Zomato ने दिया तगड़ा झटका! बढ़ा दी प्लेटफॉर्म फीस, नई कीमतों का आपकी जेब पर कितना होगा असर?
Zomato Hikes Platform Fee: ऑनलाइन खाना ऑर्डर करने वाले शौकीनों के लिए एक बड़ी खबर है। भारत की दिग्गज फूड डिलीवरी कंपनी Zomato ने एक बार फिर अपनी प्लेटफॉर्म फीस में बढ़ोतरी कर दी है, जिससे अब आपका पसंदीदा खाना मंगाना और भी महंगा हो जाएगा। 20 मार्च 2026 से लागू इस नए अपडेट के अनुसार, कंपनी ने फीस में करीब 19.2% का इजाफा किया है। अब ग्राहकों को हर ऑर्डर पर ₹12.50 के बजाय ₹14.90 (प्री-जीएसटी) प्लेटफॉर्म फीस देनी होगी।
खास बात यह है कि पिछले छह महीनों में यह दूसरी बड़ी बढ़ोतरी है। इससे पहले सितंबर 2025 में भी फीस बढ़ाई गई थी। मिडिल ईस्ट में बढ़ते तनाव और ईंधन की कीमतों में उछाल के कारण परिचालन लागत (Operating Cost) बढ़ी है, जिसका सीधा असर अब ग्राहकों की जेब पर पड़ रहा है।

Zomato vs Swiggy, बराबर हुई जंग
Zomato की मुख्य प्रतिद्वंद्वी कंपनी Swiggy भी पीछे नहीं है। स्विगी फिलहाल टैक्स सहित लगभग ₹14.99 प्रति ऑर्डर प्लेटफॉर्म फीस वसूल रही है। बाजार में दोनों ही कंपनियां अपनी यूनिट इकोनॉमिक्स और मुनाफे को बेहतर बनाने के लिए लगभग एक जैसी प्राइसिंग नीति अपना रही हैं।
ये भी पढ़ें: Crude Oil Price: कच्चे तेल के दाम में भारी उछाल, आपके शहर में आज क्या है LPG, Petrol -Diesel के दाम?
प्लेटफॉर्म फीस का पूरा गणित
प्लेटफॉर्म फीस वह तय चार्ज होता है जिसे कंपनियां अपने ऐप के रखरखाव और सेवाओं को सुचारू रूप से चलाने के लिए लेती हैं। ध्यान देने वाली बातें:
- यह डिलीवरी चार्ज और टैक्स से अलग होता है।
- यह चार्ज Zomato Gold मेंबर्स को भी देना पड़ता है, जिन्हें आमतौर पर डिलीवरी फीस में छूट मिलती है।
- छोटे ऑर्डर्स (₹150-₹300) पर इस फीस का असर सबसे ज्यादा महसूस होता है।
Zomato Swiggy Delivery Charge: क्यों बढ़ रही है बार-बार फीस?
कंपनियों का कहना है कि बढ़ती लागत और कच्चे तेल के दामों में अस्थिरता की वजह से यह कदम उठाना जरूरी हो गया है। एलपीजी संकट और ईंधन महंगा होने से डिलीवरी पार्टनर्स और रेस्टोरेंट्स दोनों पर दबाव है। हालांकि, छोटी दिखने वाली यह बढ़ोतरी कंपनी के लिए करोड़ों का मुनाफा लाती है क्योंकि Zomato और Swiggy प्रतिदिन लाखों ऑर्डर्स प्रोसेस करते हैं।
इस बीच, बाजार में Rapido जैसे नए खिलाड़ी अपनी फूड डिलीवरी सर्विस 'Ownly' के साथ उतर रहे हैं, जो बिना किसी प्लेटफॉर्म फीस के सेवा देने का दावा कर रहे हैं। ऐसे में देखना होगा कि ग्राहक महंगे होते इन प्लेटफॉर्म्स पर टिके रहते हैं या नए विकल्पों की ओर रुख करते हैं।
With AI Inputs
ये भी पढ़ें: LPG Shortage: 10% बढ़ा एलपीजी का कोटा, इस राज्य के 40000 होटलों पर नहीं लगेगा ताला












Click it and Unblock the Notifications