फिदेल कास्त्रो की वर्दी पर लटकी पिस्तौल में क्यों नहीं होती थी गोली?
सीताराम येचुरी ने बताया था, 1993 में फिदेल से मुलाकात के दौरान का दिलचस्प किस्सा।
नई दिल्ली। क्यूबा की क्रांति के जनक और क्यूबा के पूर्व राष्ट्रपति फिदेल कास्त्रो का 90 साल की उम्र में आज निधन हो गया है। दशकों तक अमेरिका से लड़ने वाले और दुनियाभर में अपनी इंकलाबी शख्सियत के लिए पहचान बनाने वाले फिदेल के जीवन के कई ऐसे किस्से हैं, जो लोगों को चौंकाते हैं। उनसे जुड़ा एक ऐसा ही किस्सा है, उनकी फौजी वर्दी पर लटकती उनकी खाली पिस्तौल का।

भारत में वामपंथी राजनीति का चेहरा सीताराम येचुरी ने फिदेल के निधन पर कहा है कि फिदेल कास्त्रो के जाने से एक युग समाप्त हो गया है। सीताराम येचुर के पास फिदेल से जुड़ी कई यादें हैं। हम आपको सीताराम और फिदेल की 1993 में हुई मुलाकात के दौरान का एक वाकया बता रहे हैं, जब सीताराम ने फिदेल से उनकी पिस्तौल के बारे में सवाल किया तो फिदेल के जवाब ने उनको चौंका दिया था।
End of an era. But revolutionaries like Fidel Castro live forever. pic.twitter.com/4mXNHNTZM6
— Sitaram Yechury (@SitaramYechury) November 26, 2016
भारत के कम्युनिस्ट नेता ज्योति बसु और सीताराम येचुरी 1993 में क्यूबा की यात्रा पर गए थे। इसी यात्रा के दौरान फिदेल से मुलाकात का दिलचस्प वाकया येचुरी ने बीबीसी को बताया था।
बीबीसी से बातचीत में येयुरी ने फिदेल से मुलाकात को कुछ यूं याद किया था, '1993 में ज्योति बसु को क्यूबा आने का निमंत्रण मिला था। यात्रा के दौरान जब हम और ज्योति बाबू खाना खाने के बाद सोने की तैयारी कर रहे थे तभी अचानक संदेश आया कि फिदेल कास्त्रो उनसे मिलना चाहते हैं। ज्योति बाबू बोले इस समय क्या मिला जाए, सुबह मिलेंगे। लेकिन संदेशवाहक ने कहा कि फिदेल अपने दफ्तर में आपका इंतजार कर रहे हैं। हम आधी रात के आसपास बंद गले का सूट पहन कर उनसे मिलने पहुंचे।'
सीता राम येचुरी ने बताया था कि वो बैठक डेढ़ घंटे चली,'कास्त्रो हमसे सवाल पर सवाल किए जा रहे थे। भारत कितना कोयला पैदा करता है? वहां कितना लोहा पैदा होता है? वगैरह वगैरह। एक समय ऐसा आया कि ज्योति बसु ने बंगाली में मुझसे कहा,'एकी आमार इंटरव्यू नीच्चे ना कि' (ये क्या मेरा इंटरव्यू ले रहे हैं ?)। जाहिर है ज्योति बसु को वो आंकड़े याद नहीं थे। तब फिदेल ने मेरी तरफ रुख कर कहा भाई ये तो बुजुर्ग हैं। आप जैसे नौजवानों को तो ये सब याद होना चाहिए। तब से जब भी मैं क्यूबा जाता हूं, भारत की आर्थिक स्थिति के बारे में आंकड़ों की हैंडबुक हमेशा अपनी जेब में रखता हूं।'

अगले दिन जब ज्योति बसु भारत वापस जाने के लिए हवाना हवाई अड्डे पर पहुंचे तो उन्हें वीआईपी लाउंज में बैठाया गया। अचानक लाउंज को खाली करा दिया गया। समझ में नहीं आ रहा था कि ऐसा क्यों किया जा रहा है? येचुरी बताते हैं,'अचानक हमने देखा कि फिदेल चले आ रहे हैं हमें विदा करने के लिए।
येचुरी के शब्दों में, 'मुझे याद है मेरे कंधे पर एक बैग लटका हुआ था। फिदेल हमेशा की तरह अपनी सैनिक यूनिफार्म मे थे। उनकी वर्दी से एक पिस्तौल लटकी हुई थी। उन्होंने मुझसे पूछा कि मेरे बैग में क्या है? मैंने जवाब दिया कुछ किताबें हैं इसमें। फिडेल बोले तुम तो आ गए लेकिन मेरे सामने कोई बैग ले कर नहीं आता। पता नहीं इसमें क्या रखा हो? सीआईए ने मुझे पता नहीं कितनी बार मारने की कोशिश की है।'
येचुरी कहते हैं,'मैंने कहा आपके पास तो पिस्तौल है। अगर कोई आप पर हमला करे तो आप उस पर इसे चला सकते हो। जब फिदेल ने मुस्कराते हुए कहा ये राज समझ लो आज। ये पिस्तौल हमने अपने दुश्मनों को डराने के लिए रखी है। लेकिन इस पिस्तौल में गोली कभी नहीं होती।'












Click it and Unblock the Notifications