UPSC Chairman: पूर्व IAS अजय कुमार कौन हैं, कितना वेतन मिलेगा? 1926–2025 तक के अध्यक्षों की पूरी सूची
UPSC New Chairman Ajay Kumar: पूर्व रक्षा सचिव और अग्निवीर योजना के प्रमुख सूत्रधार पूर्व आईएएस अधिकारी डॉ. अजय कुमार को संघ लोक सेवा आयोग (UPSC) के नए चेयरमैन होंगे। उनकी नियुक्ति के आदेश 13 मई 2025 को जारी हुए हैं। राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू की मंजूरी के बाद वह इस पद पर 1 अक्टूबर 2027 तक कार्यरत रहेंगे। वे प्रीति सूदन का स्थान ले रहे हैं, जिनका कार्यकाल 29 अप्रैल को समाप्त हुआ था।
Ajay Kumar Education: IIT से अमेरिका तक की शैक्षणिक यात्रा
डॉ. अजय कुमार ने IIT कानपुर से इलेक्ट्रिकल इंजीनियरिंग में B.Tech किया। इसके बाद उन्होंने अप्लाइड इकोनॉमिक्स में मास्टर्स और यूनिवर्सिटी ऑफ मिनेसोटा, अमेरिका से बिजनेस एडमिनिस्ट्रेशन में PhD हासिल की। वे इंडियन नेशनल एकेडमी ऑफ इंजीनियरिंग (INAE) के फेलो भी रह चुके हैं।

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प्रशासनिक सेवा और इनोवेशन में लंबा अनुभव
1985 बैच के केरल कैडर के IAS अधिकारी रहे डॉ. कुमार ने अपने प्रशासनिक करियर की शुरुआत KELTRON से की। वे पलक्कड़ जिले के कलेक्टर और केरल सरकार के IT विभाग में प्रमुख सचिव रहे। सेवानिवृत्ति के बाद उन्होंने स्टार्टअप जगत में कदम रखा और 'MGF-कवच' की स्थापना की, जिसके लिए 250 करोड़ रुपये का निवेश जुटाया। वे IIT कानपुर में विज़िटिंग प्रोफेसर भी हैं।

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UPSC Chairman Ajay Kumar Award: यूपीएससी चेयरमैन को मिले सम्मान
- 2013: इलेक्ट्रॉनिक्स लीडर ऑफ द ईयर
- 2019: एमिटी यूनिवर्सिटी, नोएडा से ऑनरेरी डॉक्टरेट
- 2019: एशिया पोस्ट की टॉप 50 एग्जीक्यूटिव ब्यूरोक्रेट्स सूची में स्थान
- 2019: IIT कानपुर द्वारा डिस्टिंग्विश्ड एलुमिनाई अवॉर्ड
- 2021: INAE में फेलो के रूप में नामांकन

रक्षा सचिव के तौर पर सबसे लंबा कार्यकाल
डॉ. अजय कुमार अगस्त 2019 से अक्टूबर 2022 तक देश के रक्षा सचिव रहे-इस पद पर सबसे लंबा कार्यकाल निभाने वाले अधिकारी। उनके कार्यकाल में हुए कुछ प्रमुख बदलाव किए। चीफ ऑफ डिफेंस स्टाफ (CDS) पद की शुरुआत की। आत्मनिर्भर भारत रक्षा नीति को गति प्रदान करने के साथ ही अग्निवीर योजना की परिकल्पना और क्रियान्वयन में केंद्रीय भूमिका निभाई। ऑर्डिनेंस फैक्ट्रियों का पुनर्गठन किया और आधार, UPI, MyGov व GeM जैसे डिजिटल प्लेटफॉर्म लागू कराने में महत्वपूर्ण योगदान दिया। 2012 की राष्ट्रीय इलेक्ट्रॉनिक्स नीति का निर्माण किया।
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UPSC Chairman 2025: कार्यकाल, वेतन, सूची और जिम्मेदारियाँ
संघ लोक सेवा आयोग (UPSC) भारत की केंद्रीय भर्ती एजेंसी है, जो ग्रुप 'A' और 'B' सेवाओं के लिए अखिल भारतीय सेवाओं व केंद्रीय सिविल सेवाओं में नियुक्तियों का प्रबंधन करती है। आयोग का नेतृत्व यूपीएससी अध्यक्ष करते हैं, जिनकी नियुक्ति भारत के राष्ट्रपति द्वारा की जाती है। वर्तमान में डॉ. अजय कुमार यूपीएससी के अध्यक्ष हैं। इससे पहले श्रीमती प्रीति सूदन ने अगस्त 2024 से अप्रैल 2025 तक यह पद संभाला।

