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गुर्जर आंदोलन और हिंसक हुआ, तीन और मरे (राउंडअप)

जयपुर, 31 मई (आईएएनएस)। राजस्थान में गुर्जरों द्वारा अपने को अनुसूचित जनजाति (एसटी) में शामिल किए जाने की मांग को लेकर चल रहे आंदोलन के आठवें दिन आज सवाई माधोपुर में भड़की हिंसा में तीन लोग मारे गए। मरने वालों में एक पुलिसकर्मी भी है।

हिंसा की यह घटना उस समय हुई जब कुछ वरिष्ठ गुर्जर नेता सरकार के साथ बातचीत की योजना बना रहे थे। हिंसा की ताजा घटना के बाद 23 मई से अब तक गुर्जर आंदोलन में मरने वालों की संख्या 40 हो चुकी है।

पुलिस महानिरीक्षक (भरतपुर रेंज) उमेश मिश्रा ने जानकारी दी, "गुर्जरों द्वारा मार्ग रोकने के कारण यह घटना घटी। पुलिस ने उन्हें हटाने का प्रयास किया तो उन्होंने पत्थर फेंकने शुरू कर दिए। पुलिस ने आंसू गैस छोड़ी और बाद में गोली चलानी पड़ी।"

तनावपूर्ण हालात को देखते हुए भरतपुर, दौसा, सवाई माधोपुर और करौली में सैन्य और अर्धसैन्य बल तैनात किए गए हैं।

आशंका व्यक्त की जा रही है कि इस घटना के बाद गुर्जर समुदाय अपनी मांग मनवाने के लिए और अधिक जिद पर अड़ जाएगा। उल्लेखनीय है कि गुर्जर नेताओं की आज की बैठक में गुर्जर नेता कर्नल के. एस. बैंसला और उनके सहयोगियों की रजामंदी के लिए एक प्रस्ताव तैयार किया गया है।

गुर्जर आरक्षण संघर्ष समिति के प्रवक्ता रूप सिंह ने बताया, "कुछ वरिष्ठ गुर्जर नेताओं ने समुदाय से अपील की है कि वह हिंसा का रास्ता छोड़ दें और कानून अपने हाथ में न लें।"

उन्होंने कहा, "हम अनुसूचित जनजाति की अपनी मांग को लेकर एकमत हैं। इस बारे में बैंसला के पास एक प्रतिनिधिमंडल भेजकर सरकार के साथ बातचीत की रूपरेखा तैयार करने का अनुरोध किया गया है।"

उन्होंने कहा कि सब एकमत हैं कि बातचीत की जानी चाहिए। रूप सिंह के अनुसार, "हम एक कदम उठाएंगे और सरकार को भी एक कदम आगे आना होगा।"

इसी बीच भाजपा सांसद और भरतपुर शाही परिवार के वंशज विश्वेंद्र सिंह को भाजपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष राजनाथ सिंह ने मसले को सुलझाने के लिए सहयोग करने को कहा है।

विश्वेंद्र सिंह ने कहा, "मैं यहां गुरुवार से हूं लेकिन किसी ने मुझसे संपर्क नहीं किया। मैं आज शाम दिल्ली जा रहा हूं और बयाना में खुद गुर्जरों के साथ बातचीत शुरू करूंगा।"

बैंसला अपने हजारों समर्थकों के साथ बयाना गांव में मौजूद हैं। वहां गुर्जर आंदोलन में मारे गए व्यक्तियों की लाशें भी रखी हैं। आज बैंसला को अपने 12 अन्य साथियों के साथ राजस्थान उच्च न्यायालय में अवमानना के एक मामले में हाजिर होना था, लेकिन नोटिस समय पर न मिलने के कारण वह उपस्थित नहीं हुए।

उधर मथुरा-भरतपुर सीमा पर उत्तरप्रदेश पुलिस ने आज भारतीय किसान यूनियन के नेता महेंद्र सिंह टिकैत को रोका। टिकैत अपने समर्थकों के साथ 50 गाड़ियों के काफिले सहित बैंसला के पास अपना समर्थन जताने जा रहे थे।

गौरतलब है कि गुर्जर समुदाय को राज्य में अन्य पिछड़ा वर्ग (ओबीसी) का दर्जा प्राप्त है, लेकिन वह एसटी श्रेणी में शामिल होने की मांग कर रहे हैं।

इंडो-एशियन न्यूज सर्विस।

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