Esmail Qaani ही है गद्दार, जिसकी वजह से Khamenei की हुई मौत? ईरान ने फांसी दी? सच्चाई आ गई सामने
Esmail Qaani Sentenced Death Rumours Fact Check: इजरायल और अमेरिका बनाम ईरान जंग 12 दिनों से लगातार जारी है। सोशल मीडिया पर एक और बड़ी खबर तेजी से वायरल हो रही है कि 28 फरवरी को ईरान को उसके सुप्रीम लीडर अली खामेनेई की मौत का जख्म देने वाला अंदर का ही भेदी था।
अपुष्ट दावा किया गया कि, ईरान की कुद्स फोर्स के प्रमुख इस्माइल कानी (Esmail Qaani) को इजरायली खुफिया एजेंसी मोसाद (Mossad) प्रमुख जासूस होने के शक में गिरफ्तार किया गया। आईआरजीसी ने उन्हें सजा के तौर पर फांसी दी। लेकिन क्या ये सच है? ईरानी राजदूत ने सच्चाई पेश की है और साथ ही अफवाहों को फर्जी बता दिया है। आइए फैक्ट्स की पड़ताल करते हैं और सच्चाई सामने लाते हैं...

Esmail Qaani Man with Nine Lives: अफवाहों का सोर्स क्या? 'नौ जिंदगियों वाला आदमी' पर शक
कानी को 'नौ जिंदगियों वाला आदमी' कहा जाता है क्योंकि वे कई हमलों में बाल-बाल बचते रहे, जबकि उनके आसपास के बड़े नेता मारे गए। 28 फरवरी 2026 को अमेरिका-इजरायल के हमले में खामेनेई की मौत हुई, लेकिन कानी हमले से ठीक पहले बैठक छोड़कर चले गए। इससे शक बढ़ा कि उन्होंने इजरायल की मोसाद को जानकारी लीक की। अरब मीडिया जैसे 'द नेशनल' और फ्रांस24 ने रिपोर्ट किया कि सोशल मीडिया पर ये अफवाहें फैलीं, जहां दावा है कि आईआरजीसी ने उन्हें जासूसी के आरोप में गिरफ्तार कर फांसी दी। हालांकि, ये दावे अपुष्ट हैं।
Esmail Qaani Sentenced Death Fact Check: ईरान का स्टैंड- 'कानी जिंदा हैं और युद्ध निर्देशित कर रहे, फांसी फर्जी'
तुर्की टुडे की 10 मार्च की रिपोर्ट के मुताबिक, बगदाद में ईरान के राजदूत मोहम्मद काजेम अल-सादेक ने इन आरोपों को खारिज करते हुए कहा कि कानी को फांसी नहीं दी गई। अल-सादेक ने कहा, 'इस्माइल कानी युद्ध के मैदान में मौजूद हैं और व्यक्तिगत रूप से युद्ध का निर्देशन कर रहे हैं। कानी ने इससे पहले उन आरोपों का खंडन किया था कि वह एक इजरायली एजेंट के रूप में काम कर रहे थे।
तेहरान ने आधिकारिक तौर पर इन दावों का खंडन किया है। ईरानी अधिकारियों ने कहा कि कानी जिंदा हैं और युद्ध का नेतृत्व कर रहे हैं। ईरानी मीडिया ने इसे 'प्रोपगैंडा' बताया। इराक में ईरानी राजदूत ने भी पुष्टि की कि वे सक्रिय हैं। इतिहास में ईरान ऐसे मामलों में 'जीवित होने का प्रमाण' वीडियो जारी करता है, लेकिन अब तक कोई फुटेज नहीं आया, जो रहस्य बढ़ा रहा है।
Esmail Qaani Death Rumours: पुरानी अफवाहें- मौत की खबरें कई बार आईं
ये पहली बार नहीं जब कानी की मौत या गिरफ्तारी की अफवाह फैली। अक्टूबर 2024 में लेबनान में ड्रोन हमले के बाद उन्हें मृत बताया गया, लेकिन वे टीवी पर दिखे। 2025 के 12-दिवसीय युद्ध में भी कई मीडिया ने उन्हें मारा हुआ घोषित किया, पर वे फिर नजर आए। मोसाद से जुड़े सोशल मीडिया अकाउंट्स ने भी दावा किया कि वे जासूस नहीं हैं। हाल की अफवाहें खामेनेई की मौत के बाद तेज हुईं, जहां कहा गया कि कानी ने हमले की जानकारी पहले से दी थी। लेकिन कोई ठोस सबूत नहीं है।
कानी का रोल और उत्तराधिकार
कानी ने जनवरी 2020 में अमेरिका द्वारा कासिम सुलेमानी की हत्या के बाद कुद्स फोर्स की कमान संभाली। ये फोर्स ईरान के विदेशी ऑपरेशंस, जैसे हिजबुल्लाह और हमास को सपोर्ट करती है।
Who Is Esmail Qaani : इस्माइल कानी कौन हैं?
इस्माइल कानी का जन्म 1957 में ईरान के मशहद शहर में हुआ था। उन्होंने 1979 की ईरानी क्रांति के बाद ईरान के इस्लामिक रिवोल्यूशनरी गार्ड कोर में शामिल हुए और 1980-1988 के ईरान-इराक युद्ध के दौरान सेवा की।
कानी ने कई सालों तक कुद्स फ़ोर्स में वरिष्ठ पदों पर कार्य किया और अफ़गानिस्तान और पाकिस्तान से जुड़े अभियानों में शामिल रहे। उन्हें अमेरिकी प्रतिबंधों की सूची में शामिल किया गया था और उन्हें क्षेत्रीय मिलिशिया समूहों के साथ ईरान के संबंधों में एक महत्वपूर्ण व्यक्ति के रूप में वर्णित किया गया है। कानी जनवरी 2020 में कुद्स फोर्स के कमांडर बने जब अमेरिका ने बगदाद में हवाई हमले में उनके पूर्ववर्ती कासिम सुलेमानी को मार डाला। हालांकि, उन्हें सुलेमानी की तुलना में कम चर्चित व्यक्ति माना जाता है, लेकिन पद संभालने के बाद से उन्होंने ईरान की क्षेत्रीय रणनीति में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई है।
अफवाहों पर न जाएं, इंतजार करें
फैक्ट चेक से साफ है कि कानी को फांसी देने या जासूसी के दावे अफवाहों का जाल हैं। ईरान ने इन्हें पूरी तरह नकारा है। युद्ध के समय ऐसी अफवाहें आम हैं, लेकिन सच्चाई के लिए विश्वसनीय स्रोतों पर भरोसा करें।












Click it and Unblock the Notifications