संघ लोक सेवा आयोग (UPSC) क्या है?
- स्थापना: 1 अक्टूबर 1926 (लोक सेवा आयोग के रूप में)
- मुख्यालय: धौलपुर हाउस, नई दिल्ली
- संवैधानिक मान्यता: 26 जनवरी 1950
- कार्य: अखिल भारतीय सेवाओं और केंद्रीय सेवाओं के लिए भर्ती
UPSC Chairman Salary: यूपीएससी अध्यक्ष, परिचय, भूमिका और वेतन
यूपीएससी अध्यक्ष संवैधानिक निकाय के प्रमुख होते हैं, जिनकी नियुक्ति भारत के संविधान के अनुच्छेद 316 के तहत होती है।
- नियुक्ति- भारत के राष्ट्रपति के द्वारा।
- कार्यकाल- 6 वर्ष या 65 वर्ष की आयु (जो पहले हो)
- न्यूनतम अनुभव- केंद्रीय/राज्य सेवाओं में कम से कम 10 वर्ष
- वर्तमान अध्यक्ष- (2025) डॉ. अजय कुमार
- वेतन- ₹2.5 लाख प्रति माह / ₹30 लाख प्रतिवर्ष
- पहला अध्यक्ष- (1926) सर रॉस बार्कर
- पहला भारतीय अध्यक्ष- (1947) एच.के. कृपलानी
- पहली महिला अध्यक्ष- (1992) रोज़ मिलियन बाथ्यू (खरबुली)

UPSC Chairman Powers: यूपीएससी अध्यक्ष और आयोग की शक्तियाँ व कार्य
भारतीय संविधान का अनुच्छेद 320 संघ लोक सेवा आयोग (UPSC) की संरचना, शक्तियाँ और कार्यों का निर्धारण करता है। आयोग और उसके अध्यक्ष की भूमिका भारत की सिविल सेवाओं की निष्पक्ष और योग्यता-आधारित भर्ती सुनिश्चित करने में अत्यंत महत्वपूर्ण होती है।
- संघ सेवाओं के लिए परीक्षाएँ आयोजित करना - जैसे IAS, IPS, IFS सहित अन्य अखिल भारतीय सेवाएँ और केन्द्रीय सेवाएँ।
- सीधी भर्ती - साक्षात्कार या स्क्रीनिंग के माध्यम से योग्य उम्मीदवारों का चयन।
- पदोन्नति, प्रतिनियुक्ति और समाहलन (Absorption) के माध्यम से अधिकारियों की नियुक्ति।
- भर्ती नियमों का निर्माण और संशोधन - विभिन्न सेवाओं और पदों के लिए उपयुक्त नियम तय करना।
- अनुशासनात्मक मामलों की समीक्षा - सेवा नियमों के उल्लंघन या शिकायतों की जांच।
- सलाहकार की भूमिका - राष्ट्रपति द्वारा भेजे गए मामलों पर भारत सरकार को सलाह देना।
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UPSC Chairman Responsibilities: यूपीएससी अध्यक्ष के कार्य और ज़िम्मेदारियाँ
- आयोग का नेतृत्व करना - अध्यक्ष आयोग की नीतियों, दिशा और निर्णयों में केंद्रीय भूमिका निभाते हैं।
- परीक्षा और भर्ती प्रक्रिया की निगरानी - पारदर्शिता और निष्पक्षता सुनिश्चित करना।
- सीधी भर्ती की अध्यक्षता - उम्मीदवारों के चयन में साक्षात्कार बोर्ड का संचालन करना।
- पदोन्नति व प्रतिनियुक्ति पर निर्णय - वरिष्ठ प्रशासनिक पदों के लिए अधिकारी नियुक्त करना।
- अनुशासनात्मक मामलों को संभालना - सेवा आचरण नियमों के उल्लंघन पर उचित कार्रवाई सुनिश्चित करना।
- नीति निर्माण में सहयोग - राष्ट्रपति या केंद्र सरकार द्वारा संदर्भित मामलों पर सलाह देकर शासन प्रणाली को सुदृढ़ बनाना।

