Bengal Job scam: आपदा में अवसर खोज रहीं ममता? सुप्रीम कोर्ट के फैसले के बाद कैसे BJP को घेरने में जुट गईं?
Bengal Job scam: बंगाल के शिक्षक भर्ती घोटाले पर सुप्रीम कोर्ट के फैसले के बाद मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने इस पर कड़ी प्रतिक्रिया दी है। उन्होंने कहा कि वह इस फैसले को मानेंगी, लेकिन इससे सहमत नहीं हैं। उनका कहना है कि यह निर्णय मानवीय दृष्टिकोण से उचित नहीं है, क्योंकि इससे हजारों शिक्षक बेरोजगार हो जाएंगे।
ममता बनर्जी ने एक प्रेस कॉन्फ्रेंस में कहा, 'हालांकि मैं न्यायपालिका और न्यायाधीशों का पूरा सम्मान करती हूं, लेकिन मानवीय दृष्टिकोण से मैं इस फैसले को स्वीकार नहीं कर सकती।' उन्होंने आगे कहा कि उनकी सरकार इस फैसले का पालन करेगी और कानूनी विकल्पों की तलाश करेगी।

Bengal Teacher recruitment scam: घोटाले के आरोपी पूर्व शिक्षा मंत्री के जेल में होने का दिया हवाला
तृणमूल सुप्रीमो ने यह भी स्पष्ट किया कि इस मामले में उनके पूर्व शिक्षा मंत्री पार्था चटर्जी पहले से ही जेल में हैं। साथ ही, उन्होंने बीजेपी पर निशाना साधते हुए सवाल किया कि मध्य प्रदेश के व्यापम घोटाले में कितने बीजेपी नेताओं को गिरफ्तार किया गया था?
Bengal Job scam: सुप्रीम कोर्ट का फैसला क्या कहता है?
दरअसल, सुप्रीम कोर्ट ने कलकत्ता हाईकोर्ट के 22 अप्रैल 2024 के आदेश को बरकरार रखते हुए 25,753 शिक्षकों और अन्य कर्मचारियों की नियुक्तियों को रद्द कर दिया है। अदालत ने पश्चिम बंगाल सरकार को निर्देश दिया कि वह अगले तीन महीनों के भीतर नई भर्ती प्रक्रिया शुरू करे और पूरी करे।
Bengal Job scam: बीजेपी ने ममता के इस्तीफे की मांग की
सुप्रीम कोर्ट के इस फैसले के बाद बंगाल बीजेपी ने मुख्यमंत्री ममता बनर्जी से इस्तीफे की मांग की है। केंद्रीय शिक्षा राज्य मंत्री और पश्चिम बंगाल बीजेपी अध्यक्ष सुकांत मजूमदार ने आरोप लगाया कि यह 'बड़े पैमाने पर भ्रष्टाचार' का मामला है और ममता बनर्जी को इसकी पूरी जिम्मेदारी लेते हुए इस्तीफा देना चाहिए।
Mamata Banerjee on Bengal Job scam: ममता बनर्जी की रणनीति: आपदा में अवसर?
ममता बनर्जी जानती हैं कि अगले साल होने वाले पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव को देखते हुए, सुप्रीम कोर्ट का फैसला उन्हें राजनीतिक तौर पर मुश्किलों में डाल सकता है।
इसलिए, अब वह इस फैसले को अपने पक्ष में मोड़ने की कोशिश कर रही हैं। उन्होंने कहा कि वह उन शिक्षकों से मिलेंगी, जिनकी नौकरियां चली गई हैं, और उन्हें आश्वासन देंगी कि वे अभी भी उम्मीद न खोएं।
उन्होंने यह कहकर सुप्रीम कोर्ट के फैसले से असहमति भी जताई है कि यह मानवीय दृष्टिकोण से सही नहीं है। ममता इस मुद्दे को एक नए राजनीतिक नैरेटिव के रूप में गढ़ने में जुट गई हैं और इसे बीजेपी के खिलाफ हथियार बनाना चाहती हैं, ताकि इसके माध्यम से राज्य के मतदाताओं की सहानुभूति जीताजा सके, जबकि आरोपों के घेरे में उनकी ही अपनी सरकार है। (इनपुट-पीटीआई)












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