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Elon Musk and Twitter: चिड़िया आजाद हुई या एलन मस्क के पिंजरे में फंस गयी?

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Elon Musk and Twitter: शुक्रवार को एलन मस्क ने ट्विटर का आधिकारिक अधिग्रहण कर लिया और ऐलान किया कि चिड़िया फ्री हो चुकी है। लेकिन जो जानकार हैं, उनकी कुछ चिंताएं हैं। क्या सचमुच चिड़िया फ्री हुई है या एक ऐसे व्यक्ति के पिंजरे में फंस गयी है जो पूरी दुनिया को अपने नये प्रयोगों का पिंजरा बनाना चाहता है?

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    future of twitter after elon musk takeover

    ट्विटर के अधिग्रहण से अगर इसके यूजर्स नए बदलावों को लेकर रोमांचित हैं, तो वहीं कई देशों की सरकारें ट्विटर के मामले में मस्क के संभावित तेवरों को लेकर आशंकित नजर आने लगी हैं।

    अपनी शर्तों पर संसार को चलाने का स्वप्न

    इन आशंकाओं की वजह है, मस्क का पिछला ट्रैक रिकॉर्ड, जो बताता है कि वह दुनिया में एक बेहद कामयाब कारोबारी से अधिक ऐसे व्यक्ति के रूप में प्रसिद्ध होना चाहते हैं, जो दुनिया को अपनी शर्तों पर चलाने की सामर्थ्य रखता है।

    इलेक्ट्रिक वाहन बनाने वाली कंपनी टेस्ला, महत्वाकांक्षी अंतरिक्ष अभियानों से जुड़ी स्पेस-एक्स, इंटरनेट सेवाएं देने वाली स्टारलिंक सेटेलाइट नेटवर्क, मानव मष्तिष्क में चिप लगाने वाली परियोजना न्यूरालिंक के मालिक के रूप में एलन मस्क ने अपने बिजनेस कैरियर के पच्चीस सालों में अपनी यही छवि बनायी है कि वह हमेशा जीतने में यकीन रखते हैं। वो भविष्य में एक बहुत बड़ी वैश्विक ताकत बनना चाहते हैं। ट्विटर पर उनके कब्जे ने इस ताकत को एक झटके में कई गुना बढ़ा दिया है।

    माइक्रो ब्लॉगिंग साइट ट्विटर, यूजर्स की संख्या के हिसाब से फेसबुक(36.64%)और यूट्यूब (27.01%) जैसे प्लेटफॉर्म्स से काफी पीछे होने के बावजूद तीसरे नंबर पर आता है। सोशल मीडिया यूज करने वालों में ट्विटर्स की संख्या 6.82% है और भारत में इसके आधे से भी कम, महज 3.07%। इसके बावजूद यह लगातार चर्चा और चिंता का विषय बना रहता है तो इसकी वजह है, इसके हाईप्रोफाइल यूजर्स, जिनमें बड़े-बड़े राजनेता, ब्यूरोक्रेट्स, मीडिया मुगल, उद्योगपति, स्टार्स, खिलाड़ी आदि शामिल हैं। इनके बारे में कहा जाता है कि वे एक ट्वीट से बहुत सारी चीजों की दशा और दिशा बदल सकते हैं।

    शायद, यही वजह है कि टेस्ला के मालिक एलन मस्क ने इस पर कब्जे को प्राथमिकता दी। हालांकि पिछले छह महीनों से किसी रोलर कोस्टर की तरह यह डील के अपने अंजाम तक पहुँचने तक अनेक उतार-चढ़ावों से गुजरी है।

    लंबे समय से थी ट्विटर पर नजर

    ट्विटर पर कब्जे के एलन मस्क के इरादे पहली बार तब अप्रैल में तब सामने आये, जब उन्होंने 2.9 बिलियन डॉलर में इसके 7.3 करोड़ शेयर खरीदे थे। इसके बदले पहले उनके ट्विटर बोर्ड में शामिल होने की चर्चा चली और फिर कहा गया कि उन्होंने इस कंपनी को खरीदने के लिए प्रति शेयर 54.20 डॉलर की पेशकश की है। ट्विटर की ओर से इस प्रस्ताव को स्वीकार करने और 44 बिलियन डॉलर में इसे खरीदने के मस्क के प्रस्ताव को स्वीकृति देने की घोषणा की गयी।

    लेकिन, फिर अचानक पूरे घटनाक्रम ने यू-टर्न लिया और एलन मस्क ने ट्विटर पर यूजर्स के अकाउंट्स की सही जानकारी न देने का आरोप लगाया और डील से कदम वापस खींच लिए। इस पर ट्विटर डील को लेकर कोर्ट में चला गया और शुक्रवार को कोर्ट के डील को सील करने के ऑर्डर के बाद मस्क द्वारा इसके अधिग्रहण की प्रक्रिया पूरी कर ली गयी।

    और अब, जब ट्विटर एलन मस्क का हो गया है तो पहले दिन से ही उन्होंने सुपर बॉस की भूमिका अपना ली है और आनन-फानन बदलाव में जुट गये हैं। आते ही सबसे पहला काम तो उन्होंने ट्विटर से सीईओ पराग अग्रवाल और पॉलिसी चीफ विजया गाडे, सीएफओ नेड सीगल और जनरल काउंसिल सीन एजेट जैसे ऐसे लोगों की छुट्टी करके किया है। वो उन्हें रास नहीं आते थे, भले ही इसके लिए उन्हें 823 करोड़ रुपये की भारी-भरकम रकम खर्च करनी पड़ी। यही नहीं, इसके बाद किया गया उनका ट्वीट "बर्ड इज फ्रीड" यानि चिड़िया आजाद हो गयी, दर्शाता है कि आने वाले समय में उनका रवैया क्या रहने वाला है।

