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Jammu की पहली महिला ई-रिक्शा चालक बनी सीमा देवी, 'ताने सुने, लेकिन हार नहीं मानी'

Jammu की पहली महिला ई-रिक्शा चालक बनी सीमा देवी, 'ताने सुने, लेकिन हार नहीं मानी'
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Jammu News: जम्मू के नगरोटा की रहने वाली सीमा देवी इन दिनों सोशल मीडिया सेंसेशन बन चुकी है। हर कोई इन्हें (Seema Devi) पसंद कर रहा है और हर कोई इनके बारे में जानना भी चाहता है। दरअसल, सीमा देवी (Seema Devi) इन दिनों जम्मू कश्मीर की महिलाओं के लिए एक मिसाल बन गई है। हालांकि, सीमा देवी की मानें तो जब से उन्होंने ई-रिक्शा चलाना शुरू किया है तब से उन्हें लोगों के ताने सुनने को मिले है। इसके बावजूद भी सीमा देवी ने कभी हार नहीं मानी। आइए जानते है जम्मू की पहली महिला ई-रिक्शा चालक सीमा देवी के बारे में।

पति की सैलरी से नहीं चल पा रहा था घर

पति की सैलरी से नहीं चल पा रहा था घर

सीमा देवी की मानें तो उनके पति म्युनिसिपल कमेटी में अस्थायी कर्मी हैं। उन्हें जो सैलरी मिलती है उससे घर नहीं चल पा रहा था। क्योंकि, आज के समय में महंगाई बहुत ज्यादा बढ़ गई है। इसलिए सीमा देवी ने ई-रिक्शा चलाना शुरू किया। सीमा देवी ने बताया कि 20 हजार रुपए की उधारी और लोन लेकर ई-रिक्शा लिया, जिसकी किस्त वो स्वयं भर्ती है। उन्होंने बताया कि ई-रिक्शा चलाना भी उनके पति ने ही उन्हें सिखाया है। सीमा ने इस पेशे को ना सिर्फ घर खर्च में अपनी हिस्सेदारी देने के लिए अपनाया है, बल्कि अपने बच्चों को बेहतर शिक्षा दिलाने के लिए भी।

बेटे को बनाना चाहती हूं बड़ा आदमी

बेटे को बनाना चाहती हूं बड़ा आदमी

सीमा देवी की मानें तो उनके तीन बच्चे है। बड़ी बेटी 14 साल की है। छोटी बेटी 12 साल की है और 15 साल का एक लड़का है। उन्होंने बताया कि उनके साथ पूरे परिवार का साथ है, लेकिन उनके बेटा उन्हें इस काम में उनके साथ नहीं है। सीमा ने बताया कि उनका बेटे कहता है कि आप ई-रिक्शा चलाते हुए अच्छी नहीं लगती। वो कहना है कि मैं ई-रिक्शा चलाना सीखूंगा और मैं चलाऊंगा। लेकिन मैंने उसकी बात नहीं मानी, क्योंकि उसका पढ़ने का समय है तो तुम पढ़ों। मैं तुम्हें कुछ बड़ा आदमी बनाना चाहती हूं। जिससे कल तुम किसी के सामने हाथ ना फैलाओं।

9वीं कक्षा में थी तब हो गई थी शादी

9वीं कक्षा में थी तब हो गई थी शादी

सीमा ने बताया कि जब मैं नौवीं कक्षा में थी जब मेरे माता-पिता ने मेरी शादी कर दी थी। मुझे पढ़ने का बहुत शौक था, मैं पढ़ाई नहीं कर पाई। पढ़-लिखकर मैं कुछ बनना चाहती थी, लेकिन मेरे माता-पिता ने मुझे कुछ बनने नहीं दिया। अब मैं अपने बच्चों को उच्च शिक्षा दिलाना चाहती हूं। इसलिए में रिश्तेदारों और आस पड़ोस में रहने वाले लोगों की खूब खरी खोटी भी सुना रही हूं। लेकिन मैं उन लोगों को परवाह नहीं करती हूं। हालांकि, पति और बच्चों के सहयोग से उन्होंने अपने इस पेशे को जारी रखा है।

सोशल मीडिया पर छाई हुई है सीमा देवी

सोशल मीडिया पर छाई हुई है सीमा देवी

सीमा देवी इन दिनों मीडिया ही नहीं, बल्कि सोशल मीडिया पर छाई हुई है और लोगों उनकी खूब प्रशंसा कर रहे है। बता दें, जिसके बाद अब कई महिलाएं उनसे संपर्क कर उनसे ई रिक्शा खरीदने और चलाने की लगातार जानकारियां ले रही हैं। तो वहीं, सीमा देवी को ई-रिक्शा लेने में सरकारी योजना का भी लाभ मिला। उन्हें ई-रिक्शा खरीदने में करीब 15 हजार रुपये की सिब्सडी भी मिली।

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English summary
Meet Seema Devi, Jammu first woman e-rickshaw driver
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