Success Story: रात ढाई बजे उठ चाय बनाकर देती थी सास, फिर बहू ने 2 राज्यों में पाई 4 सरकारी नौकरी
Sangeeta government jobs Success Story Rajasthan: संगीता की सक्सेस स्टोरी कई मायनों में खास है। इसमें शादी व दो बच्चों के बाद दुबारा किताबों से दोस्ती है। ससुराल में बहू को बेटी जैसा प्यार मिलना और 2 साल में 7 परीक्षाएं पास कर सरकारी नौकरी हासिल करना है।
संगीता की सक्सेस स्टोरी उन लोगों के लिए भी प्रेरणादाायी है, जो 10वीं-12वीं में कम नंबर आने पर प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी करना ही छोड़ देते हैं। खुद संगीता ने दसवीं कक्षा की परीक्षा 43 फीसदी अंकों से पास की थी।

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संगीता की सक्सेस स्टोरी उन परिवारों को भी आइना दिखाती है, जो बेटी-बहू में फर्क समझते हैं। संगीता को सरकारी नौकरी लगने की प्रेरणा अपनी ननद कविता से मिली और सास मूर्ति देवी ने भी संगीता को बेटी मानकर उसका सपोर्ट किया।
संगीता के पति धर्मेंद यादव दिल्ली पुलिस ने हेड कांस्टेबल हैं। वन इंडिया हिंदी से बातचीत में धर्मेंद यादव ने बताया कि वे राजस्थान के झुंझुनूं जिले की बुहाना उपखंड की ग्राम पंचायत पूहानिया के गांव चितौसा के रहने वाले हैं। पत्नी संगीता हरियाणा के महेंद्रगढ़ जिले में सूजापुर से हैं।

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मीडिया से बातचीत में संगीता कहती हैं कि उनकी ननद कविता ने एमएड, एमफिल, पीएचडी जैसी उच्च शिक्षा की डिग्री ले रखी थी। शादी के बाद ससुराल आई तो देखा कि शिक्षा की वजह से पूरा परिवार ननद से सरकारी नौकरी की उम्मीद लगाए हुए था। घर में उसकी पढ़ाई व प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारियों की खूब चर्चा होती थी।
साल 2010 में बीएड की पढ़ाई के दौरान संगीता की शादी हो गई और शादी के शुरुआती दिनों में तो संगीता की जिंदगी चूल्हा-चौका तक ही सीमित थी। संगीता को लगा उसे भी ननद की तरह प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी करनी चाहिए ताकि परिवार में थोड़ा मान-सम्मान बढ़े।

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साल 2011 में शुरू की तैयारी
साल 2011 से संगीता ने भी ननद से प्रेरित होकर प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी शुरू कर दी और साल 2013 में दिल्ली में संस्कृत विषय से गेस्ट टीचर पद पर नौकरी लग गई थी। पति-पत्नी दोनों दिल्ली में पांच साल तक जॉब करते रहे। दो बच्चे भी हो गए।

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ननद की सफलता देख बढ़ा हौसला
साल 2018 में संगीता की बड़ी ननद केवीएस फिरौजपुर पंजाब में टीचर लगी। ननद का बड़ा बेटा विशेष श्रेणी का बच्चा है। परिवार की ऐसी परिस्थितियों में भी ननद सरकारी नौकरी लगी तो पति धर्मेंद्र यादव ने संगीता का भी हौसला बढ़ाया। फिर संगीता ने संस्कृत में एमए की डिग्री ली। नेट-जेआरएफ की तैयारी करने लगी।
ननद ने बच्चे व सास ने रसोई संभाली
एमए व नेट पास करने के बाद पूरे परिवार ने संगीता को सपोर्ट किया ताकि वह प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी कर सके। ननद ने उसके दोनों बच्चों को पढ़ाने जिम्मेदारी संभाली और सास ने रसोई। संगीता दिनभर छत पर बैठकर प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी करती थी।
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दिल्ली-यूपी में चार बनी टीचर
संगीता ने यूपी सरकार की PGT, TGT और अस्सिटेंट प्रोफेसर परीक्षा पास की। इनके अलावा हरियाणा सरकार की दो प्रतियोगी परीक्षाओं में सफलता हासिल की। दो साल के दौरान सात परीक्षाएं पास की। इनमें यूपी व दिल्ली सरकार की चार सरकारी टीचर परीक्षा पास करना भी शामिल है। संगीता का सपना दिल्ली विश्वविद्यालय में प्रोफेसर बनने का है। वर्तमान में संगीता दिल्ली में पोस्टेड हैं।
बेटी की तरह बहू को भी किया सपोर्ट-सास
संगीता की सास मूर्ति कहती हैं कि 'मेरी बेटी पढ़ी। नौकरी लगी। मैं तो बहू को भी बेटी ही समझी। उसे बोला कि तू बस पढ़ाई पर ध्यान रख। घर परिवार में मैं संभाल लूंगी। वो मुझे सुबह जल्दी जगाकर बोलके सोती थी। मैं रात ढाई बजे उठती और बहू के लिए चाय बनाती। फिर उसे जगाती। चाय पीकर वह सुबह छह-सात बजे तक पढ़ती रहती।












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