Iran Israel War: क्या सच में खत्म होने वाला है ईरान के साथ युद्ध? ट्रंप का आया बड़ा बयान
Iran Israel War: ईरान‑यूएस‑इजरायल युद्ध ने अब तक भयंकर तबाही मचा दी है। इसी बीच राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने बुधवार को एक बार फिर बड़ा दावा किया है। उन्होंने दावा किया कि ईरान के साथ युद्ध "जल्द समाप्त होगा"। एक्सियोस को दिए इंटरव्यू में उन्होंने कहा कि यह तभी खत्म होगा जब वह चाहेंगे, क्योंकि "निशाना बनाने के लिए व्यावहारिक रूप से कुछ भी नहीं बचा है।"
मध्य पूर्व में बढ़ते तनाव के बीच, ट्रंप ने संकेत दिया कि उनके ऑपरेशन के उद्देश्य काफी हद तक हासिल हो चुके हैं। उन्होंने कहा, "थोड़ा-बहुत इधर-उधर... जब भी मैं चाहूंगा, यह खत्म हो जाएगा।" हालाँकि, उनके इस दावे के बावजूद, क्षेत्र में हमले जारी हैं।

इसके विपरीत, इजरायली रक्षा मंत्री इजरायल काट्ज ने कहा कि अमेरिका के साथ संयुक्त हमलावर अभियान "जब तक आवश्यक होगा, तब तक चलेगा"। एएफपी के हवाले से उन्होंने बताया, "यह अभियान बिना समय सीमा के, सभी उद्देश्य पूरे होने तक जारी रहेगा।"
क्या बोला ईरान?
काट्ज़ ने जोर देकर कहा कि तेहरान और पूरे देश में "दिन-ब-दिन, एक के बाद एक लक्ष्य पर" हमले जारी रहेंगे। उनका मकसद ईरानियों को खामनेई-नेतृत्व वाले शासन को हटाने के लिए प्रेरित करना है। उन्होंने कहा, "अंतत: यह उन पर निर्भर करता है।"
युद्ध समाप्त होने का ट्रंप का दावा, उनके उस बयान के एक दिन बाद आया जब उन्होंने सीबीएस न्यूज को कहा कि यह युद्ध "बहुत पूरा" है। उन्होंने दावा किया कि ईरान के पास न नौसेना, न संचार व्यवस्था और न वायुसेना। सैनिक दृष्टि से तेहरान के पास अब कुछ भी शेष नहीं है।
ट्रंप बोले- अगर वे कुछ भी बुरा करते हैं, तो ईरान का अंत होगा
ट्रंप ने कहा कि "उनके मिसाइल बिखरे पड़े हैं व उनके ड्रोन हर जगह नष्ट हो रहे हैं।" अमेरिकी राष्ट्रपति ने ईरान को "कुछ भी शरारत न करने" की कड़ी चेतावनी दी। साफ शब्दों में उन्होंने धमकाया, "अगर वे कुछ भी बुरा करते हैं, तो ईरान का अंत होगा और आप फिर कभी उसका नाम नहीं सुनेंगे।"
ईरान‑यूएस‑इजरायल युद्ध
- ईरान‑यूएस‑इजरायल युद्ध की शुरुआत 28 फरवरी 2026 को हुई। अमेरिका और इज़राइल ने ईरान के सैन्य और सरकारी ठिकानों पर एयर स्ट्राइक शुरू की।
- ईरान के कई अधिकारी मारे गए, शहरों, स्कूलों और नागरिक इलाकों को गंभीर क्षति हुई।
- लगभग 1,200 से अधिक लोग मारे गए, हजारों घायल।
- 20,000 से अधिक इमारतें प्रभावित/नष्ट, सैकड़ों घर, अस्पताल और स्कूल क्षतिग्रस्त।
- मिडिल ईस्ट के कई देशों में मिसाइल और ड्रोन हमलों से जान-माल का नुकसान और हजारों लोग बेघर।
- तेल की शिपिंग बाधित, वैश्विक ऊर्जा कीमतों में वृद्धि हुई।












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