Get Updates
Get notified of breaking news, exclusive insights, and must-see stories!

Khamenei Death: खामेनेई की मौत से राजस्थान में शोक की लहर, पूरे गांव में नहीं मनाई जाएगी ईद

Khamenei Death: अजमेर के पास स्थित दौराई गांव में इस बार ईद की खुशियां मातम में बदल गई हैं। ईरान के सर्वोच्च नेता अयातुल्ला अली खामेनेई के निधन की खबर ने यहां के शिया समुदाय को गहरे शोक में डुबो दिया है। हर साल जहां ईद पर इस गांव की गलियों में रौनक और चहल-पहल होती थी, वहां इस बार सन्नाटा पसरा है।

ग्रामीणों ने सामूहिक रूप से फैसला लिया है कि वे इस बार ईद का कोई जश्न नहीं मनाएंगे। समाज के लोग काली पट्टी बांधकर अपना दुख प्रकट कर रहे हैं और सादगी के साथ इस घड़ी को बिता रहे हैं।

khamenei death impact rajasthan

No Eid Celebration in Ajmer: ईद पर पसरा सन्नाटा

दौराई गांव में इस बार ईद के मौके पर न तो बाजारों में वैसी रौनक दिखी और न ही घरों में पकवानों की खुशबू। आमतौर पर नए कपड़ों और मिठाइयों के साथ मनाया जाने वाला यह त्योहार इस बार पूरी तरह फीका रहा। शिया समुदाय का कहना है कि उनके धर्मगुरु और मार्गदर्शक खामेनेई के निधन के बाद जश्न मनाना उनके लिए संभव नहीं है। गांव की सड़कें सूनी हैं और लोग अपने घरों में गुमसुम बैठकर शोक मना रहे हैं।

ये भी पढे़ं: Khamenei Death: बेटा, बहू, साला! खामेनेई पर हुए अटैक में किन-किन लोगों की मौत, लीक ऑडियो ने खोला खौफनाक सच

Khamenei Death Shia Mourning: काली पट्टी बांध जताया विरोध

ईरान में चल रहे संघर्ष और अपने सर्वोच्च नेता की मौत से आहत ग्रामीणों ने विरोध और शोक का अनोखा तरीका अपनाया है। गांव के युवाओं और बुजुर्गों ने हाथों पर काली पट्टी बांधी है। उनका कहना है कि जब तक खामेनेई के अंतिम संस्कार की प्रक्रिया पूरी नहीं हो जाती, वे किसी भी तरह के उत्सव का हिस्सा नहीं बनेंगे। बच्चों को भी इस बार नए कपड़े नहीं दिलाए गए, ताकि आने वाली पीढ़ी भी इस दुख की गंभीरता को समझ सके।

ये भी पढ़ें: Khamenei Death: खामेनेई से सिक्योरिटी चीफ तक, 18 दिन में ईरान के 6 सबसे बड़े लीडर ढेर, अब किसकी बारी?

मस्जिद में हुई शोक सभा

गांव की रोजा मस्जिद में मौलाना इरफान हैदर के नेतृत्व में एक विशेष शोक सभा आयोजित की गई। इस सभा में बड़ी संख्या में ग्रामीण शामिल हुए और अयातुल्ला खामेनेई को याद किया। मौलाना ने समाज को संबोधित करते हुए कहा कि यह समय आत्ममंथन और एकजुटता दिखाने का है। सभा में खामेनेई के बताए रास्तों पर चलने का संकल्प लिया गया और उनके निधन को पूरे मुस्लिम जगत के लिए एक बड़ी क्षति बताया गया।

सादगी और एकजुटता का संदेश

दौराई गांव के लोगों ने इस फैसले के जरिए दुनिया को एकजुटता का संदेश दिया है। ग्रामीणों का मानना है कि धर्मगुरु के प्रति सम्मान दिखाना उनके लिए त्योहार से कहीं ज्यादा जरूरी है। पूरे इलाके में मातम जैसा माहौल है और लोग एक-दूसरे को ईद की मुबारकबाद देने के बजाय सांत्वना दे रहे हैं। सामूहिक निर्णय के कारण गांव के हर घर ने इस बार सेवइयां और खुशियां छोड़कर सादगी के साथ दुख बांटने का रास्ता चुना है।

More From
Prev
Next
Notifications
Settings
Clear Notifications
Notifications
Use the toggle to switch on notifications
  • Block for 8 hours
  • Block for 12 hours
  • Block for 24 hours
  • Don't block
Gender
Select your Gender
  • Male
  • Female
  • Others
Age
Select your Age Range
  • Under 18
  • 18 to 25
  • 26 to 35
  • 36 to 45
  • 45 to 55
  • 55+