• search
गुजरात न्यूज़ के लिए
नोटिफिकेशन ऑन करें  
Oneindia App Download

Gujarat Election 2022: गुजरात चुनाव में बीजेपी बेट द्वारका का क्यों जप रही है नाम ? जानिए

Google Oneindia News

Gujarat assembly elections 2022: गुजरात चुनाव में प्रचार करने के लिए पहुंच रहे भाजपा नेता पिछले अक्टूबर में बेट द्वारका में चले अतिक्रण हटाओ अभियान का खूब जिक्र कर रहे हैं। बेट द्वारका, द्वारका के पास एक द्वीप है, जहां भगवान श्री कृष्ण का भव्य द्वारकाधीश मंदिर है। इसके अलावा भी वहां बहुत सारे मंदिर हैं। उस दौरान बेट द्वारका के अलावा आसपास के इलाकों में भी अवैध निर्माण पर बुल्डोजर चलाए गए थे, जिसके लिए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी भी आमसभा में सार्वजनिक तौर पर मुख्यमंत्री भूपेंद्र पटेल की शांतिपूर्ण तरीके से चलाए गए इस अभियान के लिए सराहना कर चुके हैं। लेकिन, बीजेपी के लिए अब यह मुद्दा चुनावी बन चुका है।

बेट द्वारका में चले अभियान की पीएम मोदी ने की थी तारीफ

बेट द्वारका में चले अभियान की पीएम मोदी ने की थी तारीफ

इस साल 10-11 अक्टूबर को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी गुजरात के गिर सोमनाथ के पड़ोसी जिले जामनगर में एक कार्यक्रम में पहुंचे थे। उन्होंने कई सरकार प्रोजेक्ट को लॉन्च करते हुए कुछ दिन पहले बेट द्वारका द्वीप में चले अतिक्रमण हटाओ अभियान का जिक्र किया था। उन्होंने इस कार्य को बहुत ही शांतिपूर्ण तरीके से संपन्न करवाने के लिए मुख्यमंत्री भूपेद्र पटेल की सार्वजनिक तौर पर तारीफ की थी। तब शायद ही किसी ने अनुमान लगाया था कि विधानसभा चुनावों में बीजेपी के लिए यह मुद्दा भी हो सकता है। उन्होंने सीएम पटेल की सराहना करते हुए कहा था, 'लोग समुद्र तट पर अवैध निर्माण करके मौज उड़ा रहे थे....सभी साफ कर दिया गया है, शांति से.....इतनी जमीन थी और बेट द्वारका का गौरव (पुनर्स्थापित हुआ)....। मैंने संस्कृति प्रेमियों, संतों और धर्मगुरुओं के बयान देखे हैं। इससे मुझे खुशी मिली.....'

कई धार्मिक निर्माणों पर भी चले थे बुल्डोजर

कई धार्मिक निर्माणों पर भी चले थे बुल्डोजर

इंडियन एक्सप्रेस की एक खबर के मुताबिक 1 अक्टूबर को चार जिलों की पुलिस बड़ी संख्या में बेट द्वारका द्वीप पर पहुंची थी। वहां जेसीबी मशीनें और डंपर भी जुटाए गए थे। दरअसल, बेट द्वारका में एक भव्य और प्राचीन कृष्ण मंदिर है। अक्टूबर में 36 वर्ग किलोमीटर क्षेत्र में फैले बेट द्वारका में अवैध निर्माण गिराने का अभियान शुरू किया गया था। इसमें अल्पसंख्यक समुदाय के कुछ धार्मिक निर्माण भी शामिल थे। अगले हफ्ते तक करीब 100 अवैध निर्माण गिरा दिए गए, जिसमें दुकानें और घरों के अलावा अल्पसंख्यक समुदाय के दो दर्जन से ज्यादा धार्मिक निर्माण भी लपेटे में आए थे। अधिकारियों ने दावा किया कि इस अभियान की वजह से करीब 1 लाख वर्ग फीट इलाके को खाली कराया जा सका है। जब यह अभियान चल रहा था तो ओखा तट पर बसे लगभग 15,000 की आबादी वाले इस द्वीप पर लोगों की आवाजाही रोकी गई थी। बीजेपी के लिए अब यह मुद्दा चुनावी लग रहा है।

भाजपा की सभाओं में जेसीबी भी रखे जा रहे हैं

भाजपा की सभाओं में जेसीबी भी रखे जा रहे हैं

नवंबर महीने में गुजरात विधानसभा चुनाव के लिए प्रचार अभियान चल रहा है। बेट द्वारका द्वीप पर भगवान कृष्ण का श्री द्वारकाधीश मुख्य मंदिर के अलावा कई सारे मंदिर मौजूद हैं। अब यह छोटे से द्वीप की चर्चा बीजेपी के नेता चुनाव अभियानों में कर रहे हैं। जिस समय बेट द्वारका में अतिक्रमण हटाने की मुहिम चल रही थी, उसी समय में पड़ोस के पोरबंदर और गिर सोमनाथ जिले में भी कुछ दर्जन अवैध निर्माण गिराए जा रहे थे। इसमें कुछ दरगाह भी शामिल हैं। 18 नवंबर को यूपी के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ जब मोरबी जिले की एक सभा में रैली करने पहुंचे थे, तो वहां सभा स्थल के गेट पर फूलों से सजे तीन जेसीबी मशीनें लगाई गई थीं। आगे योगी पोरबंदर में भी चुनाव सभा में पहुंचे तो वहां भी चौपाटी ग्राउंड में जेसीबी रखा गया था।