यूपीएससी अध्यक्ष 2024: श्रीमती प्रीति सूदन
पूर्व स्वास्थ्य सचिव और आईएएस अधिकारी श्रीमती प्रीति सूदन ने 1 अगस्त 2024 को डॉ. मनोज सोनी की जगह यूपीएससी अध्यक्ष पद ग्रहण किया था। वह अप्रैल 2025 तक इस पद पर रहीं। उनके अनुभव में स्वास्थ्य, रक्षा और महिला एवं बाल विकास जैसे मंत्रालय शामिल हैं।
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UPSC Chairman List: यूपीएससी अध्यक्षों की सूची (1926-2025)
| अध्यक्ष | कब से | कब तक | |
|---|---|---|---|
| 1 | सर रॉस बार्कर | अक्टूबर 1926 | अगस्त 1932 |
| 2 | सर डेविड पेट्री | अगस्त 1932 | 1936 |
| 3 | सर आयर गॉर्डन | 1937 | 1942 |
| 4 | सर एफ डब्ल्यू रॉबर्टसन | 1942 | 1947 |
| 5 | एच. के. कृपलानी | 1 अप्रैल 1947 | 13 जनवरी 1949 |
| 6 | आर एन बनर्जी | 14 जनवरी 1949 | 9 मई 1955 |
| 7 | एन. गोविंदराजन | 10 मई 1955 | 9 दिसंबर 1955 |
| 8 | वी. एस. हेजमाडी | 10 दिसंबर 1955 | 9 दिसंबर 1961 |
| 9 | बी एन झा | 11 दिसंबर 1961 | 22 फरवरी 1967 |
| 10 | श। के.आर. दामले | 18 अप्रैल 1967 | 2 मार्च 1971 |
| 11 | राणाधीर चंद्र सरमा सरकार | 11 मई 1971 | 1 फरवरी 1973 |
| 12 | अखलाकुर रहमान किदवई | 5 फरवरी 1973 | 4 फरवरी 1979 |
| 13 | एम. एल. शहारे | 16 फरवरी 1979 | 16 फरवरी 1985 |
| 14 | एच. के. एल. कपूर | 18 फरवरी 1985 | 5 मार्च 1990 |
| 15 | जे. पी. गुप्ता | 5 मार्च 1990 | 2 जून 1992 |
| 16 | रोज़ मिलियन बाथ्यू (खरबुली) | 23 सितंबर 1992 | 23 अगस्त 1996 |
| 17 | एस जे एस छतवाल | 23 अगस्त 1996 | 30 सितंबर 1996 |
| 18 | जे. एम. कुरेशी | 30 सितंबर 1996 | 11 दिसंबर 1998 |
| 19 | सुरेंद्र नाथ | 11 दिसंबर 1998 | 25 जून 2002 |
| 20 | पूर्ण चंद्र होता | 25 जून 2002 | सितंबर 2003 |
| 21 | माता प्रसाद | सितंबर 2003 | जनवरी 2005 |
| 22 | एस आर हाशिम | 4 जनवरी 2005 | 1 अप्रैल 2006 |
| 23 | गुरबचन जगत | 1 अप्रैल 2006 | 30 जून 2007 |
| 24 | सुबीर दत्ता | 30 जून 2007 | 16 अगस्त 2008 |
| 25 | डी. पी. अग्रवाल | 16 अगस्त 2008 | अगस्त 2014 |
| 26 | रजनी राजदान | 16 अगस्त 2014 | 21 नवंबर 2014 |
| 27 | दीपक गुप्ता | 22 नवंबर 2014 | 20 सितंबर 2016 |
| 28 | अलका सिरोही | 21 सितंबर 2016 | 3 जनवरी 2017 |
| 29 | डेविड आर सिमलीह | 4 जनवरी 2017 | 21 जनवरी 2018 |
| 30 | विनय मित्तल | 22 जनवरी 2018 | 19 जून 2018 |
| 31 | अरविंद सक्सेना (अभिनय) | 20 जून 2018 | 28 नवंबर 2018 |
| 32 | अरविन्द सक्सैना | 28 नवंबर 2018 | 6 अगस्त 2020 |
| 33 | प्रदीप कुमार जोशी | 7 अगस्त 2020 | 4 अप्रैल 2022 |
| 34 | डॉ. मनोज सोनी (अभिनय) | 5 अप्रैल 2022 | 16 मई 2023 |
| 35 | डॉ.मनोज सोनी | 16 मई 2023 | जुलाई 2024 |
| 36 | प्रीति सूदन | 01 अगस्त 2024 | अप्रैल 2025 |












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