नोटबंदी: दो दिन देर से जागा चुनाव आयोग, अब कह रहा नियमों के हिसाब से लगाएं अमिट स्‍याही

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नई दिल्‍ली। भारतीय चुनाव आयोग का ढीला रवैया एक बार फिर देखने को मिला है। देश में व‍िमुद्रीकरण का नियम लागू किए जाने के बाद से ही बैंकों के बाहर लंबी-लंबी लाइनें लग गई हैं। इन कतारों को कम करने के लिए व‍ित्‍त मंत्रालय ने नोट बदलवाने के दौरान उंगली में स्‍याही लगाने का फैसला लागू किया।

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ममता बनर्जी ने किया था विरोध

पर जैसे ही व‍ित्‍त मंत्रालय ने इस फैसले की घोषणा, उसके तुरंत बाद पश्‍चिम बंगाल की मुख्‍यमंत्री ममता बनर्जी ने इस फैसले का व‍िरोध किया और चुनाव आयोग से इस मामले को तुरंत रोकने की मांग की। इस फैसले की घोषणा व‍ित्‍त मंत्रालय ने 15 नवंबर को थी। ममता बनर्जी ने हवाला दिया था कि 19 नवंबर को कई राज्‍यों में उपचुनाव होने हैं, ऐसे में कैसे नोट बदलवाने के दौरान लोगों के हाथों में स्‍याही लगाई जा सकती है।

सामने आई बड़ी लापरवाही, किसी भी उंगली पर लगा दे रहे स्याही

15 नवंबर को ही पश्चिम बंगाल के मुख्‍य चुनाव आयुक्‍त ने इस बावत भारतीय चुनाव आयोग को पत्र लिखकर व‍ित्‍त मंत्रालय के इस फैसले पर ध्‍यान देने को कहा था। पर भारतीय चुनाव आयोग ने इस पर स्‍वत संज्ञान नहीं लिया और तीन बाद बाद जाकर केंद्र सरकार को इस बावत ध्‍यान देने को कहा है।

चुनाव के नियमों के हिसाब लगे अमिट स्‍याही

पश्चिम बंगाल के मुख्‍य चुनाव आयुक्‍त ने भारतीय चुनाव आयोग को पत्र लिखते हुए कहा था कि चुनाव के नियम 1961 के अधीन नियम 49K के मुताबिक चुनाव के दौरान किसी भी व्‍यक्ति की बाएं हाथ की उंगली में अमिट स्‍याही लगाई जाती है। अगर किसी व्‍यक्ति के बाएं हाथ में कोई भी उंगली नहीं है तो उसके दाएं हाथ की तर्जनी वाली उंगली में स्‍याही लगाई जाती है। पर अभी बैंकों में नोट बदलवाने के दौरान स्‍याही लगाने का कोई नियम नहीं है। बैंक में नोट बदलवाने के दौरान व्‍यक्ति के किसी भी हाथ की किसी भी उंगली में अमिट स्‍याही लगा दी जा रही है।

उंगली पर स्याही के निशान को लेकर चुनाव आयोग ने लिखी चिट्ठी

कई राज्‍यों में 19 नवंबर को उपचुनाव

उन्‍होंने चुनाव आयोग से कहा कि क्‍योंकि 19 नवंबर को असम, पश्चिम बंगाल, मध्‍य प्रदेश, अरूणाचल प्रदेश, तमिलनाडु, त्रिपुरा, पुडुचेरी में उपचुनाव होने हैं। इसलिए अमिट स्‍याही लगाने से पहले बैंकों को चुनाव के नियमों के बारे में पता होना चाहिए।

पश्चिम बंगाल के मुख्‍य चुनाव आयुक्‍त के इस पत्र के जवाब में तीन दिन भारतीय चुनाव आयोग जागा और उसने केंद्र सरकार को सलाह दी है कि उपचुनावों को ध्‍यान में रखकर अमिट स्‍याही को ध्‍यान में रखा जाए।

पर राजनीतिक दल सवाल ये उठा रहे हैं कि जिन लोगों के उंगली में स्‍याही लग चुकी है। वो उपचुनावों वाली जगह पर वोट डाल पाएंगे या भी शनिवार को उन्‍हें भी मुसीबत का सामना करना पड़ेगा।

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English summary
election commission asks to central government about use of indelible ink at banks
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