रौशन आनंद के आरोपों के बीच प्रिंस यादव के दोस्तों ने बताया रूम नंबर 102 का पूरा सच, क्या हुआ था उस रात?
Prince Yadav Death Row: पटना में खान ग्लोबल स्टडीज (KGS) और ज्ञान बिंदु कोचिंग के बीच चल रहे विवाद के बीच प्रिंस यादव की संदिग्ध मौत ने मामले को और ज्यादा चर्चा में ला दिया है। प्रिंस यादव, ज्ञान बिंदु कोचिंग के संचालक रौशन आनंद के छोटे भाई थे। उनकी मौत नेपाल के विराटनगर स्थित एक होटल में हुई, जिसके बाद कई तरह के सवाल खड़े हो गए हैं। एक तरफ राजनीतिक बयानबाजी तेज है तो दूसरी तरफ परिवार इस मौत को साजिश बता रहा है।
वहीं, घटना के समय प्रिंस के साथ मौजूद उनके दोस्तों ने सामने आकर उस रात की पूरी जानकारी दी है। दोस्तों का कहना है कि प्रिंस लंबे समय से मानसिक तनाव में थे और उनकी तबीयत अचानक बिगड़ने के बाद उन्हें अस्पताल ले जाया गया, जहां डॉक्टरों ने मृत घोषित कर दिया। इस बीच नेपाल पुलिस भी हर पहलू से मामले की जांच में जुटी हुई है।

पुलिस कार्रवाई के डर से नेपाल गए थे प्रिंस
प्रिंस यादव के साथ नेपाल गए दोस्तों ने पुलिस को बताया कि पटना में कोचिंग विवाद के बाद हालात लगातार बिगड़ रहे थे। खान सर की कोचिंग पर हुए हमले के मामले में नाम सामने आने के बाद प्रिंस काफी तनाव में रहने लगे थे। गिरफ्तारी की आशंका के कारण वह 3 जून को अपने कुछ करीबी दोस्तों के साथ नेपाल के विराटनगर पहुंच गए थे।
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दोस्तों के मुताबिक शुरुआत में सभी लोग मेट्रो सिटी होटल में रुके थे। कुछ दिन बाद उन्होंने होटल बदल दिया और बाईपास के पास स्थित शुभ होटल के कमरा नंबर 102 में रहने लगे। उनका कहना है कि पटना में चल रहे विवाद और लगातार दबाव की वजह से प्रिंस मानसिक रूप से परेशान थे।
मौत से पहले क्या हुआ था?
प्रिंस के सबसे करीबी दोस्तों ने बताया कि 13 जून की शाम बाकी दिनों की तुलना में सामान्य थी। उन्होंने खाना खाया, अपनी नियमित दवाएं लीं और आराम करने के लिए बिस्तर पर चले गए। दोस्तों का कहना है कि उन्हें पहले से मानसिक तनाव से जुड़ी परेशानी थी और डॉक्टर की सलाह पर दवाएं चल रही थीं। उनके अनुसार, शाम के समय प्रिंस काफी शांत दिखाई दे रहे थे। किसी को भी यह अंदाजा नहीं था कि कुछ घंटों बाद इतनी बड़ी घटना हो जाएगी।
दोस्तों के बाहर जाते ही बिगड़ी तबीयत
दोस्तों ने बताया कि जब प्रिंस कमरे में आराम कर रहे थे, तब उनमें से कुछ लोग पास के इनरवा इलाके में घूमने निकल गए। हालांकि कमरे में दो साथी, ललित और परजेस, प्रिंस के साथ मौजूद थे। इसी दौरान अचानक प्रिंस की तबीयत बिगड़ने लगी। कमरे में मौजूद साथियों ने देखा कि वह सोते समय असामान्य तरीके से लंबी-लंबी सांसें ले रहे हैं। स्थिति गंभीर लगने पर उन्होंने तुरंत बाकी दोस्तों को फोन कर बुलाया और बताया कि प्रिंस की हालत ठीक नहीं है।
अस्पताल पहुंचने से पहले ही गंभीर हुई हालत
फोन मिलते ही बाकी दोस्त तुरंत होटल लौटे। सभी ने मिलकर बिना देर किए एंबुलेंस बुलवाई और प्रिंस को स्थानीय यूरो हॉस्पिटल पहुंचाया। दोस्तों का कहना है कि अस्पताल में डॉक्टरों ने उन्हें बचाने की पूरी कोशिश की। मेडिकल टीम लगातार इलाज करती रही, लेकिन कुछ समय बाद डॉक्टरों ने उन्हें मृत घोषित कर दिया। दोस्तों ने कहा कि उनके सामने ही डॉक्टर जीवन बचाने की कोशिश कर रहे थे, लेकिन सफलता नहीं मिल सकी।
हत्या और मारपीट की बात को दोस्तों ने बताया गलत
प्रिंस की मौत के बाद सोशल मीडिया पर कई तरह के दावे किए गए। कुछ लोगों ने हत्या और मारपीट की आशंका भी जताई। हालांकि प्रिंस के साथ मौजूद दोस्तों ने इन आरोपों को पूरी तरह खारिज कर दिया है। उनका कहना है कि प्रिंस उनके बेहद करीबी थे और उनके साथ किसी प्रकार की मारपीट नहीं हुई थी। दोस्तों ने दावा किया कि शरीर पर चोट के निशान होने की बातें सही नहीं हैं। उनके अनुसार, मौत की वजह किसी हमले से ज्यादा उनकी पुरानी बीमारी, मानसिक तनाव से जुड़ी दवाओं या स्वास्थ्य संबंधी समस्या हो सकती है।
कमरे से मिलीं बीमारी की दवाएं
नेपाल पुलिस की शुरुआती जांच में होटल के कमरे से कई तरह की दवाएं बरामद होने की जानकारी सामने आई है। बताया गया है कि इनमें मिर्गी और मानसिक तनाव से जुड़ी दवाएं शामिल हैं। पुलिस का कहना है कि मामले की जांच अभी जारी है और किसी भी संभावना को नजरअंदाज नहीं किया जा रहा है। जांच टीम दोस्तों से लगातार पूछताछ कर रही है और यह भी पता लगाने की कोशिश कर रही है कि कहीं दवाओं का अधिक सेवन या किसी अन्य वजह से तो यह घटना नहीं हुई।
जमानत के बाद रौशन आनंद का बड़ा आरोप
जेल से बाहर आने के बाद रौशन आनंद ने गंभीर आरोप लगाए हैं। उन्होंने कहा कि उनके भाई की मौत सामान्य नहीं है। रौशन का दावा है कि उनके भाई की हत्या कराई गई है। उन्होंने यह भी आरोप लगाया कि उनकी खुद की जान को भी खतरा है और जेल के अंदर भी उन्हें नुकसान पहुंचाने की कोशिश की गई थी। रौशन ने सीधे तौर पर फैजल खान उर्फ खान सर का नाम लेते हुए कई सवाल उठाए हैं।
फिलहाल प्रिंस यादव की मौत की असली वजह साफ नहीं हो पाई है। परिवार, समर्थक और जांच एजेंसियां अब पोस्टमार्टम रिपोर्ट और फॉरेंसिक जांच के नतीजों का इंतजार कर रही हैं। इन्हीं रिपोर्टों के आधार पर यह स्पष्ट हो सकेगा कि मौत के पीछे बीमारी, दवाओं का असर या कोई अन्य कारण जिम्मेदार था।
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