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Success Story: मिलिए ज्‍योति कुमारी से, जिसने गरीबी को मात देकर 4 दिन में 4 बार पाई सरकारी नौकरी

Bihar Girl Jyoti Kumari Success Story: इसे कहते हैं सरकारी नौकरियों की झड़ी लगा देना। वो भी महज 4 दिन में। यह कर दिखाया है बिहार की ज्‍योति कुमारी ने।

ज्‍योति कुमारी ने महज चार दिन में चार बार सरकारी नौकरी लगकर दिखाया है। खास बात तो यह है कि ज्‍योति कुमारी ने प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी घर रहकर पढ़ाई की, पार्ट जॉब किया और गरीबी को भी मात दी।

Jyoti Kumari Success Story in Hindi

बिहार के समस्‍तीपुर जिले के एक गांव की रहने वाली ज्‍योति कुमारी व उसके परिजनों ने संघर्ष और कामयाबी की पूरी कहानी बयां की है। ज्‍योति की सक्‍सेस स्‍टोरी उन लोगों के लिए भी प्रेरणादायी है, जिन्‍हें सफलता की राह में परिवार की कमजोर आर्थिक स्थिति रोड़ा लगती है।

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ज्‍योति कुमारी ने बताया कि उसके परिवार की आर्थिक स्थिति अच्‍छी नहीं थी, मगर माता-पिता खूब पढ़ाया लिखाया। कोरोना से कोचिंग की थी, मगर उसके बाद घर पर रहकर तैयारी की। इसी दौरान घर पर बच्‍चों को ट्यूशन भी पढ़ाया करती थी।

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चार दिन में चार सरकारी नौकरी

ज्‍योति कुमारी ने बिहार लोक सेवा आयोग (BPSC) की कक्षा 6 से 8 और कक्षा 9 से संवर्ग के लिए शिक्षक भर्ती, सर्विस क्‍लर्क और सचिवालय सहायक भर्ती परीक्षा की तैयारी की। खूब मेहनत की।

ज्‍योति कुमारी की सक्‍सेस स्‍टोरी

बता दें कि ज्‍योति कुमारी के पिता किसान हैं। छोटा सा दूध सेंटर भी चलाते हैं। ज्‍योति की मां बताती है कि वे बेटी के लिए रिश्‍ता ढूंढ रहे तो बेटी बोलती थी कि उसे अभी शादी नहीं करनी। उसे प्रतियोगी परीक्षाओं में खुद आजमाने के लिए एक साल का मौका चाहिए।

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पिता को मार गया था लकवा

ज्‍योति कुमारी जब प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी कर रही थी तब पिता को लकवा मार गया। तब ज्‍योति निजी स्‍कूल में पढ़ाने लगी थी। कई प्रतियोगी परीक्षाओं में असफल भी हुई, मगर ज्‍योति ने उम्‍मीद की ज्‍योत जलाए रखी। कभी हिम्‍मत नहीं हारी।

मां ने कहा -तू पढ़ती रह, मैं संभाल लूंगी

ज्‍योति कुमारी कहती हैं कि किसी भी कामयाबी में परिजनों का सपोर्ट सबसे ज्‍यादा जरूरी है। पिता की तबीयत खराब हुई तो मैं रोजगार ढूंढने लगी थी। इस पर मां ने सहारा दिया और बोली तू पढ़ाई पर ध्‍यान रख। बाकी मैं संभाल लूंगी।

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चेचेरी बहनें भी होंगी प्रेरित-ज्‍योति

ज्‍योति कहती हैं कि जब मां बाप पूरा सपोर्ट करें तो हमें भी मेहनत में कमी नहीं छोड़नी चाहिए। मेरे तीन बहनें हैं। पापा चार भाई हैं। मेरा संघर्ष व सफलता की कहानी चचेरी बहनों के लिए प्रेरणा का काम करेगी।

ज्‍योति कुमारी की चार सरकारी

1. सर्विस क्‍लर्क
2. बीपीएससी शिक्षक भर्ती कक्षा 6 से 8
3. सचिवालय सहायक
4. बीपीएससी शिक्षक भर्ती कक्षा 9 से 10

दिसंबर में आया मेहनत का परिणाम

ज्‍योति कुमारी ने 26 दिसंबर 2023 को बीपीएससी की शिक्षक भर्ती परीक्षा में माध्यमिक विद्यालय 9 से 10 संवर्ग में सफलता हासिल की और इत्‍तेफाक तो देखिए बाकी तीन प्रतियोगी परीक्षाओं का परिणाम 26 दिसंबर के आस-पास चार दिन की अवधि में आया। उनमें भी ज्‍योति सफल हुई।

जो मैं ना कर सकी, वो बेटी ने कर दिखाया

ज्‍योति की मां कहती हैं कि मैंने खुद स्‍नातक तक की पढ़ाई की। प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी भी की थी, मगर सरकारी नौकरी नहीं लग पाई। जो काम मैं नहीं कर पाई। वो अब बेटी ने कर दिखाया।

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