अमित शाह ने फर्जी मजार हटाने का मुद्दा उठाया

अमित शाह ने फर्जी मजार हटाने का मुद्दा उठाया

अभी तक तो सिर्फ सौराष्ट्र क्षेत्र में यह मुद्दा सीमित दिख रहा था। लेकिन, मंगलवार को केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह खम्भात क्षेत्र के आणंद जिले में रैली करने पहुंचे तो वहां भी बेट द्वारका में हुए अतिक्रमण हटाओ अभियान का जिक्र किया। उन्होंने कहा, 'हमारे भूपेंद्र भाई और हर्ष भाई (गुजरात के गृहमंत्री) ने बेट द्वारका में फर्जी मजार हटा दिए। मजार के नाम पर ये सारे अतिक्रमण किए गए थे और उन्हें हटा दिया गया, लेकिन कांग्रेस ने कहा था कि हम ध्रुवीकरण कर रहे थे।' यहां उन्होंने बीजेपी सरकार के द्वारा पंचमहाल जिले में मजार को शिफ्ट करके काली माता के मंदिर पर शिखर बनाने की बात भी की।

'हमें नुकसान की भरपाई करनी होगी'

'हमें नुकसान की भरपाई करनी होगी'

बेट द्वारका में चले अतिक्रमण अभियान का वोटरों पर क्या असर पड़ेगा यह तो नतीजे के बाद ही मालूम होगा, लेकिन द्वारका विधानसभा क्षेत्र (बेट द्वारका इसी में है) से भाजपा के प्रत्याशी पबुभा मानेक का कहना है कि उन्होंने अतिक्रमण हटवाने के लए वोट गंवाने का भी जोखिम लिया है। एक चुनाव सभा में वो बोले, 'यहां तक मुझे भी नहीं पता था कि इतना ज्यादा अतिक्रमण है....उन्होंने (भाजपा नेताओं ने) हमसे पूछा कि चुनाव में यह मुझे कितना असर डालेगा। मैंने कहा कि इससे मुझपर काफी प्रभाव पड़ेगा, लेकिन इसके चलते काम को रोकना उचित नहीं होगा। इसलिए मैंने कहा कि तोड़ दीजिए।' उन्होंने लोगों से द्वारकाधीश के नाम पर वोट देने की अपील करते हुए कहा कि 'मैंने बीजेपी नेताओं से कहा है कि हम लोगों से कहेंगे कि थोड़ा ज्यादा मेहनत करें...हमें नुकसान की भरपाई करनी होगी।'

इसे भी पढ़ें- Gujarat Polls: भाजपा से क्‍यों नाराज हैं मालधारी समुदाय, जिसने BJP के खिलाफ वोट करने की दी है धमकीइसे भी पढ़ें- Gujarat Polls: भाजपा से क्‍यों नाराज हैं मालधारी समुदाय, जिसने BJP के खिलाफ वोट करने की दी है धमकी

तो इसलिए बीजेपी बेट द्वारका का जप रही है नाम ?

तो इसलिए बीजेपी बेट द्वारका का जप रही है नाम ?

वैसे मानेक ने इंडियन एक्सप्रेस को बताया कि उन्हें मुस्लिम वोट बरकरार रहने का भरोसा है। लेकिन, भाजपा के अंदर के लोगों का मानना है कि ओखा और बेट द्वारका में मानेक के कट्टर समर्थक पार्टी से दूर हो सकते हैं। एक वरिष्ठ बीजेपी नेता के मुताबिक, 'मानेक के कुछ मुस्लिम वोट चले जाएंगे।' हालांकि, उन्होंने यह भी कहा कि 'हमें उम्मीद है कि जितना नुकसान होगा, उतने गैर-मुस्लिम वोटों के एकजुट होने से भरपाई हो जाएगी, जो कि निर्णायक है।'

Comments
English summary
Gujarat Election 2022:In the election campaign, BJP leaders are talking a lot about the anti-encroachment campaign in Bet Dwarka and Okha, hoping to consolidate non-Muslim votes
देश-दुनिया की ताज़ा ख़बरों से अपडेट रहने के लिए Oneindia Hindi के फेसबुक पेज को लाइक करें
For Daily Alerts
तुरंत पाएं न्यूज अपडेट
Enable
x
Notification Settings X
Time Settings
Done
Clear Notification X
Do you want to clear all the notifications from your inbox?
Settings X
X