दूसरे विश्व युद्ध के बाद COVID-19 विनाशकारी घटना, वैश्विक अर्थव्यवस्था में गिरावट बड़ी चुनौती: हर्ष वी श्रृंगला
नई दिल्ली। देश-दुनिया में फैली कोरोना वायरस महामारी अब तक करोड़ों लोगों को अपनी चपेट में ले लिया है, जबकि लाखों लोगों की मौत हो चुकी है। कोरोना के चलते विश्व की अर्थव्यवस्था को भी बड़ा नुकसान पहुंचा है। भारत समेत कई देशों की जीडीपी ग्रोथ निगेटिव हो गई है। इस बीच एक कार्यक्रम में विदेश सचिव हर्ष वी श्रृंगला ने कोरोना वायरस को द्वितीय विश्व युद्ध के बाद सबसे विनाशकारी घटना बताया है। उन्होंने कहा कि हम यह अपरिहार्य है कि हम महामारी के बाद के युग में एक अलग दुनिया का अनुभव करेंगे।

गौरतलब है कि कोरोना वायरस महामारी के चलते दुनिया भर में लाखों लोग अपनी जान गंवा चुके हैं और यह संख्या लगातार बढ़ रही है। नेशनल डिफेंस कॉलेज के डायमंड जुबली सेमिनार को संबोधित करते हुए हर्ष वी श्रृंगला ने कोरोना के बाद की दुनिया को लेकर चर्चा की है। उन्होंने कहा कि हम अपने दैनिक जीवन में आभासी होने की नई वास्तविकता का सामना करने की कोशिश कर रहे हैं। उन्होंने कहा कि भारत नियम आधारित अंतरराष्ट्रीय व्यवस्था के लिए काम करने को प्रतिबद्ध है। यह नियम कानून सम्मत, पारदर्शी, नौवहन की स्वतंत्रता, भौगोलिक एकता और संप्रभुता का सम्मान और विवादों के शांतिप्रिय समाधान पर आधारित होने चाहिए।
उन्होंने आगे कहा, 'महामारी से वैश्विक आर्थिक गिरावट आने वाले समय में हमारे लिए चुनौती बनी रहेगी। जैसा कि हमने 2008 की वैश्विक मंदी के दौरान देखा था, इस परिमाण के आर्थिक असफलताओं के लिए एक सावधानीपूर्वक विचार-विमर्श की आवश्यकता है।' इस दौरान उन्होंने महामारी से निबटने के भारत के प्रयासों के बारे में भी चर्चा की। श्रृंगला ने कहा कि भारत ने अपने विकास के अनुभवों को अपने सहयोगियों के साथ बांटने का अनोखा तरीका विकसित किया है। यह दुनिया के विभिन्न भौगोलिक इलाकों में 'बेहतरी के लिये ताकत' होने की भारत की रणनीतिक आकांक्षाओं को दिखाता है।
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