Video: '20 साल और विपक्ष में रह लेंगे’, हुमायूं कबीर से 1000 की डील पर अमित शाह का ‘बाबरी’ जवाब
Amit Shah on Humayun Kabir 'Sting' Video: पश्चिम बंगाल की सियासत में चुनाव से ठीक पहले एक वायरल स्टिंग वीडियो ने माहौल गरमा दिया है और अब इस विवाद में केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह की एंट्री ने इसे और तीखा बना दिया है। हुमायूं कबीर से जुड़े कथित स्टिंग पर सवाल पूछे जाने पर अमित शाह ने साफ कहा कि भाजपा किसी भी हालत में उनके साथ नहीं जाएगी, भले ही 20 साल तक विपक्ष में क्यों न बैठना पड़े।
वायरल हुए वीडियो में हुमायूं कबीर जैसे दिखने वाला शख्स भाजपा नेताओं के साथ संपर्क और 1000 करोड़ रुपये की डील की बात करता नजर आता है। वीडियो में यह भी दावा किया गया कि यह डील तृणमूल कांग्रेस को हराने के लिए की गई थी। इसमें ये भी कहा जा रहा है कि हुमायूं कबीर को डिप्टी सीएम बनाया जा सकता है। हालांकि इस वीडियो की स्वतंत्र पुष्टि नहीं हो सकी है, लेकिन इसने सियासी हलचल जरूर बढ़ा दी है। हुमायूं कबीर ने कहा है कि ये वीडियो AI से बनाई गई है।

अमित शाह का सख्त रुख , बोले- हुमायूं कबीर और BJP नॉर्थ पोल और साउथ पोल की तरह
कोलकाता में मीडिया से बातचीत के दौरान अमित शाह ने कहा कि भाजपा और हुमायूं कबीर का कोई मेल नहीं है। उन्होंने इसे समझाने के लिए बड़ा सख्त उदाहरण दिया।
शाह ने कहा,
"हुमायूं कबीर और भाजपा नॉर्थ पोल और साउथ पोल की तरह हैं, हम कभी एक नहीं हो सकते। हम 20 साल तक विपक्ष में बैठना पसंद करेंगे, लेकिन उनके साथ नहीं जाएंगे जो बंगाल में बाबरी मस्जिद जैसी संरचना बनाने की बात करते हैं।" उनका यह बयान सीधे उस विवाद से जुड़ा है, जिसमें कबीर पहले भी बाबरी मस्जिद की तर्ज पर मस्जिद बनाने की बात को लेकर चर्चा में आ चुके हैं।
अमित शाह ने इस मुद्दे पर पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी पर भी निशाना साधा। उन्होंने कहा कि ममता बनर्जी ऐसी 2000 वीडियो तैयार करवा सकती हैं।
शाह का इशारा इस बात की ओर था कि यह स्टिंग वीडियो राजनीतिक साजिश का हिस्सा हो सकता है। उन्होंने कहा कि लोग ममता बनर्जी की 'क्षमताओं' को कम आंकते हैं और इस तरह के वीडियो बनवाना उनके लिए मुश्किल नहीं है। हुमायूं कबीर के इस वीडियो को TMC ने अपने अधिकारिक एक्स हैंडल पर शेयर किया है।
पश्चिम बंगाल के नेता प्रतिपक्ष और BJP उम्मीदवार सुवेंदु अधिकारी ने कहा,
''ममता बनर्जी झूठ की रानी हैं। ममता बनर्जी पर भरोसा करना मुश्किल है, वे बार-बार झूठ बोलती हैं। सच तो यह है कि खुद सवालों में घिरी हैं और अब दूसरों पर आरोप लगा रही हैं।''
हुमायूं कबीर ने भी इससे पहले मीडिया से बात करते हुए कहा कि वो ममता बनर्जी और टीएमसी को इस फेक वीडियो के लिए हाई कोर्ट तक ले जाएंगे। उन्होंने साफ-साफ कहा है कि ये वीडियो AI के इस्तेमाल से बनाई गई है।
TMC vs BJP: आरोप-प्रत्यारोप (Political War Intensifies)
तृणमूल कांग्रेस ने इस वीडियो के आधार पर भाजपा और हुमायूं कबीर पर गंभीर आरोप लगाए हैं। वहीं भाजपा और कबीर दोनों ने इसे फर्जी बताते हुए खारिज कर दिया है। भाजपा नेताओं का कहना है कि यह वीडियो विपक्ष की साजिश है, जबकि कबीर ने दावा किया है कि यह AI के जरिए बनाया गया है।
हुमायूं कबीर ने इस पूरे मामले को सिरे से नकारते हुए कहा कि यह उनकी छवि खराब करने की कोशिश है। उन्होंने कहा कि अगर तृणमूल कांग्रेस इस वीडियो को लेकर कोई ठोस सबूत पेश नहीं करती, तो वे मानहानि का केस दर्ज करेंगे। कबीर ने यह भी आरोप लगाया कि मुस्लिम वोट बैंक खोने के डर से TMC इस तरह की साजिश कर रही है।
AIMIM ने तोड़ा साथ
इस विवाद का सबसे बड़ा राजनीतिक असर यह हुआ कि असदुद्दीन ओवैसी की पार्टी AIMIM ने हुमायूं कबीर की पार्टी आम जनता उन्नयन पार्टी (AJUP) से अपना गठबंधन तोड़ दिया। दोनों पार्टियों ने हाल ही में साथ मिलकर चुनाव लड़ने का ऐलान किया था, लेकिन इस विवाद के बाद AIMIM ने दूरी बना ली।
चुनाव से ठीक पहले इस तरह का विवाद सामने आना कई संकेत देता है। एक तरफ भाजपा इस मुद्दे के जरिए खुद को साफ छवि वाली पार्टी के तौर पर पेश कर रही है, वहीं तृणमूल इसे भाजपा की रणनीति बता रही है। ऐसे में यह मामला सिर्फ एक स्टिंग वीडियो तक सीमित नहीं रह गया है, बल्कि यह चुनावी नैरेटिव का हिस्सा बन चुका है।
हुमायूं कबीर स्टिंग विवाद अब बंगाल चुनाव की बड़ी कहानी बन चुका है। अमित शाह के बयान ने यह साफ कर दिया है कि भाजपा इस मामले में दूरी बनाए रखना चाहती है और इसे राजनीतिक रूप से भुनाने की भी कोशिश कर रही है। अब देखना होगा कि यह मुद्दा वोटरों को कितना प्रभावित करता है और चुनावी नतीजों में इसकी कितनी गूंज सुनाई देती है।












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