'सीजफायर तब तक नहीं होगा, जब तक...', ईरान ने हमले किए तेज, रख दी ये बड़ी शर्त
US Israel Iran War: ईरान ने एक बार फिर साफ कर दिया है कि युद्धविराम तभी संभव है जब अमेरिका और उसके सहयोगी हमले रोकेंगे। यानी हमले रुके बिना कोई शांति नहीं। अमेरिका और उसके सहयोगी चाहे जितना दबाव डालें, ईरान अपनी स्थिति से पीछे नहीं हटेगा।
वहीं शनिवार को इस्फाहन शहर में हुए हवाई हमले में कम से कम 15 लोगों की मौत ने तनाव और बढ़ा दिया है। इसी बीच ईरान ने खार्ग द्वीप पर अमेरिकी हमलों का कड़ा जवाब देने की धमकी दी है। ईरान के 'खातम अल-अम्बिया केंद्रीय मुख्यालय' के प्रवक्ता इब्राहिम जोलफाकारी ने कहा कि यदि ईरानी संपत्तियों पर हमला होता है, तो अमेरिकी कंपनियों से जुड़े सभी तेल, आर्थिक और ऊर्जा बुनियादी ढांचे को "राख के पहाड़ों" में बदल दिया जाएगा।

विवादास्पद खबर और स्वास्थ्य पर खिंचतान
सरकारी अखबार फर्हिख्तेगन के हवाले से यह जानकारी सामने आई कि दिवंगत सुप्रीम लीडर के सलाहकार अली शमखानी का शव बिना सिर के दफनाया गया। इस खबर ने देश के भीतर कई अटकलों को जन्म दिया।
अमेरिकी दावों का खंडन
ईरानी विदेश मंत्री अब्बास अरघची ने शनिवार को अमेरिकी दावों को पूरी तरह खारिज किया। उन्होंने स्पष्ट किया कि देश के नए सर्वोच्च नेता मोजतबा खामेनेई पूरी तरह स्वस्थ हैं और उन्हें किसी प्रकार की समस्या नहीं है। यह बयान अमेरिकी रक्षा मंत्री के उस दावे के बाद आया था, जिसमें कहा गया था कि मोजतबा गंभीर रूप से घायल हैं।
अमेरिका की चेतावनी और ईरानी प्रतिक्रिया
अमेरिका ने होर्मुज जलडमरूमध्य में ईरानी घेराबंदी की स्थिति को लेकर चेतावनी दी थी। राष्ट्रपति ट्रम्प ने आगाह किया था कि यदि यह जारी रहा, तो अमेरिकी सेना ईरानी तेल केंद्रों को निशाना बना सकती है। इसके जवाब में जोलफाकारी ने पूरे क्षेत्र में अमेरिकी हिस्सेदारी वाली कंपनियों और बुनियादी ढांचे को निशाना बनाने की धमकी दी।












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