Uttarakhand News: प्रदेश में घरेलू गैस सिलेंडर की पर्याप्त उपलब्धता, अफवाह फैलाने वालों पर सख्त कार्रवाई के निर्देश
क्षेत्रीय तनावों के जवाब में, उत्तराखंड सरकार ने एलपीजी और ईंधन की उपलब्धता की समीक्षा की, जिससे पर्याप्त घरेलू गैस आपूर्ति की पुष्टि हुई। बैठक में कड़ी निगरानी, जमाखोरी के खिलाफ सख्त कार्रवाई और तेल कंपनियों के साथ घनिष्ठ समन्वय को अधिकृत किया गया। अस्पतालों और शिक्षण संस्थानों को प्राथमिकता दी गई है, साथ ही जनता को सूचित रखने के लिए प्रेस ब्रीफिंग भी की जाएगी।
मध्यपूर्व के देशों में उत्पन्न परिस्थितियों को देखते हुए उत्तराखंड सरकार ने प्रदेश में एलपीजी और ईंधन आपूर्ति की स्थिति की समीक्षा की है। मुख्य सचिव आनंद बर्द्धन ने भराडीसैंण में उच्चस्तरीय बैठक कर अधिकारियों को स्पष्ट निर्देश दिए कि प्रदेश में घरेलू गैस सिलेंडरों की कोई कमी नहीं है और अफवाह फैलाने वालों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाए। बैठक में सभी जिलों के जिलाधिकारी और वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक/पुलिस अधीक्षक वीडियो कॉन्फेंसिंग के माध्यम से जुड़े। इसके साथ ही इंडियन ऑयल कॉरपोरेशन के राज्य स्तरीय समन्वयक और अन्य संबंधित अधिकारी भी मौजूद रहे।

मुख्य सचिव ने जिलाधिकारियों और पुलिस अधिकारियों को निर्देश दिए कि वे अपने-अपने क्षेत्रों में स्थिति पर लगातार नजर बनाए रखें। उन्होंने कहा कि यदि कोई असामाजिक तत्व अफवाह फैलाने या माहौल खराब करने की कोशिश करता है तो उसके खिलाफ तत्काल सख्त कार्रवाई की जाए।
गैस सिलेंडरों की कालाबाजारी पर कड़ी निगरानी
बैठक में गैस सिलेंडरों की कालाबाजारी, अवैध भंडारण और डायवर्जन को रोकने के लिए जिलों में नियमित छापेमारी अभियान चलाने के निर्देश दिए गए। साथ ही तहसील स्तर पर एसडीएम की अध्यक्षता में क्विक रिस्पॉन्स टीम (QRT) गठित करने को कहा गया है, जो ऐसी गतिविधियों पर तुरंत कार्रवाई करेगी।
ऑयल कंपनियों से समन्वय बनाए रखने के निर्देश
मुख्य सचिव ने अधिकारियों को निर्देश दिए कि जिलों में कार्यरत ऑयल कंपनियों और गैस एजेंसियों के साथ निरंतर संपर्क बनाए रखें। किसी भी संभावित समस्या की जानकारी तुरंत राज्य स्तर पर साझा की जाए, ताकि समय रहते समाधान किया जा सके।
घरेलू गैस की आपूर्ति सामान्य
बैठक में इंडियन ऑयल के राज्य स्तरीय समन्वयक कृष्ण कुमार गुप्ता और स्वर्ण सिंह ने जानकारी दी कि प्रदेश में घरेलू गैस सिलेंडरों की पर्याप्त उपलब्धता है और आपूर्ति पूरी तरह सामान्य है। उन्होंने कहा कि सोशल मीडिया या अन्य माध्यमों से फैल रही अफवाहों पर नियंत्रण रखना आवश्यक है।
अस्पतालों और शैक्षणिक संस्थानों को प्राथमिकता
बैठक में यह भी निर्णय लिया गया कि वाणिज्यिक गैस सिलेंडरों की आपूर्ति प्राथमिकता के आधार पर अस्पतालों और शैक्षणिक संस्थानों को दी जाएगी। फिलहाल होटल, ढाबों और अन्य व्यावसायिक प्रतिष्ठानों को व्यवसायिक सिलेंडरों की आपूर्ति सीमित रखी जाएगी, ताकि आवश्यक सेवाओं में बाधा न आए।
कंट्रोल रूम सक्रिय रखने के निर्देश
मुख्य सचिव ने राज्य स्तरीय आपदा कंट्रोल रूम और जिला स्तरीय कंट्रोल रूम को सक्रिय रखने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि अधिकारी स्थिति पर लगातार नजर रखें और किसी भी आपात स्थिति में तुरंत कार्रवाई सुनिश्चित करें। साथ ही जिलाधिकारियों और खाद्य एवं नागरिक आपूर्ति विभाग के आयुक्त को प्रतिदिन प्रेस ब्रीफिंग के माध्यम से गैस सिलेंडरों की उपलब्धता की जानकारी जनता तक पहुंचाने को कहा गया है।
बैठक में मौजूद रहे अधिकारी
बैठक में पुलिस महानिदेशक दीपम सेठ, प्रमुख सचिव खाद्य एवं नागरिक आपूर्ति एल. फैनई, सचिव गृह शैलेश बगौली, सचिव/आयुक्त खाद्य आनंद स्वरूप और महानिदेशक सूचना बंशीधर तिवारी उपस्थित रहे। इसके अलावा इंडियन ऑयल के राज्य स्तरीय समन्वयक कृष्ण कुमार गुप्ता सहित सभी जिलों के जिलाधिकारी और वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक/पुलिस अधीक्षक वीडियो कॉन्फेंसिंग के माध्यम से बैठक में शामिल हुए।












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