Parliament session: 'मोहब्बत हमसे, शादी मोदी से', राज्यसभा में बोले खड़गे, वायरल हुआ PM का रिएक्शन
Parliament Session: कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे ने बुधवार को राज्यसभा से सेवानिवृत्त हो रहे सांसद एच.डी. देवेगौड़ा को शुभकामनाएं दीं लेकिन साथ ही प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व वाले राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन (NDA) से उनके जुड़ाव को लेकर तंज भी कसा, जो कि सोशल मीडिया पर वायरल हो रहा है और लोग कमेंट कर रहे हैं।
खड़गे ने पूर्व प्रधानमंत्री एच.डी. देवगौड़ा का जिक्र करते हुए हल्के-फुल्के अंदाज़ में कहा, 'मैं 54 साल से देवगौड़ा जी को जानता हूं, पहले वे हमारे साथ थे फिर पता नहीं क्या हुआ कि हमसे दूर हो गए, मोहब्बत हमारे साथ की और शादी मोदी जी से कर ली।' खड़गे की ये बात सुनकर पीएम मोदी भी हंसे पड़े और उनका रिएक्शन इस वक्त वायरल हो गया है।

इसके बाद भावुक होते हुए उन्होंने कहा कि ' विदाई का जिक्र आते ही मन भारी हो जाता है, समझ नहीं आता कि बात कहां से शुरू करें, उन्होंने कहा कि सार्वजनिक जीवन में काम करने वाला व्यक्ति कभी रिटायर नहीं होता, न ही टायर्ड होता है।
Parliament Session: जुनून उन्हें हमेशा सक्रिय रखता है-Mallikarjun Kharge
उन्होंने अपने विदाई भाषण में सभी सेवानिवृत्त हो रहे सांसदों की सेवा को सराहा। उन्होंने कहा कि 'सार्वजनिक जीवन में जो लोग देश की सेवा के प्रति जुनूनी होते हैं, यह जुनून उन्हें हमेशा सक्रिय रखता है।'
Parliament Session News: राजनीति में कोई पूर्ण विराम नहीं होता-PM मोदी
इससे पहले, बुधवार को ही प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने भी सेवानिवृत्त हो रहे राज्यसभा सांसदों को उनके योगदान के लिए धन्यवाद दिया। उन्होंने उनके भविष्य के राजनीतिक प्रयासों के लिए शुभकामनाएं दीं और इस बात पर जोर दिया कि 'राजनीति में कोई पूर्ण विराम नहीं होता।'
PM Modi in Parliament Session: हर सदस्य अनूठी भूमिका निभाता है- पीएम मोदी
सदन में विभिन्न मुद्दों पर चर्चा होती है और हर सदस्य उनमें एक अनूठी भूमिका निभाता है। ऐसे पलों में, पार्टी लाइनों से ऊपर उठकर सम्मान की एक सामान्य भावना उत्पन्न होती है। अपना कार्यकाल समाप्त होने के बाद सदन छोड़ रहे नेताओं से मैं कहना चाहता हूं कि भविष्य आपका इंतजार कर रहा है। आपके अनुभव और योगदान को हमेशा याद रखा जाएगा।'
'लंबा कार्यकाल छोटा नहीं होता'
प्रधानमंत्री ने नवनिर्वाचित सांसदों से एच.डी. देवेगौड़ा, मल्लिकार्जुन खड़गे और शरद पवार जैसे अनुभवी नेताओं से सीखने का आग्रह किया। उन्होंने कहा कि ये ऐसे वरिष्ठ लोग हैं जिनके जीवन का आधे से अधिक समय संसदीय कार्यप्रणाली में बीता है। इतने लंबे अनुभव के बाद भी सभी नए सांसदों को उनसे सीखना चाहिए, वे समर्पित भाव से सदन में आते हैं और जो भी उनसे बन सकता है, वह योगदान देते हैं। समाज से जो जिम्मेदारी मिली है, उसके प्रति वे पूरी तरह समर्पित रहते हैं। मैं उनके योगदान की भूरी-भूरी सराहना करता हूं क्योंकि इतना लंबा कार्यकाल छोटा नहीं होता, बहुत लंबा होता है।'












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