कैसे बेची जाए शराब, दो दिन बाद भी उलझन में पंजाब सरकार

नई दिल्ली- नॉन-कंटेमेंट जोन में शराब की दुकानें खोलने की केंद्र सरकार से इजाजत मिलने के दो दिन बाद भी पंजाब सरकार इसको लेकर उलझी हुई है। पंजाब सरकार के भीतर ही इस मामले में एक राय नहीं बन पा रही है कि शराब बेचने के लिए दुकानें खोलने की छूट दी जाय या फिर उसकी होम डिलिवरी या ऑनलाइन डिलिवरी करवाई जाए। जबकि, सबसे पहले पंजाब के मुख्यमंत्री कैप्टन अमरिंदर सिंह ने ही केंद्र सरकार को खत लिखकर शराब बेचने की अनुमति मांगी थी, क्योंकि इसके चलते राज्य को हर महीने लगभग 500 करोड़ रुपये के राजस्व का नुकसान हो रहा है। बता दें कि सोमवार को लॉकडाउन में शराब की दुकानें खोलने का फैसला पूरे देश में भयावह तस्वीरें लेकर आया, जिसमें लोगों ने शराब के लिए कोरोना वायरस के डर को भी दिमाग से निकाल दिया और सोशल डिस्टेंसिंग और बाकी एहतियाती उपायों की ऐसी की तैसी कर दी। दिल्ली में तो एक समय बाद दुकानें बंद कर देनी पड़ी और आज से भीड़ घटाने और कमाई बढ़ाने के लिए अरविंद केजरीवाल ने शराब पर 70 फीसदी का कोरोना टैक्स थोप दिया है।

पंजाब कैबिनेट में शराब बेचने पर होगा फैसला

पंजाब कैबिनेट में शराब बेचने पर होगा फैसला

पंजाब के मुख्यमंत्री कैप्टन अमरिंदर ने सबसे पहले केंद्र को खत लिखकर कहा था कि शराब की बिक्री बंद होने से उनके राज्य को बहुत ज्यादा घाटा हो रहा है। उस खत में राज्य ने तकरीबन हर महीने 500 रुपये के राजस्व का नुकसान होने का दावा किया था। संयोग से मुख्यमंत्री के पास ही राज्य के आबकारी और कर मामलों का विभाग भी है। लेकिन, सोमवार को देश भर में शराब की दुकानें खोलने के जो नतीजे देखने को मिले, उसके बाद राज्य सरकार फूंक-फूंक कर कदम उठा रही है। सरकार को आशंका है कि अगर शराब की दुकानें खोली गईं तो लेने के देने न पड़ जाए। दूसरे राज्यों वाली नौबत पंजाब में न आए इसके लिए राज्य का आबकारी और कर विभाग चाहता है कि शराब की दुकानें खोलने के बजाय डोरस्टेप डिलिवरी का विकल्प ज्यादा सुरक्षित है।

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    आबकारी विभाग ने होम डिलिवरी का प्रस्ताव दिया

    आबकारी विभाग ने होम डिलिवरी का प्रस्ताव दिया

    पंजाब में शराब की होम डिलिवरी के संबंध में आबकारी विभाग ने मुख्यमंत्री अमरिंदर सिंह को एक प्रस्ताव सौंपा है। पंजाब के आबकारी और कर आयुक्त विवेक प्रताप सिंह के मुताबिक होम डिलिवरी के प्रस्ताव के पीछे सोशल डिस्टेंसिंग की गाइडलाइंस है, जो शराब की दुकानों के खुलने पर धाराशाही होने का खतरा है। इंडियन एक्सप्रेस से बातचीत में उन्होंने कहा कि 'पंजाब में कर्फ्यू है। हमारे राज्य में दुकानें सिर्फ सुबह 9 बजे से दिन के 1 बजे तक ही खुलती हैं। जब हम इतनी सावधानी बरत रहे हैं, ऐसे में हम इसे सबके लिए खुला नहीं छोड़ सकते।' उनके मुताबिक इसके बारे में मंगलवार को ही फैसला ले लिया जाएगा। उन्होंने ये भी कहा कि होम डिलिवरी सिर्फ लॉकडाउन के दौरान ही की जाएगी।

    दुकानों से ही बेची जाय शराब- बाजवा

    लेकिन, शराब की होम डिलिवरी के फैसले पर सरकार में स्पष्ट मतभेद नजर आ रहे हैं। कैबिनेट मंत्री त्रिपत राजिंदर सिंह बाजवा ने कहा है, 'मैं चाहता हूं कि शराब की दुकानों को खुलने की अनुमति मिलनी चाहिए, मैं ऑनलाइन डिलिवरी के खिलाफ हूं। आखिरी फैसला राज्य कैबिनेट की बैठक में लिया जाएगा, जो कि एक या दो दिन में होना है।' बता दें कि शुरू में जब पंजाब सरकार ने शराब की दुकानें खोलने की इजाजत केंद्र से मांगी थी, तब केंद्र ने उसे नहीं माना था। लेकिन, सोमवार से शुरू हुए तीसरे लॉकडाउन में जो नियमों में ढील दी गई है, उसमें कंटेंमेंट जोन से बाहर शराब बिक्री की इजाजत दी गई है।

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