Dating Apps: कितने सुरक्षित हैं डेटिंग एप्स, कितना बड़ा है इनका बाजार?
Dating apps: भारतीय युवाओं में डेटिंग एप्स (Dating apps) का उपयोग दिन-ब-दिन बढ़ता जा रहा है। कुछ समय पहले तक ऐसे एप्स का चलन मेट्रो शहरों में ही सीमित था लेकिन आजकल छोटे शहरों में भी इनके बहुत यूजर्स बढ़ गए हैं।
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खास बात यह है कि इन डेटिंग एप्स के सबसे ज्यादा यूजर्स 18 वर्ष की आयु से 30 वर्ष की आयु के युवा है। डेटिंग एप्स की शुरुआत 2003 में ही हो गयी थी लेकिन इनका प्रचलन 2007 में होना शुरू हुआ। अब यह एप्स युवाओं में बेहद लोकप्रिय हैं।
आइये समझने की कोशिश करते है कि डेटिंग एप क्या होती है, इनका मार्किट कितना बड़ा है और ये कितनी खतरनाक हो सकती हैं, खासकर युवाओं के लिए।
श्रद्धा वॉकर हत्याकांड और डेटिंग एप्स
आजकल सुर्ख़ियों में चल रहे श्रद्धा वॉकर हत्याकांड में डेटिंग एप्स का नाम सामने आ रहा है। दरअसल, श्रद्धा के हत्यारे आफताब पूनावाला ने पुलिस को बताया कि 2019 में वो और श्रद्धा 'बम्बल (Bumble)' नामक डेटिंग एप के माध्यम से मुंबई में पहली बार मिले थे। इस मुलाकात के बाद दोनों ने एक-दूसरे के साथ लिव इन रिलेशन में रहना शुरू कर दिया।
पुलिस की जांच में आफताब ने बताया कि उसका और श्रद्धा का रिश्ता ज्यादा अच्छा नहीं चल रहा था और आए दिन लड़ाई होती रहती थी। उसका कहना है कि श्रद्धा उस पर शादी करने के लिए दबाव डाल रही थी, जिसके चलते दोनों में इतनी बहसबाजी हो गयी कि उसने श्रद्धा का 18 मई को कत्ल कर दिया। फिर किसी धारदार हथियार से श्रद्धा के शरीर के 35 टुकड़े कर एक-एक करके सभी को ठिकाने लगाना शुरू कर दिया।
अब दिल्ली पुलिस का कहना है कि वह इस बर्बर हत्याकांड में डेटिंग एप 'बम्बल' से भी पूछताछ करेगी और आफताब की वहां बनी प्रोफाइल को भी जाँच का हिस्सा बनाएगी। इस पूरे मामले में डेटिंग एप के प्रवक्ता का कहना है कि "बम्बल में हर कोई इस अकथनीय अपराध के बारे में सुनकर सदमे में हैं, और हम श्रद्धा वॉकर के परिवार और प्रियजनों के साथ हैं।"
धोखाधड़ी और दुष्कर्म के भी मामले
डेटिंग एप्स के जरिए गलत सूचनाएं देकर धोखा देने, दुष्कर्म और ठगी के भी कई मामले सामने आ चुके हैं। नोएडा के एक युवक ने आईटी इंजीनियर युवती से डेटिंग एप पर दोस्ती की और शादी का झांसा देकर दुष्कर्म किया। इस दौरान आरोपी ने अलग-अलग बहाने बनाकर उससे 30 लाख ठग लिए।
अक्टूबर 2021 में दिल्ली की रहने वाली दो युवतियों ने नोएडा पुलिस को बताया कि शहर में एक गिरोह सक्रिय है, जो डेटिंग एप्स पर युवतियों से दोस्ती करता है और शादी का झांसा देकर यौन शोषण करता है। यह दोनों युवतियां भी इसी गैंग का शिकार थी और आरोपियों ने उनसे 24 लाख रुपए भी ठग लिए थे।
