Sri Lanka: चर्च में आत्मघाती हमला कर लोगों की जान लेने वाले आतंकी की पत्नी ने दिया बच्चे को जन्म
कोलंबो। 21 अप्रैल को श्रीलंका के सेंट एंथोनीज चर्च पर सुसाइड हमले में कई लोगों की जान लेने वाले हमलावर की पत्नी ने दो हफ्तों बाद आतंकी के बच्चे को जन्म दिया है। श्रीलंका में ईस्टर के मौके पर हुए इन हमलों में 250 से ज्यादा लोगों की मौत हो गई थी। सेंट एंथोनीज हमले में शामिल आतंकी भी मारा गया था, कोलंबो की मजिस्ट्रेट कोर्ट ने इस बात की जानकारी दी थी। श्रीलंका में 21 अप्रैल को हुए हमलों के बाद हालात बेकाबू होते जा रहे हैं। उत्तरी श्रीलंका में तीन बड़े जिलों में मुसलमान विरोधी दंगे भड़क गए हैं।

लॉ का ग्रेजुएट था आतंकी मुआत
22 वर्ष का लॉ ग्रेजुएट अलवाद्दीन अहमद मुआत उन नौ आत्मघाती हमलावरों में शामिल था, जिसने ईस्टर के मौके पर हुए हमलों को अंजाम दिया था। कोलंबों में तीन चर्च और तीन लग्जरी होटलों को आतंकियों ने निशाना बनाया था। मंगलवार को हुई कोर्ट की सुनवाई के दौरान मुआत के 59 वर्षीय पिता अहमद लेब्बे अलवाद्दीन ने चीफ मजिस्ट्रेट को जानकारी दी कि हमलावर उनके पांच बच्चों में से चौथे नंबर का बेटा था। जल्द ही वह कोलंबो के लॉ कॉलेज में आगे की पढ़ाई के लिए एडमिशन लेने वाला था।

14 अप्रैल को पिता ने आखिरी बार देखा बेटे को
मुआत की शादी पिछले वर्ष हुई थी और पांच मई को उसकी पत्नी ने आतंकी के पहले बच्चे को जन्म दिया है। अलाद्दीन ने कोर्ट को यह भी बताया कि उन्होंने 14 अप्रैल को आखिरी बार अपने बेटे को देखा था जब वह अपनी बड़ी बहन को देखने आया था। बहन ने 13 अप्रैल को पहले बच्चे को जन्म दिया था। जिस समय हमले हो रहे थे मुआत की पत्नी ने उसके बड़े भाई को फोन किया और यह जानने की कोशिश की थी कि कहीं उसका पति अपने माता-पिता के घर तो नहीं गया था।

सिर से की मारे गए बेटे की पहचान
अलवाद्दीन ने कोर्ट को यह जानकारी भी दी है कि उन्होंने अपने बेटे की पहचान उसके सिर से की। अलवाद्दीन अपने बेटे के खर्च के लिए हर माह 30,000 रुपए का इंतजाम करते और उसे भेजते थे। मुआत की मां की मानें तो वह नौकरी नहीं करता था लेकिन उसने सेंटामारातू की एक महिला से शादी कर ली थी।

घर वालों से कहा मेरी तलाश मत करना
मुआत के साले की मानें तो उसने अपनी एक बहन के पति को चिट्ठी लिखी थी। इसमें उन्होंने लिखा था, 'मेरी तलाश मत करना, मैं यहां पर आता रहूंगा। कृप्या माता-पिता का ध्यान रखना और मेरे लिए प्रार्थना करना।' उसकी मौत के बाद यह नोट बरामद हुआ था। इस बीच हमलावर के दो भाईयों को गिरफ्तार कर लिया गया है। इन हमलों की जिम्मेदारी आईएसआईएस ने ली थी।
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