरेशन हुआ
डॉ. वीरेंद्र ने कहा कि, हमारे डॉक्टर्स ने 3 माह के बच्चे का साढ़े 4 घंटे में ऑपरेशन करके जबड़ा खोल दिया। इससे वह अब सामान्य जीवन जीएगा। पीजीआई में पहली बार ऐसा ऑपरेशन हुआ है।












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