Success Story: 25 बार फेल होकर पाई सरकारी नौकरी, दिन में वेटर, रात को गार्ड बन ATM में पढ़ाई
Security Guard Got Government job in Rajasthan: महज 6 माह की उम्र में पिता को खो दिया। मां-भाई ने मजदूरी करके जैसे-तैसे 12वीं तक तो पढ़ा दिया, फिर सारा संघर्ष खुद किया और सफल भी हुआ। नाम है चेतन प्रकाश सिंह उर्फ सीपी सिंह।
सीपी सिंह के संघर्ष व सक्सेस का अंदाजा इस बात से लगा सकते हो कि ये दिन में मजदूरी करते और रात को ATM में सिक्योरिटी गार्ड के रूप में ड्यूटी के साथ-साथ पढ़ाई भी। विभिन्न प्रतियोगी परीक्षाओं में 25 बार फेल हुए। फिर भी हार नहीं मानी। आखिर में सरकारी नौकरी लग गए।

यह भी पढ़ें- Success Story: दिहाड़ी मजदूर ने पाई सरकारी नौकरी, 6 बार फेल होकर भी किशन ने नहीं मानी हार
वन इंडिया हिंदी से बातचीत में सीपी सिंह बताता है कि 12वीं तक पढ़ाई गांव चामू से की। फिर जोधपुर जिला मुख्यालय पर आ गया और पढ़ाई का खर्च उठाया। जयनारायण व्यास विश्वविद्यालय से कॉलेज की पढ़ाई पूरी की।
साल 2014 में सीपी सिह जोधपुर में आया और भाटी चौराहा के पास हॉस्टल में रहने लगा। इसी दौरान जोधपुर की चिकन कॉनर्र होटल में सालभर तक वेटर का काम किया। फिर भाटी चौराहा व घंटाघर जोधपुर के पास एटीएम में तीन साल तक काम किया।
सीपी सिंह रात को एटीएम में ड्यूटी के साथ-साथ पढ़ाई भी पूरी की। बीए करने के बाद सीपी ने सरकारी नौकरी के लिए खूब कोशिश की। पीटीटी, बीएसटीसी, पटवारी, ग्राम सेवक, एलडीसी, राजस्थान पुलिस कांस्टेबल, आरएएस समेत कई करीब 25 बार प्रतियोगी परीक्षाएं दी। हर बार फेल हुआ।

25 बार की असफलताओं से हार नहीं मानी और कमियों को सुधारकर फिर कोशिश की। इस बार नतीजा यह रहा कि सीपी बिजली विभाग हेल्पर सेकंड पद पर लग गया। यहां चार साल नौकरी की। इसी दौरान शिक्षक भर्ती की तैयारी की।
साल 2023 में सीपी लेवल टू हिंदी शिक्षक बन गया। बिजली विभाग में हेल्पर की नौकरी छोड़ सीपी ने 4 अक्टूबर 2023 को उदयपुर जिले के भींडर में राजकीय उच्च प्राथमिक विद्यालय मांडलकला में ज्वाइन किया।
बता दें कि सीपी का जन्म राणाराम व सुवा देवी के घर में हुआ। एक भाई भंवर सिंह व तीन बहनों से छोटा सीपी है। सीपी ने बचपन में ही पिता को खो दिया। भाई व गांव में खेती करते हैं।












Click it and Unblock the Notifications