दिल्ली के द्वारका स्थित एक होटल में 28 वर्षीय महिला से दुष्कर्म का मामला भी सामने आया है। यह घटना जून 2022 की है और महिला का दुष्कर्म करने वाले युवक से मुलाकात एक डेटिंग एप पर हुई थी।
इसी प्रकार, दिल्ली के किशनगढ़ में ऑनलाइन डेटिंग एप्स पर दोस्ती कर धोखाधड़ी करने वाले एक गैंग का भी पर्दाफाश हो चुका है। ऐसे ही, वर्ष 2021 में पुणे शहर में डेटिंग एप्स के जरिये 119 लोगों के साथ ठगी के मामलें सामने आये, जिनकी जांच पुलिस कर रही है।
डेटिंग एप्स का बढ़ता मार्केट
जनवरी 2022 की आई एक रिपोर्ट के मुताबिक वर्ष 2021 में डेटिंग एप्स का वैश्विक मार्केट लगभग $755 करोड़ का था। गौर करने वाली बात है कि 2030 तक इन एप्स का मार्केट $1,265 करोड़ तक पहुंचने की संभावना है। फिलहाल दुनियाभर में डेटिंग एप्स के 30 करोड़ से ज्यादा यूजर्स हैं जिसमें से लगभग दो करोड़ लोगों के पास इन एप्स के प्रीमियम सब्सक्रिप्शन है। यानि वे लोग पैसा देकर इन एप्स का इस्तेमाल कर रहे है। दुनियाभर में टिंडर सबसे ज्यादा इस्तेमाल किया जाने वाला डेटिंग ऐप है और इसके बम्बल का नंबर आता है।
भारत की बात करें तो डेटिंग एप्स, जैसे बम्बल, टिंडर, जैसे अन्य एप्स के लगभग 70 प्रतिशत यूजर्स छोटे शहरों में रहते हैं। पूरी दुनिया जब वैश्विक महामारी कोरोना से लड़ रही थी तब भारत में डेटिंग एप्स के यूजर्स लगभग 3 गुना बढ़ गए। यही नहीं, एक चौकाने वाला तथ्य यह भी सामने आया है कि भारतीय युवा दिन में औसतन 3:30 घंटे डेटिंग एप्स पर गुजारते हैं।
पिछले 3 वर्षों में डेटिंग एप्स का सबसे ज्यादा इस्तेमाल गुरुग्राम, चंडीगढ़, कोच्चि, जयपुर, लखनऊ, नोएडा, नागपुर, इंदौर, नवी मुंबई, बर्दवान, हावड़ा और ठाणे में देखा गया। 2020 में $323 मिलियन कमाई के साथ भारत डेटिंग ऐप्स के लिए अमेरिका के बाद दूसरा सबसे बड़ा बाजार बन गया था। वर्ष 2021 में इन एप्स की भारत से कुल कमाई $454 मिलियन तक पहुंच गयी थी। भारत में कई डेटिंग एप्स उपलब्ध हैं जैसे टिंडर, बम्बल, एस्ले, हींग, ओकेक्यूपिड, हैपन, क्वैकक्वैक और ट्रूली मैडली।
कई डेटिंग एप्स पर प्रतिबंध भी लगाया जा चुका है
29 जून 2021 को गूगल प्ले स्टोर ने बताया कि 'यौन सामग्री पर नयी प्रतिबंध पॉलिसी' के तहत वो 1 सितंबर 2021 से सभी 'शुगर डैडी' और 'शुगर डेटिंग' एप्स पर रोक लगाएगी। शुगर डैडी या शुगर डेटिंग एप्स में सामान्यतः उम्रदराज, एवं आर्थिक रूप से संपन्न पुरुष होते हैं, जो कम उम्र की लड़कियों के साथ डेटिंग कर यौन संबंध के बदले पैसा खर्च करते हैं या उन्हें महंगे तोहफे देते हैं। हालाँकि, प्ले स्टोर ने यह भी कहा कि बम्बल और टिंडर जैसे एप्स शुगर डेटिंग एप्स नहीं है और वह प्ले स्टोर पर मौजूद रहेंगे।
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