एक अलग इस्लामिक देश की जुगत में श्रीलंका का नेशनल तौहीद जमात
नई दिल्ली। श्रीलंका में 21 अप्रैल को हुए ब्लास्ट्स की जांच में भारत की एजेंसियों की तरफ से मदद की जा रही है। इन हमलों की जिम्मेदारी भले ही आईएसआईएस ने ली हो लेकिन एजेंसियां हमलों में नेशनल तौहीद जमात (एनटीजे) के रोल से इनकार नहीं कर रही हैं। भारत में सुरक्षा एजेंसियों को अब इस सिलसिले में मालूम चला है कि तमिलनाडु के संगठन और केरल के कुछ लोग लगातार एनटीजे के संपर्क में थे। सूत्रों की मानें तो एनटीजे एक अलग इस्लामिक देश इस क्षेत्र में तैयार करना चाहता है। पिछले कुछ वर्षों से इस दिशा में उसकी कई कोशिशें जारी थीं। तमिलनाडु का संगठन और केरल के कुछ लोग इसी कोशिशों में एनटीजे के साथ बराबर बातचीत कर रहे थे।

तमिलनाडु की संस्था पर नजर
अधिकारियों ने हालांकि इस बात से साफ इनकार कर दिया है कि तमिलनाडु की संस्था का कोलंबों में हुए हमलों से कोई लेना-देना है लेकिन लगातार संस्था की ओर से चरमपंथी तत्वों के साथ संपर्क बनाया गया है। अब एजेंसियों की जांच इस दिशा की तरफ मुड़ गई है। मंगलवार को आईएस की ओर से बयान जारी कर 21 अप्रैल को हुए हमलों की जिम्मेदारी ली गई थी। इन हमलों में अब तक 359 लोगों की मौत हो चुकी है। एनटीजे को मौलवी जाहरान बिन हाशिम लीड कर रहा था और उसे ही इन हमलों का मास्टरमाइंड बताया जा रहा है। कोलंबो के शांगरी-ला होटल में उसने खुद को उड़ा लिया था।

केरल के युवाओं के संपर्क में एनटीजे
भारत की एजेंसियां अब इस बात का भी पता लगा रही हैं कि कहीं हमलों के बांग्लादेश में मौजूद आईएस के मॉड्यूल का कोई हाथ तो नहीं हैं। इसी मॉड्यूल ने दक्षिण भारत में अपने कदम जमाने की कोशिश की थी और अभी तक कोशिशें कर रहे हैं। नेशनल इनवेस्टिगेशन एजेंसी (एनआईए) ने पिछले वर्ष दावा किया था कि एक दर्जन से ज्यादा आईएस रिक्रू्ट्स जो तमिलनाडु या केरल से थे, वे या तो श्रीलंका से लौटे थे या फिर श्रीलंका में मौजूद हाशिम से जेहादी गतिविधियों के सिलसिले में बात करते थे। इसके बाद ही ये अफगानिस्तान के ननगरहार प्रांत पहुंचे थे।

पुराने सुबूतों को खंगालने में जुटी एनआईए
जो संदिग्ध श्रीलंका गए थे उनमें कसारगोड के अश्फाक मजीद, कोझीकोड का अब्दुल राशिद अब्दुल्ला और पलाक्कड़ का रहने वाला बेस्टिन विसेंट शामिल है। मजीद और अब्दुल्ला साल 2016 में अपनी पत्नी और बेटी के साथ श्रीलंका गए थे। वहीं विसेंट दिसंबर 2015 में श्रीलंका गया था। एनआईए अब उन सुबूतों को फिर से खंगाल रही है जिन्हें दक्षिण भारत से आईएस के मॉड्यूल की जांच के समय इकट्ठा किया गया था। एनआईए यह देखना चाहती है कि कहीं हाशिम ने दूसरे भारतीय आईएस संदिग्धों को तो रैडेक्लाइज नहीं किया था। एनआईए साल 2014 से अब तक अलग-अलग राज्यों से 70 आईएस मेंबर्स को गिरफ्तार कर चुकी है। सबसे ज्यादा संख्या तमिलनाडु और केरल के युवाओं की है।
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