Alvida Jumma 2026: अलविदा जुम्मा आज, दिल्ली से लेकर लखनऊ तक क्या है आपके शहर में नमाज का टाइम?
Alvida Jumma 2026: जुमा-तुल-विदा (Jumu'atul-Wida) रमजान के आखिरी शुक्रवार को कहा जाता है। इस्लाम धर्म में अलविदा जुम्मा बहुत खास माना जाता है। रमजान के महीने में आने वाला यह अंतिम शुक्रवार होने के कारण इसे अलविदा जुम्मा कहते हैं।
इस दिन मुसलमान बड़ी श्रद्धा और भक्ति के साथ नमाज अदा करते हैं और अल्लाह से रहमत और माफी की दुआ मांगते हैं। अलविदा जुम्मा का मतलब होता है - 'रमजान को विदाई देने वाला शुक्रवार।' इस दिन मस्जिदों में बड़ी संख्या में लोग इकट्ठा होकर जुम्मे की नमाज अदा करते हैं।

लोग कुरान शरीफ की तिलावत करते हैं, दुआ करते हैं और अल्लाह से अपने गुनाहों की माफी मांगते हैं। अलविदा जुम्मा के दिन गरीबों और जरूरतमंदों को दान देना भी बहुत पुण्य माना जाता है। इस दिन जकात और सदका देने से अल्लाह की विशेष कृपा प्राप्त होती है। इस दिन 14 रकात (चार रकात सुन्नत, दो रकात फर्ज, चार रकात सुन्नत, और दो रकात सुन्नत/नफल) नमाज अदा की जाती है।
Alvida Jumma 2026 Today: 'रमजान की विदाई और ईद के स्वागत की शुरुआत'
अलविदा जुम्मा केवल इबादत का दिन ही नहीं, बल्कि यह भाईचारे और एकता का संदेश भी देता है। लोग एक-दूसरे से मिलकर अमन और खुशहाली की दुआ करते हैं। इस दिन को रमजान की विदाई और ईद के स्वागत की शुरुआत भी माना जाता है। कहा जाता है कि जुम्मा को जो कोई भी सच्चे मन से दुआ मांगता है, खुदा उसकी दुआ जरूर कबूल करता है।
Alvida Jumma 2026 ki Namaz ka Time: आपके शहर में क्या है जुम्मे की नमाज का टाइम
- लखनऊ: मौलाना खालिद रशीद फिरंगी महली के ऐलान के मुताबिक, अलविदा जुम्मा की नमाज़ 13 मार्च को दोपहर करीब 12:45 बजे होगी।
- बैंगलोर में नमाज़ का समय (13 मार्च, 2026): अलविदा जुम्मा की नमाज़ 13 मार्च को दोपहर 12:29 बजे होगी।
- दिल्ली में नमाज़ का समय (13 मार्च, 2026): अलविदा जुम्मा की नमाज़ 13 मार्च को दोपहर 12:23 बजे होगी।
- हैदराबाद में नमाज़ का समय (13 मार्च, 2026): अलविदा जुम्मा की नमाज़ 13 मार्च को दोपहर 12:24 बजे होगी।
- चेन्नई में नमाज़ का समय (13 मार्च, 2026): अलविदा जुम्मा की नमाज़ 13 मार्च को दोपहर 12:25 बजे होगी।
- मुंबई में नमाज़ का समय (13 मार्च, 2026): अलविदा जुम्मा की नमाज़ 13 मार्च को दोपहर 12:23 बजे होगी।
Alvida Jumma 2026 Significance: क्या है जुम्मे की नमाज का महत्व?
इस्लाम में शुक्रवार को बरकत और रहमत का दिन माना जाता है। इस दिन पढ़ी जाने वाली जुम्मे की नमाज आम नमाज से अधिक महत्व रखती है। इसे पढ़ने से अल्लाह की विशेष कृपा प्राप्त होती है। जुम्मे की नमाज मस्जिद में जमात (समूह) के साथ पढ़ी जाती है।
इससे मुस्लिम समाज में एकता, भाईचारा और समानता का संदेश मिलता है। शुक्रवार के दिन एक ऐसा समय होता है जब की गई दुआ अल्लाह जरूर कबूल करते हैं। इसलिए मुसलमान इस दिन अधिक से अधिक इबादत और दुआ करते हैं।
DISCLAIMER: यह सूचना इंटरनेट पर उपलब्ध मान्यताओं और सूचनाओं पर आधारित है। वनइंडिया लेख से संबंधित किसी भी इनपुट या जानकारी की पुष्टि नहीं करता है।












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