Army Chief Warns Pak: 'सुधर जाओ, वरना इतिहास बन जाओगे', आर्मी चीफ ने पाकिस्तान के लिए अब क्यों कहा ऐसा?
Army Chief Warns Pakistan: भारत और पाकिस्तान के बीच बढ़ते भू-राजनीतिक तनाव और सीमा पार से जारी प्रायोजित आतंकवाद के बीच भारतीय सेना प्रमुख जनरल उपेंद्र द्विवेदी (Army chief Upendra Dwivedi) ने इस्लामाबाद को अब तक की सबसे सख्त और सीधी चेतावनी दी है।
उन्होंने कहा कि अगर पाकिस्तान लगातार आतंकवादियों को पनाह देता रहा और भारत के खिलाफ गतिविधियां जारी रखीं, तो उसे यह तय करना होगा कि वह भूगोल का हिस्सा बनना चाहता है या इतिहास का।

सेना प्रमुख का यह बयान ऐसे समय आया है जब भारत और पाकिस्तान के बीच हाल के महीनों में तनाव लगातार चर्चा में रहा है।
'सेना संवाद' कार्यक्रम में बोले आर्मी चीफ
जनरल उपेंद्र द्विवेदी ने शनिवार को नई दिल्ली के मानेकशॉ सेंटर में आयोजित 'सेना संवाद' कार्यक्रम में यह बयान दिया। यह कार्यक्रम 'यूनिफॉर्म अनवील्ड' की ओर से आयोजित किया गया था। बातचीत के दौरान उनसे पूछा गया कि अगर भविष्य में फिर से ऑपरेशन सिंदूर जैसी परिस्थितियां बनती हैं तो भारतीय सेना की प्रतिक्रिया क्या होगी? इस सवाल के जवाब में सेना प्रमुख ने कहा-अगर आपने मेरे पुराने बयान सुने होंगे तो मैंने साफ कहा है कि पाकिस्तान यदि आतंकवादियों को शरण देता रहेगा और भारत के खिलाफ गतिविधियां चलाता रहेगा, तो उसे तय करना होगा कि वह भूगोल में रहना चाहता है या इतिहास का हिस्सा बनना चाहता है।
ऑपरेशन सिंदूर के बाद बढ़ी थी तनातनी
जनरल द्विवेदी का यह बयान 'ऑपरेशन सिंदूर' की पहली वर्षगांठ के कुछ ही दिनों बाद आया है। इस ऑपरेशन के तहत भारतीय सशस्त्र बलों ने पाकिस्तान और पाकिस्तान अधिकृत कश्मीर (PoJK) में मौजूद कई आतंकी ठिकानों पर सटीक हमले किए थे। भारतीय सेना ने दावा किया था कि यह कार्रवाई पूरी तरह आतंकवादी ढांचे को निशाना बनाकर की गई थी।
इसके बाद पाकिस्तान की ओर से भी जवाबी कार्रवाई की कोशिशें हुईं, लेकिन भारतीय सेना ने हर मोर्चे पर कड़ा जवाब दिया। दोनों देशों के बीच लगभग 88 घंटे तक तनावपूर्ण सैन्य स्थिति बनी रही थी। हालांकि बाद में 10 मई की शाम दोनों पक्षों के बीच समझ बनने के बाद हालात सामान्य हुए।
आतंकवाद पर भारत का कड़ा रुख
भारत लगातार अंतरराष्ट्रीय मंचों पर पाकिस्तान पर आतंकवाद को समर्थन देने का आरोप लगाता रहा है। केंद्र सरकार और सेना का कहना है कि सीमा पार से होने वाली घुसपैठ और आतंकी गतिविधियों को किसी भी कीमत पर बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। सेना प्रमुख का ताजा बयान भी इसी रणनीतिक संदेश का हिस्सा माना जा रहा है।
विशेषज्ञों का मानना है कि जनरल द्विवेदी का यह बयान सिर्फ चेतावनी नहीं, बल्कि पाकिस्तान को भारत की सुरक्षा नीति का स्पष्ट संकेत है। भारत अब आतंकवाद के खिलाफ "जीरो टॉलरेंस" की नीति पर काम कर रहा है और किसी भी उकसावे का जवाब देने के लिए पूरी तरह तैयार है।
भारत की सैन्य ताकत और रणनीति पर जोर
'सेना संवाद' कार्यक्रम के दौरान जनरल द्विवेदी ने भारतीय सेना की तैयारियों, आधुनिक तकनीक और सीमाओं की सुरक्षा को लेकर भी चर्चा की। उन्होंने कहा कि भारतीय सेना हर चुनौती का सामना करने के लिए तैयार है और देश की संप्रभुता की रक्षा सर्वोच्च प्राथमिकता है। उनके बयान को भारत की नई सुरक्षा सोच के रूप में देखा जा रहा है, जिसमें आतंकवाद और सीमा पार से होने वाले हमलों के खिलाफ सख्त और निर्णायक कार्रवाई पर जोर दिया जा रहा है।














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