Birdev Siddappa Done: चरवाहे के बेटे ने क्रैक की UPSC, रिजल्ट आया तब खुद भी चरा रहा था भेड़ें
Birdev Siddappa Done: महाराष्ट्र के कोल्हापुर जिले के कागल तालुका के यमगे गांव में की तपती धूप में 22 अप्रैल 2025 की दोपहर को जब एक चरवाहा भेड़-बकरियों को चरा रहा था, तब उसकी आंखों में आंसू थे। लेकिन इस बार दुख के नहीं बल्कि गर्व और खुशी के थे। आज उस चरवाहे के बेटे बिरदेव सिद्धप्पा धोणे ने संघ लोक सेवा आयोग (UPSC) की प्रतिष्ठित सिविल सेवा परीक्षा 2024 क्रैक कर डाली। अखिल भारतीय स्तर पर 551वीं रैंक हासिल की।
Shepherd to UPSC Rank Holde बिरदेव का बचपन बेहद कठिनाइयों भरा रहा। गरीब परिवार, सीमित संसाधन और सिर्फ एक ही सपना-अफसर बनना। पिता की तरह खुद बिरदेव ने भी मवेशी चराए। कभी पहाड़ियों में भेड़ें चराते हुए, तो कभी स्कूल के बरामदे में बैठकर पढ़ाई की। तमाम अभावों के बावजूद बिरदेव ने सपनों को कभी मरने नहीं दिया।

यमगे के 'विद्या मंदिर स्कूल' और 'जय महाराष्ट्र हाई स्कूल' से पढ़ाई की शुरुआत करने वाले बिरदेव ने मुरगुड के 'शिवराज विद्यालय' से 12वीं तक की पढ़ाई पूरी की। 10वीं में 96% और 12वीं में 89% अंकों के साथ उन्होंने अपनी मेहनत का लोहा मनवाया। इसके बाद उन्होंने पुणे के COEP टेक्नोलॉजिकल यूनिवर्सिटी से इंजीनियरिंग की पढ़ाई की।
इंजीनियरिंग की पढ़ाई पूरी करने के बाद बिरदेव UPSC की तैयारी के लिए बिरदेव दिल्ली पहुंचे, जहाँ जीवन की कठिनाइयाँ और खर्चे उनके रास्ते में खड़े थे, लेकिन भारतीय सेना में कार्यरत उनके भाई ने हर मोड़ पर उनका साथ दिया। दो बार असफलता झेलने के बाद, तीसरे प्रयास में साल 2025 उसने वह कर दिखाया जो लाखों का सपना होता है।
मीडिया से बातचीत में बिरदेव ने बताया कि 22 अप्रैल 2025 की दोपहर को यूपीएससी ने सीएसई 2024 का फाइनल रिजल्ट जारी किया तब बिरदेव के दोस्त ने उसे फोन करके पास होने की जानकारी दी। उस समय वह बेलगांव के पास भेड़ें चरा रहा था। जैसे ही गांव में यह खबर पहुंची, खुशी की लहर दौड़ गई।
यूपीएससी में पास होने पर पिता सिद्धप्पा ने बेटे को महाराष्ट्र की पारंपरिक 'फेंटा' पहनाकर गर्व से सिर ऊँचा किया। माता बालव्वा और परिवार ने आरती उतारकर उनका स्वागत किया और उपहार स्वरूप एक मेमना भेंट किया। वहीं, आज 25 अप्रैल को पड़ोसी राज्य कर्नाटक के बेलगाम के एसपी ने बिरदेव का अपनी ऑफिस में स्वागत किया।
कर्नाटक CM ने फोन पर दी बधाई
कर्नाटक के मुख्यमंत्री सिद्दारमैया ने खुद फोन कर उन्हें बधाई दी। भावुक होते हुए बिरदेव ने कहा, "अब मेरी अगली मंजिल IPS बनना है।" बिरदेव सिद्धप्पा धोणे की यह कहानी सिर्फ उनकी नहीं, बल्कि उन लाखों युवाओं की उम्मीद है जो ग्रामीण कठिनाइयों के बीच भी बड़े सपने देखते हैं। यह कहानी बताती है कि अगर हौसले बुलंद हों, तो भेड़ चराने वाला भी भारत का अफसर बन सकता है।
बिरदेव सिद्धप्पा IPS बने या IAS
महाराष्ट्र के कोल्हापुर में यूपीएससी क्रैक करने वाले चरवाहे के बेटे बिरदेव के बारे में कहा जा रहा है कि वह आईपीएस बन गया। मगर बता दें कि अभी यूपीएससी ने सिर्फ रिजल्ट घोषित किया है। सर्विस कैडर अलॉट नहीं किया है। बिरदेव की रैंक 551 व उसकी सर्विस प्राथमिकता के आधार पर सर्विस कैडर अलॉट होगा, जिसका पता बाद में चलेगा कि वे आईएएस बने हैं या आईपीएस।












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