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Humayun Kabir: कौन हैं बंगाल में बाबरी की बात करने वाले हुमायूं कबीर? ममता के खिलाफ उतारेंगे मुस्लिम उम्मीदवार

West Bengal Election 2026 (Humayun Kabir): पश्चिम बंगाल की सियासत में इन दिनों एक नाम तेजी से उभरकर सामने आया है-हुमायूं कबीर (Humayun Kabir)। बाबरी मस्जिद जैसे विवादित बयान के बाद चर्चा में आए कबीर अब अपनी नई पार्टी के साथ चुनावी मैदान में उतर चुके हैं। उन्होंने साफ कर दिया है कि उनकी पार्टी 182 सीटों पर चुनाव लड़ेगी और सीधे तौर पर ममता बनर्जी (Mamata Banerjee) को चुनौती देगी।

हुमायूं कबीर की पार्टी 'आम जनता उन्नयन पार्टी (Aam Janata Unnayan Party) ने 15 उम्मीदवारों की पहली सूची जारी कर दी है। कबीर ने कहा कि उनकी रणनीति साफ है-मालदा और मुर्शिदाबाद जैसे मुस्लिम बहुल इलाकों में अपनी पकड़ मजबूत करना। पूरी उम्मीदवार सूची 22 मार्च को जारी की जाएगी। उनका कहना है कि वे राज्य में एक "तीसरा विकल्प" बनना चाहते हैं, जो सत्ताधारी और विपक्ष दोनों को चुनौती दे सके। ऐसे में आइए जानें कौन हैं हुमायूं कबीर।

West Bengal Election 2026 Humayun Kabir

सबसे बड़ा दांव भवानीपुर सीट पर खेला गया है। यहां कबीर ने ममता बनर्जी के खिलाफ पूनम बेगम को उम्मीदवार बनाया है। राजनीतिक जानकार इसे मुस्लिम वोट बैंक में सेंध लगाने की रणनीति मान रहे हैं। भवानीपुर सीट पर पहले ही मुकाबला हाई-प्रोफाइल माना जा रहा था, जहां बीजेपी की ओर से Suvendu Adhikari का नाम चर्चा में है। ऐसे में तीसरे खिलाड़ी की एंट्री से मुकाबला और दिलचस्प हो गया है।

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Who is Humayun Kabir: कौन हैं हुमायूं कबीर?

'बाबरी मस्जिद' जैसे बयान और विवादों के कारण सुर्खियों में आए कबीर का राजनीतिक सफर काफी उतार-चढ़ाव भरा रहा है। हुमायूं कबीर का जन्म 3 जनवरी 1963 को पश्चिम बंगाल के मुर्शिदाबाद जिले में हुआ था। वर्तमान में वे भरतपुर विधानसभा सीट से विधायक (MLA) हैं और 2021 से इस सीट का प्रतिनिधित्व कर रहे हैं। वे पेशे से व्यवसायी भी रहे हैं और लंबे समय से क्षेत्रीय राजनीति में सक्रिय हैं।

परिवार और निजी जीवन ( Humayun Kabi Family Background)

  • पिता: ज़ेरुद्दीन (स्वर्गीय)
  • पत्नी: मीरा सुल्ताना
  • बच्चे: 2

परिवार साधारण पृष्ठभूमि से आता है, लेकिन कबीर ने राजनीति में खुद की अलग पहचान बनाई।

राजनीतिक सफर ( Humayun Kabi Political Journey)

  • हुमायूं कबीर का राजनीतिक करियर काफी दिलचस्प रहा है, क्योंकि उन्होंने कई पार्टियां बदली हैं:
  • कांग्रेस (Congress): शुरुआती राजनीति यहीं से शुरू, 2011 में रेजिनगर से विधायक बने
  • तृणमूल कांग्रेस (TMC): 2013 में शामिल, मंत्री भी रहे
  • 2015: पार्टी विरोधी गतिविधियों के चलते TMC से निष्कासित
  • 2016: निर्दलीय चुनाव लड़ा, हार गए
  • 2018: बीजेपी (BJP) जॉइन की, 2019 लोकसभा चुनाव लड़ा लेकिन हार
  • 2021: फिर TMC में वापसी, भरतपुर से विधायक बने
  • 2025: 'बाबरी मस्जिद' विवाद के बाद TMC से सस्पेंड
  • नई पार्टी: इसके बाद उन्होंने अपनी पार्टी जनता उन्नयन पार्टी (JUP) बनाई और उसके अध्यक्ष बने
West Bengal Election 2026 Humayun Kabir
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विवाद और आपराधिक केस ( Humayun Kabi Controversies)

चुनावी हलफनामे के अनुसार, उनके खिलाफ कई आपराधिक मामले दर्ज हैं, जिनमें दंगा, हमला और हत्या के प्रयास जैसे गंभीर आरोप शामिल हैं। हुमायूं कबीर तब सुर्खियों में आए जब उन्होंने मुर्शिदाबाद में बाबरी मस्जिद जैसी संरचना बनाने की बात कही। इसी बयान के बाद उन्हें TMC से निकाल दिया गया। उनका कहना है कि वे "टीएमसी को सबक सिखाना चाहते हैं" और इसी वजह से उन्होंने दो सीटों से चुनाव लड़ने का फैसला लिया।

हुमायूं कबीर खुद दो सीटों से चुनाव लड़ेंगे

हुमायूं कबीर खुद रेजिनगर और नाओदा सीट से चुनाव लड़ेंगे। उन्होंने अपनी पुरानी सीट भरतपुर छोड़ दी है। दो सीटों से चुनाव लड़ने के पीछे उनकी रणनीति राजनीतिक पकड़ मजबूत करना और जोखिम को कम करना माना जा रहा है।

उन्होंने यह भी संकेत दिए हैं कि उनकी पार्टी AIMIM के साथ कुछ सीटों पर गठबंधन कर सकती है। कबीर की एंट्री से ममता बनर्जी के लिए चुनौतियां बढ़ सकती हैं। भवानीपुर में करीब 20% मुस्लिम वोटर हैं। इसके अलावा हालिया वोटर लिस्ट अपडेट में करीब 40 हजार नाम कटने की भी चर्चा है।

2021 विधानसभा चुनाव में टीएमसी को यहां 59 हजार वोटों की बढ़त मिली थी, लेकिन 2024 लोकसभा चुनाव में यह घटकर करीब 8,200 रह गई। ऐसे में अगर मुस्लिम वोटों में बंटवारा होता है तो मुकाबला और कड़ा हो सकता है।

हुमायूं कबीर इस चुनाव में "किंगमेकर" बनते हैं या नहीं, यह तो नतीजे बताएंगे, लेकिन इतना तय है कि उनकी एंट्री ने बंगाल की राजनीति को और दिलचस्प बना दिया है। खासकर मुस्लिम वोट बैंक पर उनका फोकस आने वाले चुनाव में बड़ा फैक्टर बन सकता है।

पश्चिम बंगाल में कब होगा चुनाव? (Election Schedule)

  • पश्चिम बंगाल में चुनाव दो चरणों में होंगे।
  • पहला चरण: 23 अप्रैल (152 सीटें)
  • दूसरा चरण: 29 अप्रैल (142 सीटें)
  • नतीजे: 4 मई
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