Premanand Maharaj Janmotsav: प्रेमानंद महाराज की कितनी हो गई उम्र? जन्मोत्सव पर संतों के मिलन का VIDEO VIRAL
Premanand Maharaj 57th Birthday: कान्हा की नगरी वृंदावन इन दिनों पूरी तरह राधा नाम के रंग में रंगी हुई है। अवसर है श्री हित प्रेमानंद गोविंद शरण जी महाराज के पावन जन्मोत्सव का। 18 और 19 मार्च को 'राधा केलि कुंज' में आयोजित इस उत्सव ने भक्ति और आध्यात्मिकता की नई परिभाषा लिख दी है। सोशल मीडिया पर संतों के समागम का एक वीडियो तेजी से वायरल हो रहा है, जिसमें भक्ति का अनुपम दृश्य देखने को मिल रहा है।
कानपुर के ब्राह्मण परिवार में जन्मे अनिरुद्ध कुमार पांडे (अब प्रेमानंद महाराज) का जीवन संघर्ष और भक्ति का अद्भुत संगम है। अंग्रेजी कैलेंडर के अनुसार उनका जन्म 30 मार्च 1969 को हुआ था, जिसके मुताबिक उनकी उम्र 57 वर्ष हो गई है। हालांकि, महाराज अपना जन्मदिन हिंदू पंचांग के अनुसार चैत्र नवरात्रि के प्रथम दिन मनाते हैं। दोनों किडनियां खराब होने के बावजूद, जिस ऊर्जा से वे भक्तों का मार्गदर्शन करते हैं, वह किसी चमत्कार से कम नहीं है।

संतों का महाकुंभ और फूलों की होली
महाराज के जन्मोत्सव पर वृंदावन में देशभर के दिग्गज संतों का जमावड़ा लगा। वायरल वीडियो में देखा जा सकता है कि कैसे विभिन्न आश्रमों के पीठाधीश्वर और जटाधारी संत महाराज को नमन करने पहुंचे।
- अद्भुत स्वागत: भक्तों ने महाराज के स्वागत में गुलाब और गेंदे के फूलों की कालीन बिछाई।
- सांस्कृतिक छटा: उत्सव के दौरान राधा-कृष्ण स्वरूप कलाकारों ने मनमोहक नृत्य प्रस्तुत किया।
- संदेश: महाराज ने भक्तों को आडंबर से दूर रहकर केवल 'नाम जप' करने का उपदेश दिया।
राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू का तीन दिवसीय मथुरा-वृंदावन दौरा
भारत की राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू आज 19 मार्च से 21 मार्च तक ब्रज के प्रवास पर हैं। उनका यह दौरा धार्मिक और सांस्कृतिक दृष्टि से अत्यंत महत्वपूर्ण है। राष्ट्रपति न केवल प्रमुख मंदिरों में शीश नवाएंगी, बल्कि आध्यात्मिक संतों का आशीर्वाद भी लेंगी।
राष्ट्रपति का तीन दिवसीय कार्यक्रम
19 मार्च (पहला दिन):
- वृंदावन के विश्व प्रसिद्ध इस्कॉन मंदिर और प्रेम मंदिर में दर्शन एवं पूजन।
- पवित्र गोवर्धन परिक्रमा मार्ग का भ्रमण और दानघाटी मंदिर में विशेष पूजा-अर्चना।
20 मार्च (दूसरा दिन):
- सुबह 7:30 बजे: वृंदावन के राधा केलि कुंज आश्रम आगमन।
- संत श्री हित प्रेमानंद गोविंद शरण जी महाराज से शिष्टाचार भेंट और आशीर्वाद ग्रहण।
- आश्रम में लगभग 30 मिनट का सत्संग और आध्यात्मिक चर्चा।
21 मार्च (तीसरा दिन):
- मथुरा और वृंदावन के अन्य प्रमुख धार्मिक एवं सांस्कृतिक कार्यक्रमों में मुख्य अतिथि के रूप में शिरकत।
- ब्रज की लोक संस्कृति और विरासत से जुड़े आयोजनों में उपस्थिति।
- दौरे के समापन के पश्चात दिल्ली के लिए प्रस्थान।
श्रद्धालुओं के लिए जरूरी सूचना: एकांतिक वार्तालाप अपडेट
20 मार्च को महामहिम राष्ट्रपति के आगमन और सुरक्षा कारणों के चलते 'राधा केलि कुंज' की टोकन व्यवस्था और एकांतिक वार्तालाप के समय में बदलाव हो सकता है। जो भक्त महाराज से मिलने की योजना बना रहे हैं, उन्हें सलाह दी जाती है कि वे आश्रम की आधिकारिक सूचना देखने के बाद ही अपनी यात्रा तय करें।












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