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    तुनकमिजाज और सनकी सिल्वेस्टर जैसे मस्क

    बेशक मस्क खुद को फ्री स्पीच का पक्षधर जताते हों, लेकिन उनका तुनकमिजाज और सनकी रवैया यह दर्शाता है कि वह व्यक्तिगत स्वतंत्रता को बहुत ज्यादा छूट देने के पक्ष में नहीं हैं। जिन डोनाल्ड ट्रम्प का ट्विटर हैंडल, यूएस के कैपिटल हिल में हिंसा भड़काने वाले एक ट्वीट की वजह से सस्पेंड किया गया था, उन्हें वे फिर से ट्विटर पर लाने जा रहे हैं। इसे सस्पेंड करने वाली विजया गाडे को तो वह पहले ही उनके किये की सजा दे चुके हैं।

    आशंका तो यह भी जतायी जा रही है कि वह ट्वीटर के साढ़े सात हजार कर्मचारियों की फौज का आकार कतर कर 75% छोटा करना चाहते हैं। हालांकि उन्होंने अधिग्रहण से दो दिन पहले कर्मचारियों को आश्वस्त किया था कि उनकी ऐसी कोई योजना नहीं है, लेकिन उनकी कार्यशैली को जानने वाले इससे निश्चिंत नहीं हो पा रहे हैं।

    दरअसल मस्क उन्हीं नियमों में विश्वास करते हैं, जो उनके अनुरूप हो। वर्ना वह उन्हें तोड़ने या अपने हिमायती ताकतवर लोगों की लॉबी की मदद से बदलवाने की सामर्थ्य रखते हैं। वह अपने कामों में सरकारों के हस्तक्षेप या सेंसरशिप को पसंद नहीं करते। अपने एक ट्वीट पर आर्थिक और राजनीतिक उथल-पुथल मचा देने की कूवत रख देने वाले मस्क आने वाले समय में किस प्रकार की वैश्विक भूमिका निभाना चाहते हैं, किसी को अंदाजा नहीं है। लेकिन, यह तय है कि वह एक व्यवसायी से बहुत अधिक होगी।

    जहॉं तक ट्विटर का प्रश्न है, इसके दुनिया भर में करीब 22 करोड़ यूजर्स हैं। मस्क का मानना है कि इनमें 20% से 80% अकाउंट फेक हो सकते हैं। अब जब कमांड उनके हाथ में है तो माना जा सकता है कि इनकी छँटनी करना मस्क की पहली प्राथमिकता होगी। हर दस में से आठ अकाउंट को फर्जी बताने वाले एलन मस्क इसकी आड़ में कितने प्रभावशाली यूजर्स के पर कतरने में कामयाब होंगे, इसका अंदाजा लगाना मुश्किल नहीं है। ट्रम्प जैसे बहुत से प्रतिबंधित अकाउंट्स की पुनर्बहाली, कंटेट मॉडरेशन पॉलिसी में बदलाव, प्रीमियम सब्सक्रिप्शन, इसे ऑल-इन-वन सुपर एप्प बनाना, इसके 90% रेवेन्यू को एडवर्टाइजिंग से जेनरेट करना आदि उनकी अन्य योजनाओं में शामिल हैं।

    मानवता के लिए सौदा या मानवता का सौदा?

    वैसे यह भी अपने आप में कम दिलचस्प नहीं है कि मस्क के विवादास्पद बयानों और ट्वीट्स की वजह से उनसे नफरत करने वाले भी कुछ कम नहीं हैं। मानवता के लिए समर्पित होने का दावा करने वाले मस्क पर आरोप है कि वह सार्वजनिक परिवहन से घृणा करते हैं, ट्रांसजेंडर कम्युनिटी को लेकर असंवेदनशील टिप्पणियॉं करते हैं, उन्होंने अमीरी और गरीबी के बीच की खाई को बढ़ाने में काफी योगदान दिया है, कोरोना के समय में भ्रामक सूचनायें प्रसारित की हैं, वह अंतरिक्ष पर कब्जा चाहते हैं, कॉलेजों को समय की बर्बादी मानते हैं, अपने कर्मचारियों का आर्थिक शोषण करते हैं, क्रिप्टोकरेंसी मार्केट में अस्थिरता को बढ़ावा देते हैं, अपनी कंपनी न्यूरालिंक के जरिये पशुओं के प्रति क्रूरता का परिचय देते हैं, वगैरह-वगैरह।

    बहरहाल, ट्विटर के अधिग्रहण को दुनिया के इस सबसे बड़े धनिक ने मानवता की सहायता करने के उनके नोबेल मिशन का एक हिस्सा बताया है। अब देखना यही है कि मानवता उनके इस महान कदम से कितना लाभान्वित हो पाती है।

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    (इस लेख में लेखक ने अपने निजी विचार व्यक्त किए हैं. लेख में प्रस्तुत किसी भी विचार एवं जानकारी के प्रति Oneindia उत्तरदायी नहीं है।)

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    English summary
    future of twitter after elon musk takeover
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