हरीश राणा को SC से मिली इच्‍छामुत्‍यु की इजाजत, किन देशों में पहले से है परमीशन? यहां तो आत्महत्‍या भी है लीगल

Passive euthanasia: सुप्रीम कोर्ट ने 11 मार्च को एतिहासिक फैसला सुनाते हुए 32 वर्षीय हरीश राणा को गरिमापूर्ण मृत्यु (passive euthanasia) की अनुमति दे दी है, जो पिछले 13 वर्षों से कोमा में थे। साल 2013 में चौथी मंजिल से गिरने के कारण उन्हें गंभीर दिमागी चोटें आई थीं। यह फैसला देश में अदालत द्वारा आदेशित निष्क्रिय इच्छामृत्यु (Passive euthanasia) का पहला मामला है और यह एक महत्वपूर्ण कानूनी नजीर स्थापित करता है।

जस्टिस जेबी पारदीवाला और केवी विश्वनाथन की भावुक पीठ ने यह ऐतिहासिक निर्णय सुनाया। यह फैसला 2018 के सुप्रीम कोर्ट के उस निर्णय के कई पहलुओं को स्पष्ट करता है, जिसने निष्क्रिय इच्छामृत्यु की वैधता को पहले ही मान्यता दे दी थी। इस Verdict का उद्देश्य 2018 के दिशानिर्देशों को आगे बढ़ाना है।

Passive euthanasia

हरीश राणा के मामले में अदालत ने विशेष रूप से उन स्थितियों को स्पष्ट किया है, जहां एक मरीज का जीवन फीडिंग ट्यूब के माध्यम से दिए गए पोषण पर निर्भर है। पिछले फैसले में इस अत्यंत महत्वपूर्ण पहलू को स्पष्ट रूप से परिभाषित नहीं किया गया था, जिससे ऐसे मामलों में अनिश्चितता बनी हुई थी।

इच्छामृत्यु (Euthanasia) को लेकर दुनिया के अलग-अलग देशों में कानून अलग हैं और आमतौर पर बहुत सख्त शर्तों के साथ इसकी अनुमति दी जाती है। आइए जानते हैं कौन सा वो पहला देश है जहां पर सबसे पहले इच्‍छामृत्‍यु कानून लागू हुआ और किन देशों में पहले से है परमीशन, वहां क्‍या है नियम?

वो पहला देश जिसने इच्छामृत्यु को कानूनी बनाया?

Netherlands दुनिया का पहला देश था जिसने 2002 में इच्छा मृत्यु और डॉक्टर की मदद से आत्महत्या दोनों को कानूनी बनाया। नेदरलैंड्स (Netherlands) ने 2002 में "Termination of Life on Request and Assisted Suicide (Review Procedures) Act" लागू किया। यहां मरीज को असहनीय और लाइलाज बीमारी होनी चाहिए, उसकी इच्छा स्वेच्छा से और बार-बार व्यक्त की गई होनी चाहिए, और कम से कम दो डॉक्टरों की सहमति जरूरी होती है।

Belgium में नाबालिगों के लिए भी है इच्‍छामुत्‍यु की परमीशन

Belgium में भी 2002 से इच्छा मृत्यु कानूनी है। यहाँ वयस्कों के साथ-साथ कुछ परिस्थितियों में नाबालिगों के लिए भी इसकी अनुमति दी जा सकती है, बशर्ते कि बीमारी गंभीर और असाध्य हो तथा माता-पिता की अनुमति भी हो।

Luxembourg देश में आत्‍महत्‍या भी है लीगल

लक्समबर्ग में 2009 से इच्छा मृत्यु और डॉक्टर-सहायता से आत्महत्या दोनों कानूनी हैं। यहाँ भी मरीज को गंभीर और लाइलाज बीमारी होना जरूरी है और मेडिकल बोर्ड की प्रक्रिया से गुजरना पड़ता है।

Switzerland में डॉक्‍टर नहीं देता इच्‍छामृत्‍यु

Switzerland में अलग प्रकार का नियम है। यहाँ डॉक्टर सीधे इच्छा मृत्यु नहीं देते, लेकिन "physician-assisted suicide" यानी डॉक्टर की मदद से आत्महत्या की अनुमति है, बशर्ते इसमें कोई स्वार्थ या आर्थिक लाभ न हो।

Canada में इच्‍छामुत्‍यु को लेकर नियम है सख्‍त

Canada में "MAID" (Medical Assistance in Dying) नाम से कानून लागू है। इसके तहत डॉक्टर या नर्स मरीज को दवा देकर जीवन समाप्त कर सकते हैं या मरीज खुद दवा ले सकता है, लेकिन मरीज वयस्क हो और गंभीर तथा असाध्य बीमारी से पीड़ित हो।

Spain और New Zealand में कब दी जाती है इच्‍छामृत्‍यु?

Spain और New Zealand में भी हाल के वर्षों में इच्छा मृत्यु को कानूनी बनाया गया है। यहां भी मुख्य शर्त यह है कि मरीज को गंभीर, असाध्य और असहनीय पीड़ा देने वाली बीमारी हो और उसकी स्वेच्छा स्पष्ट रूप से दर्ज हो।

अमेरिका में इच्‍छामृत्‍यु को क्‍या है नियम?

United States में यह पूरे देश में नहीं बल्कि कुछ राज्यों में ही कानूनी है, जैसे Oregon, California और Washington। इन राज्यों में डॉक्टर केवल दवा लिख सकते हैं, जिसे मरीज स्वयं लेकर जीवन समाप्त करता है।

भारत में अभी भी अवैध है इस तरह की इच्‍छामृत्‍यु

गौरतलब है कि भारत में सक्रिय इच्छामृत्यु (Active Euthanasia) अभी भी अवैध है। हालांकि Supreme Court of India ने 2018 में "Passive Euthanasia" की अनुमति दी, जिसमें कुछ स्थितियों में मरीज की इच्छा या "Living Will" के आधार पर लाइफ-सपोर्ट हटाया जा सकता है।

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