Success Story: दिहाड़ी मजदूर ने पाई सरकारी नौकरी, 6 बार फेल होकर भी किशन ने नहीं मानी हार
Kishan Meena laborer got government job in Rajasthan: जून का महीना था। भीषण गर्मी थी। जगह थी उदयपुर में अहमदाबाद रोड पर हाउसिंग बोर्ड कॉलोनी। यहां मजदूरी करने वाला किशन मीणा अपने किराए के कमरे पर लौट रहा था। रास्ते में दोस्त पिंटू का फोन आया। बोला-भाई! बधाई हो। तू मास्टर बणग्यो।
इस एक फोन कॉल ने मजदूर किशन मीणा की पूरी जिंदगी बदल दी। अगले ही पल में वह मजदूर से शिक्षक बन गया, मगर इसके पीछे की कहानी उन लोगों के लिए प्रेरणादायी है, जो सक्सेस की राह में गरीबी को रोड़ा मानते हैं। परिवार की कमजोर आर्थिक स्थिति को कोसते हैं।

यह भी पढ़ें- Success Story: पिता ने चाय बेच, मां ने मजदूरी कर बेटे को बनाया SDM, जानें अब मां को क्या बोलते लोग?
किशन मीणा की मोटिवेशनल स्टोरी
26 वर्षीय किशन मीणा के मकान निर्माण में दिहाड़ी मजदूरी से अब सरकारी स्कूल में बच्चों को पढ़ाने की इस मोटिवेशनल स्टोरी में किताबों से दोस्ती है। मजबूरी में हथौड़ा, सरिया, फावड़ा और कस्सी उठाना है। कई साल की कड़ी मेहनत है। बार-बार की असफलताएं और कभी हार नहीं मानने वाली जिद भी है।

यह भी पढ़ें- Pari Bishnoi: 'साधु' सा जीवन व मूंडवा कस्बे ने बना दिया IAS, जानें परी बिश्नोई के अनसुने किस्से
12वीं के बाद पढ़ाई का खर्च खुद उठाया
वन इंडिया हिंदी से बातचीत में किशन मीणा ने बताता कि गांव गुंदलपुरा में 12 जनवरी 1998 को उनका जन्म कुशा देवी व शंकर सिंह के घर हुआ। माता-पिता दोनों ही खेती करके परिवार चलाते हैं। कम पढ़े-लिखे हैं, मगर बेटे को जैसे-तैसे करके 12वीं तक पढ़ाया। फिर बेटा मजदूरी करने लगा और अपनी पढ़ाई का खर्च खुद ही उठाया।

यह भी पढ़ें- Rukmani Riar IAS: कक्षा 6 में फेल होकर इस ट्रिक से बनीं UPSC टॉपर, कलेक्टर पति संग फिर से जुड़ा गजब इत्तेफाक
किराए का मकान लेकर की पढ़ाई
किशन मीणा ने हाराणा प्रताप पीजी कॉलेज चितौड़गढ़ से बीए किया। पार्ट टाइम मजदूरी भी करने लगा। फिर बीएड करने उदयपुर आ गया। यहां पर अपने छोटे भाई यशवंत व चचेरे मदन मीणा के साथ किराए का मकान लेकर रहने लगा। बीएड की पढ़ाई के साथ-साथ टाइम निकालकर मजदूरी भी करता। ताकि मकान किराया, खाने व पढ़ाई का खर्च निकाल सके।

यह भी पढ़ें- Success Story: कौन है राजस्थान की पहली युवती ईशा बिजारणिया, जो इंडियन नेवी में बनी लेफ्टिनेंट
पहले मजदूर, फिर मिस्त्री बन गया
किशन मीणा कहता है कि 'मकान निर्माण कार्य में जब मैंने मजदूरी करनी शुरू की थी, तब मुझे 440 रुपए प्रतिदिन मिलते थे। फिर मैंने धीरे-धीरे छत डालना, कोलम भरना व मिस्त्री के अन्य काम भी जल्द ही सीख गया तो मजदूरी बढ़कर 550 व 600 तक मिलने लगी। दिनभर मजदूरी करता। रात को प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी।'

किशन मीणा इन परीक्षाओं में हुए फेल
1. राजस्थान शिक्षक भर्ती 2021
2. राजस्थान पुलिस कांस्टेबल भर्ती 2018
3. राजस्थान ग्राम विकास अधिकारी भर्ती 2022
4. राजस्थान पटवारी भर्ती 2023
5. लैब असिस्टेंट भर्ती परीक्षा 2022
6. द्वितीय श्रेणी शिक्षक भर्ती 2022
आरक्षण के बावजूद सामान्य श्रेणी में पाया चयन
किशन मीणा की सातवीं कोशिश सफल रही। साल 2023 में थर्ड ग्रेड लेवल-2 हिंदी विषय में चयन हुआ। खास बात यह है कि किशन ने 300 में से 222 अंक हासिल किए। TSP वालों की मैरिट 190 व नोन TSP की 209 अंक रही थी जबकि किशन मीणा का चयन सामान्य श्रेणी में हुआ। 30 सितंबर 2023 को किशन मीणा ने बड़ी सादड़ी तहसील के राजकीय उच्च प्राथमिक विद्यालय नयाखेड़ा में बतौर शिक्षक ज्वाइन किया है।

किशन मीणा ने कौनसी ट्रिक से पाई सरकारी नौकरी?
किशन मीणा कहता है कि सरकारी नौकरी हो फिर जिंदगी में अन्य कोई सफलता। सबके लिए एक ट्रिक है। वो है कड़ी मेहनत, निरंतर प्रयास और अफसलताओं पर अपनी कमियों को सुधार करके आगे बढ़ना। सफलता का कोई शॉर्टकट नहीं है।












Click it and Unblock the Notifications