कोविड महामारी के मध्य हुआ पश्चिम बंगाल का विधान सभा चुनाव तृणमूल काँग्रेस और भारतीय जनता पार्टी के बीच हंगामेदार चुनावी घमासान के लिए जाना जाएगा। टीएमसी और भाजपा में मुख्य मुकाबले के बीच काँग्रेस और बाम-दलों का गठबंधन भी था चुनाव मैदान में लेकिन काँग्रेस गठबंधन सूपरा साफ हो गया। चुनाव से पहले तृणमूल काँग्रेस में भगदर मची थी और कई बडे नेता विधान सभा चुनाव से ऐन पहले पार्टी का दामन छोडकर भगवा दल में शामिल हो गए थे।
आठ चरणों में कराए गए मतदान में जीत एक बार फिर तृणमूल काँग्रेस के हिस्से में आई जबकि भारतीय जनता पार्टी प्रदेश की विधान सभा में उपविजेता बनकर उभरी। यह चुनाव, भ्रष्टाचार, अल्पसंख्यक तुष्टिकरण, आतंकवाद, कोविड आदि मुद्दों के अलावे ममता बनर्जी और एक समय में उनके सबसे करीबी सहयोगी रहे भाजपा नेता शुभेंदु अधिकारी की प्रतिद्वंदिता के लिए भी जाना जाएगा, जिसमें तृनमूल पार्टी तो चुनाव जीती लेकिन ममता बनर्जी को नंदीग्राम से हार का सामना करना पडा। 294 सदस्यीय विधान सभा में 215 सीटों पर तृनमूल काँग्रेस विजयी रही, 77 सीटें भारतीय जनता पार्टी के खाते में आई वहीं दो सीटें अन्य के खाते में गयी।
148 to win
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