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लॉकडाउन-2: प्रशांत किशोर उर्फ PK ने पूछा, 'क्या केंद्र सरकार के पास कोई प्लान-B है?'

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नई दिल्ली। चुनावी रणनीतिकार से राजनेता बने प्रशांत किशोर उर्फ पीके ने मंगलवार को किए एक ट्ववीट में केंद्र सरकार से सवाल पूछा है कि अगर प्रतिबंध का विस्तार अप्रभावी साबित होता है, तो क्या सरकार के पास कोई दूसरी योजना है। पीके ने यह ट्ववीट प्रधानमंत्री मोदी द्वारा लॉकडाउन के विस्तार की घोषणा के तुरंत बाद किया।

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Covid19 महामारी की रोकथाम के लिए देश में घोषित लॉकडाउन के तौर-तरीकों को लेकर शुरू से ही मोदी सरकार के तीखे आलोचकों में से प्रशांत किशोर ने यह भी पूछा है कि क्या सरकार के पास कोरोना महामारी से निपटने के लिए कोई वैकल्पिक योजना है या कुछ सही करने की इच्छाशक्ति भी है?"

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गौरतलब है प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने मंगलवार सुबह 10 बजे देश के नाम संबोधन में एक बार फिर देश के सामने रूबरू हुए और 3 मई तक लॉकडाउन का विस्तार की घोषणा की है। लॉकडाउन के विस्तार की घोषणा के दौरान प्रधानमंत्री ने यह भी रेखांकित किया कि अगले सात दिनों के लिए, देश के प्रत्येक जिले में सख्ती से निगरानी की जाएगी।

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मालूम हो, यह घोषणा उस दिन की गई है जब देश में Covid19 मामलों में सबसे बड़ी छलांग लगाई है। आंकड़े बताते हैं कि पिछले 24 घंटों में देश में कुल 1,211 नए रोगियों का टेस्ट पॉजिटिव आने के साथ देश में कोरोनो वायरस के मामलों की कुल संख्या 10,363 पहुंच चुका है।

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दरअसल, बिहार के सत्तारूढ़ जनता दल यूनाइटेड के पूर्व नेता प्रशांत किशोर ने मंगलवार की सुबह ट्वीट करने से पहले भी जोर देकर कह चुके हैं कि सरकार Covid19 वायरस से लड़ने के लिए एक समग्र नीति बनाए बिना लोगों पर लॉकडाउन लागू कर रही है।

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गत 8 अप्रैल को हैशटैग #DifficultTimesAhead के तहत एक ट्वीट में प्रशांत किशोर ने लिखा था, कोरोना महामारी की तरह सार्वजनिक स्वास्थ्य और आर्थिक संकट पर काबू पाने के लिए रामबाण के रूप में पुलिस के नेतृत्व में लागू किया गया सामान्यीकृत लॉकडाउन उनकी समझ से बाहर है।

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43 वर्षीय चुनावी रणनीतिकार प्रशांत किशोर इससे पहले भी नागरिकता कानून और नागरिकों के राष्ट्रीय रजिस्टर पर नरेंद्र मोदी सरकार की आलोचना कर चुके है और लॉकडाउन के फैसले को "बॉटेड अप" यानी घबड़ाया हुआ कहा था।

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उल्लेखनीय है मंगलवार को देश के नाम अपने संबोधन में पीएम मोदी ने कहा कि कोरोनो वायरस के खिलाफ लड़ाई में भारत कई अन्य देशों की तुलना में बेहतर स्थिति में है और अगर देश ने एक समग्र और एकीकृत दृष्टिकोण नहीं लिया होता और उस पर तेजी से काम नहीं करता, तो यह सोचना भयावह है कि आज देश का कैसा परिदृश्य होगा।

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English summary
Prashant Kishore, one of the staunch critics of the Modi government from the outset about the modalities of the lockdown announced in the country, wrote in a tweet on April 8 under the hashtag #DifficultTimesAhead, overcoming the public health and economic crisis like the Corona epidemic The generalized lockdown implemented under the leadership of the police as a panacea is incomprehensible.
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