UP: मायावती का केंद्र और राज्य सरकार को सीधा अल्टीमेटम! CM योगी और PM मोदी से कर दी ये बड़ी मांग
Mayawati Tweet on Fuel Price Hike: उत्तर प्रदेश की पूर्व मुख्यमंत्री और बसपा सुप्रीमो मायावती ने एक बार फिर केंद्र और राज्य सरकार के खिलाफ मोर्चा खोल दिया है। प्रदेश में आए भीषण आंधी-तूफान से मची तबाही और अंतरराष्ट्रीय संकट के बहाने पेट्रोल-डीजल की कीमतों में की गई ₹3 की भारी बढ़ोतरी को लेकर मायावती ने गहरा आक्रोश व्यक्त किया है।
उन्होंने सरकार को चेतावनी देते हुए कहा है कि महंगाई का यह सीधा प्रहार गरीब, किसान और मिडिल क्लास के पालन-पोषण पर पड़ेगा। आइए जानतें हैं मायावती ने सरकार को कौन से 'सार्थक कदम' उठाने की सलाह दी है।

आंधी-तूफान की तबाही: 'उजड़े परिवारों को सहारा दे सरकार'
बसपा प्रमुख मायावती ने उत्तर प्रदेश के कई हिस्सों में आए जबरदस्त आंधी-तूफान से हुई जान-माल की हानि पर चिंता जताते हुए कहा कि सरकार को पूरी उदारता बरतनी चाहिए। प्रदेश में इस आपदा से 100 से ज्यादा लोगों की जान जा चुकी है, जबकि सैकड़ों घायल हैं और फसलें पूरी तरह बर्बाद हो गई हैं। मायावती ने मांग की है कि राज्य सरकार प्रभावित परिवारों को केवल आर्थिक मदद ही नहीं, बल्कि मकान निर्माण और रोजगार के अवसर भी उपलब्ध कराए ताकि वे अपना बिखरा हुआ जीवन दोबारा शुरू कर सकें।
पेट्रोल-डीजल की बढ़ती कीमतों पर वार
मायावती ने केंद्र सरकार द्वारा पेट्रोल और डीजल की कीमतों में ₹3 प्रति लीटर की अनवरत वृद्धि पर कड़ा ऐतराज जताया है। उन्होंने कहा कि आवश्यक वस्तुओं के मूल्यों में यह इजाफा करोड़ों गरीबों, मेहनतकश परिवारों और खेती-किसानी को बुरी तरह प्रभावित करेगा। बसपा सुप्रीमो के मुताबिक, ईंधन महंगा होने से परिवहन और रोजमर्रा की वस्तुओं के दाम भी बढ़ेंगे, जिससे मध्यम वर्गीय परिवारों का घरेलू बजट पूरी तरह बिगड़ जाएगा।
खेती-किसानी और मिडिल क्लास पर सीधा असर
मायावती ने जोर देकर कहा कि इस वृद्धि का सबसे बुरा असर किसानों पर पड़ेगा। खाद, बीज, सिंचाई और फसल को मंडी तक पहुंचाने की लागत बढ़ने से किसानों की आय कम होगी। उन्होंने केंद्र सरकार से मांग की है कि पेट्रोलियम पदार्थों की कीमतों पर तत्काल नियंत्रण लगाया जाए और जीवन को दुष्कर बनाने वाली इस नियमित वृद्धि को रोकने के लिए सार्थक कदम उठाए जाएं।
4 साल बाद बड़ा इजाफा: लखनऊ में पेट्रोल ₹97 के पार
बता दें कि ईरान और अमेरिका के बीच जारी तनाव के चलते अंतरराष्ट्रीय बाजार में कच्चे तेल की कीमतें बढ़ने के बाद तेल कंपनियों ने चार साल बाद यह बड़ी वृद्धि की है। शुक्रवार को हुई इस बढ़ोत्तरी के बाद लखनऊ में पेट्रोल के दाम ₹94.53 से बढ़कर ₹97.55 प्रति लीटर तक पहुंच गए हैं, वहीं डीजल भी ₹90 के पार निकल गया है।
CNG के दाम भी बढ़े, ट्रांसपोर्टेशन हुआ महंगा
ईंधन का संकट केवल पेट्रोल-डीजल तक सीमित नहीं है। लखनऊ में सीएनजी की कीमतों में भी ₹2.25 प्रति किलोग्राम का इजाफा किया गया है, जिसके बाद अब नई दरें ₹98 प्रति किलो तक पहुंच गई हैं। विशेषज्ञों का मानना है कि इस बढ़ोत्तरी के बावजूद तेल कंपनियों को भारी घाटा उठाना पड़ रहा है, जिसका सीधा मतलब है कि आने वाले दिनों में महंगाई की मार और भी बढ़ सकती है।














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